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घरों में बर्तन मांजने वाली मह‍िला बन गई व‍िधायक, बीजेपी नेता कलिता...


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घरों में बर्तन मांजने वाली मह‍िला बन गई MLA, बीजेपी नेता कलिता माझी की कहानी

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औसग्राम सीट पर बीजेपी की कलिता माझी ने तृणमूल के श्यामा प्रसन्न लोहार को 12535 वोट से हराया. राजनीति में आने से पहले वह घरेलू कामगार के तौर पर काम करती थी. लेकिन अब कलिता माझी विधायक बन चुकी है.

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घरों में बर्तन मांजने वाली मह‍िला बन गई MLA, बीजेपी नेता कलिता माझी की कहानीZoom

कलिता माझी औसग्राम सीट से जीत गई हैं. (फाइल फोटो)

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक ऐसी कहानी उभरी है, जो सिर्फ जीत-हार से कहीं आगे जाकर उम्मीद, संघर्ष और बदलाव की मिसाल बन गई. बीजेपी की कलिता माझी ने, तृणमूल कांग्रेस के श्यामा प्रसन्न लोहार को हराकर औसग्राम (SC) विधानसभा क्षेत्र संख्या 273 में जीत हासिल की है. कलिता माझी ने श्यामा प्रसन्न को 12,535 वोटों के अंतर से हराया.

कलिता माझी को कुल 107692 वोट मिले, जबकि श्यामा प्रसन्न को 95157 वोटों से ही संतुष्ट करना पड़ा. इसके अलावा सीपीआई (एम) के चंचल कुमार माझी को 16478, कांग्रेस के तापस बराल को 2082 और निर्दलीय उम्मीदवार निहार कुमार हाजरा को महज 994 वोट ही मिल सके.

बीजेपी सांसद पी. सी. मोहन ने ‘एक्स’ पर लिखा, “बीजेपी बंगाल की उम्मीदवार कलिता माझी, जो 4 घरों में घरेलू कामगार के तौर पर काम करती हैं और महीने के ₹2,500 कमाती हैं, ने औसग्राम निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है. यही बीजेपी की ताकत है, जहां एक आम नागरिक भी आगे बढ़ सकता है और एक सचमुच प्रेरणादायक कहानी लिख सकता है.”

औसग्राम सीट से बीजेपी उम्मीदवार कलिता माझी (Kalita Majhi) की जीत ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में आम आदमी की ताकत क्या होती है. चार घरों में घरेलू काम करके हर महीने महज 2,500 रुपये कमाने वाली कलिता माझी का सफर आसान नहीं रहा.

रोज़मर्रा की ज़िंदगी की चुनौतियों से जूझते हुए उन्होंने कभी यह नहीं सोचा होगा कि एक दिन वे विधानसभा तक पहुंचेंगी. लेकिन यही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती है, जहां जमीन से जुड़ा एक साधारण नागरिक भी अपनी मेहनत और हौसले के दम पर इतिहास रच सकता है.

औसग्राम जैसे क्षेत्र में, जहां लंबे समय से पारंपरिक राजनीति का असर रहा है, वहां कलिता माझी की जीत सिर्फ एक सीट की जीत नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का संकेत भी मानी जा रही है. यह जीत उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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