भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

आरयू… अब जिस विषय में छात्र, उसी में शिक्षक:40 साल बाद पोस्ट...




परंपरागत व कम छात्र वाले विषयों में शिक्षक के पद घटाए
रांची यूनिवर्सिटी में 4 दशक से चल रहे उच्च शिक्षा प्रशासनिक और एकेडमिक ढांचे को सरकार ने एक झटके में बदल दिया है। यूनिवर्सिटी व कॉलेजों के शिक्षकों के स्वीकृत पदों का ऐसा पुनर्गठन किया गया है, जो सिर्फ संख्या का फेरबदल नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम का रीसेट है। अब विश्वविद्यालय का नया मंत्र साफ है- जहां छात्र, वहीं शिक्षक। राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 और चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम लागू होने के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर पदों को रेशनलाइज किया गया है। मल्टीडि​िसप्लीनरी व स्किल बेस्ड शिक्षा के दौर में यूनिवर्सिटी ने पारंपरिक ‘फिक्स्ड पोस्टिंग’ मॉडल को खत्म कर डायनामिक स्टाफिंग सिस्टम लागू किया है। जिसमें कम नामांकन वाले विषयों से पद सरेंडर कर डिमांड वाले विषयों में पद सृजत किए गए हैं। आपके द्वारा दिए गए आंकड़ों में मात्राओं की अशुद्धियों को सुधारकर, उन्हें अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित तरीके से नीचे प्रस्तुत किया गया है: शिक्षक, स्टाफ व अधिकारियों के पदों का विवरण (कुल 153 पद घटे) 1. शिक्षकों के पद (144 पद बढ़े) अभी कुल पद: 1209 रिवाइज (संशोधित) के बाद पद: 1353 पद सरेंडर हुए: 497 नए सृजित पद: 641 कुल बढ़ोतरी: 144 2. कर्मचारियों के पद (297 पद घटे) अभी कुल पद: 1474 रिवाइज (संशोधित) के बाद पद: 1177 सरेंडर किए गए पद: 1354 नए सृजित पद: 1057 कुल कमी: 297 कैडर वार बड़ा बदलाव
प्रोफेसर : 47 से घटकर 42 पद हो गए। जबकि 18 पद सरेंडर कर दिए गए हैं। यानि पहले से 5 कम।
एसोसिएट प्रोफेसर : कुल पद 121 से बढ़कर 153 हो गए। 72 पद सरेंडर कर दिए गए, जबकि 104 नए सृजित हुए हैं। यानी पहले से 32 पद अधिक हो गए।
असिस्टेंट प्रोफेसर : 1041 से बढ़कर पद 1158 हो गए हैं। 407 पद सरेंडर, 524 नए सृजित किए गए। कई विषयों में शिक्षकों के पद कम किए
विवि व कॉलेजों में जिन विषयों में छात्रों की संख्या कम है, उनमें पदों में कटौती गई है। इसमें सबसे अधिक असर वाले विषयों में बांग्ला, संस्कृत, उड़िया शामिल हैं। वहीं बढ़ोतरी वाले विषयों में कंप्यूटर साइंस, एनवायर्नमेंट साइंस, स्किल और इंटरडिसिप्लिनरी समेत अन्य विषय शामिल हैं। अब रोजगारपरक और भविष्य उन्मुख शिक्षा की ओर स्पष्ट झुकाव दिखा रहा है। आरयू : 14 कॉलेजों -पीजी विभागों में 766 पद थे, रिवाइज के बाद 1353 हो गए
आरयू के अंतर्गत पहले 14 अंगीभूत कॉलेज थे। इनमें शिक्षकों के कुल 766 स्वीकृत पद थे। छात्रों की संख्या बढ़ने के बाद भी पदों की संख्या में वृद्धि नहीं हुई थी। इतना ही नहीं, नए मॉडल और डिग्री कॉलेजों की स्थापना हुई। इनमें नए पद सृजित किए गए हैं। पहले के 14 कॉलेजों और पीजी विभागों में शिक्षकों के पदों को री-डिस्ट्रिब्यूट किया गया है। रिवाइज किए जाने के बाद शिक्षकों के कुल पद 1353 हो गए।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top