Bengal ke urban seats par kaun jeet raha hai: बंगाल का किला अगर जीतना है तो उसके ग्रामीण और शहरी दोनों मूड को समझना जरूरी है. आज पश्चिम बंगाल चुनाव रिजल्ट में शहरी सीटों पर कौन जीत रहा है, इसका फैसला हो रहा है. बंगाल में वोटों की काउंटिंग शुरू हो चुकी है, यहां टीएमसी 47 सीटों पर जबकि बीजेपी 55 सीटों पर आगे चल रही है. आइए जानते हैं कि यहां की शहरी सीटों पर कौन जीत रहा है?
कोलकाता और आसपास के इलाकों में पुराना रिकॉर्ड
पश्चिम बंगाल के शहरी क्षेत्रों, खासकर कोलकाता, हावड़ा, हुगली और सॉल्ट लेक जैसे इलाकों में त्रिणमूल कांग्रेस (TMC) का लंबे समय से दबदबा रहा है. 2021 विधानसभा चुनाव में TMC ने कोलकाता-हावड़ा बेल्ट की अधिकांश शहरी सीटों पर क्लीन स्वीप किया था. BJP को इन क्षेत्रों में सीमित सफलता मिली. कोलकाता म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) के 2021 चुनाव में TMC ने 144 में से 134 वार्ड जीते, जबकि BJP सिर्फ 3 पर सिमट गई.
2024 लोकसभा में BJP की घुसपैठ
2024 लोकसभा चुनावों में शहरी मतदाताओं में बदलाव दिखा. TMC ने कुल 29 सीटें जीतीं, लेकिन कोलकाता के कई वार्डों और असेम्बली सेगमेंट्स में BJP ने लीड हासिल की. श्यामपुकुर, जोड़ासांको जैसे इलाकों में TMC पिछड़ गई. BJP ने शहरी मध्य वर्ग के मुद्दों बेरोजगारी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सिविक सुविधाओं पर फोकस किया, जिससे TMC की पारंपरिक पकड़ में दरार पड़ी.
2026 के रुझान और शहरी समीकरण
2026 विधानसभा चुनावों के एक्जिट पोल्स और शुरुआती रुझानों में शहरी सीटों पर BJP की बढ़ती ताकत दिख रही है. ग्रेटर कोलकाता, हावड़ा और हुगली जैसे इलाकों में BJP ने TMC के पारंपरिक गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश की. Phase-2 मतदान, जो मुख्य रूप से शहरी-औद्योगिक क्षेत्रों में हुआ, में उच्च टर्नआउट BJP के पक्ष में जा सकता है. TMC अभी भी भवानीपुर जहां से ममता मैदान में हैं, टॉलीगंज, रासबेहरी जैसी प्रमुख शहरी सीटों पर भरोसा जताती है, जहां ममता बनर्ती (Mamata Banerjee) की व्यक्तिगत लोकप्रियता और स्थानीय कल्याण योजनाएं काम करती हैं.
क्या बीजेपी इतिहास रचने के करीब
TMC की ताकत शहरी गरीबों, अल्पसंख्यक वोट और संगठनात्मक नेटवर्क में है. वहीं BJP हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण, केंद्र की योजनाओं और शहरी युवाओं के असंतोष का फायदा उठा रही है. पुराने आंकड़ों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में TMC अभी आगे है, लेकिन BJP का वोट शेयर बढ़ा है. कोलकाता-हावड़ा बेल्ट की 28-30 सीटों पर नजर टिकी है, ये सीटें पूरे राज्य के परिणाम तय कर सकती हैं.
ऐसे में शहरी बंगाल में टीएमसी की दीवार अब पहले जितनी मजबूत नहीं रही. BJP की रणनीति अगर सफल हुई तो 2026 में शहरी सीटों पर बड़ा उलटफेर संभव है. हालांकि, TMC की ग्रासरूट मौजूदगी अभी भी चुनौतीपूर्ण है. हालांकि आज आंकड़े बीजेपी के पक्ष में हैं.