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नदी के पत्थरों पर बैठकर मालपुआ-समोसे का आनंद, चारों ओर घना जंगल…ये...


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Ranchi Best Place To Visit Kanchi River: रांची की कांची नदी दोस्तों के साथ चिल करने के लिए बेस्ट प्लेस है. यह जगह कम एक्स्प्लोर हुई है इसलिए यहां आमतौर पर भीड़ नहीं मिलती. घने जंगल, गर्मी में भी शहर की तुलना में कम तापमान और कम पानी वाली नदी. यहां पत्थरों पर बैठकर आप शांति-सुकून को गहराई से अनुभव कर सकते हैं.

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रांची. झारखंड की राजधानी रांची से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है कांची नदी. यह नदी एकदम घने जंगल के बीच से गुजरती है और यहां का नजारा ऐसा होता है कि गर्मी के दिनों में पानी का स्तर काफी कम होता है. जिस वजह से नदी के अंदर के पत्थरों पर लोग आराम से बैठकर जंगल के बीच का मजा लेते हैं. यहां पर टेंपरेचर 10 से 15 डिग्री तक कम होता है.

यहां पर आपको शॉल तक की जरूरत पड़ जाएगी. शहर के शोर-शराबे से दूर, प्रकृति के बीच कोई शांत जगह तलाश रहे हैं तो यहां आ सकते हैं. यहां आपको नेचर के वे सारे एलिमेंट मिलेंगे जो दिल को सुकून देते हैं. यहां आने पर बगल से नदी, घने जंगल, एकदम सुनसान, कोई परिंदा पर मारने वाला नहीं.

कैंपिंग का भी ले सकते हैं मजा
यहां पर आप कैंपिंग का भी मजा ले सकते हैं. खासतौर पर ऐसे युवा, जो शहर से बाहर जंगल जैसा इलाका तलाश रहे हैं, उनके लिए यह एरिया बेस्ट है. यह अधिक एक्सप्लोर नहीं किया गया है. इसलिए यहां पर आपको ज्यादा डेवलेपमेंट नहीं दिखेगा हालांकि खूबसूरती का कोई सानी नहीं है. यहां पर आप आते हैं, तो आपको लगेगा कि आप शिमला या मनाली आ चुके हैं. बाहर अगर 40 डिग्री टेंपरेचर है, तो यहां पर 30 डिग्री ही होगा.

कैसे पहुंचें यहां
इस जगह पर पहुंचने के लिए आपको आना है रांची के टोरेन वर्ल्ड स्कूल. आप गूगल मैप में टोरेन वर्ल्ड स्कूल डाल दीजिए और वहां तक आ जाइए. फिर वही रास्ता पकड़कर आप किसी से भी पूछ लीजिए कि आपको कांची नदी के पास जाना है, वह आपको बता देंगे. यहां से जाने का भी रास्ता इतना खूबसूरत है, दोनों तरफ जंगल और बीच में पतली पक्की और चकाचक सड़क. ड्राइविंग का भी मजा यहां चार गुना बढ़ जाता है.

थोड़ी दूर पर गांव में लगता है बाजार
इस जंगल से थोड़ी सी दूर बाहर निकलेंगे, तो आपको खाली मैदान मिलेगा. जहां पर गांव वाले शाम के वक्त 4:00 बजे बाजार लगाते हैं. जहां गरम मालपुआ, समोसा, झालमुड़ी, ऐसी सारी चीजें मिलेंगी और खास बात है कि यह सब आपकी आंखों के सामने लकड़ी के चूल्हे पर बनाया जाता है.

ऐसे में जंगल के बीचों-बीच बैठकर खाने का अपना अलग ही मजा है. बस इतना ध्यान रखना है कि आपको अकेले बिल्कुल भी नहीं आना है, कम से कम दो-तीन लोगों को साथ में लेकर आएं. दरअसल इलाका थोड़ा सुनसान पड़ता है तो सेफ्टी के लिहाज से ग्रुप में आएं और अंधेरा होने के पहले निकल जाएं.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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