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Jharkhand Political News: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद राष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है. असम, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में मिली जीत के बाद भाजपा का फोकस अब झारखंड पर जाता दिख रहा है. पार्टी प्रवक्ता अजय आलोक ने झारखंड में बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत दिए हैं.

असम जीत के बाद झारखंड पर BJP का फोकस, प्रवक्ता अजय आलोक के बयान से बढ़ी सियासी हलचल
पटना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में ही बंगाल चुनाव के दौरान कहा था कि गंगोत्री से गंगासागर तक सभी राज्यों में कमल खिला है. लेकिन, पूर्वी क्षेत्र में झारखंड ऐसा राज्य है जहां इंडि गठबंधन की सरकार है. अब जब पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद देश की सियासत गरमा गई है. विशेष रूप से असम, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों में भाजपा की जीत ने झारखंड की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने झारखंड को लेकर जो संकेत किए हैं इसने नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है कि क्या अब अगला नंबर हेमंत सोरेन सरकार का है. उन्होंने प्रतीकात्मक भाषा में कहा कि “गंगोत्री से गंगासागर के मार्ग में झारखंड का बांध जल्द टूटने वाला है”. अब उनके इस बयान को हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ संभावित राजनीतिक आक्रामकता और रणनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
अजय आलोक का बड़ा संकेत
बीजेपी प्रवक्ता अजय आलोक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर असम की जीत का जिक्र करते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस गठबंधन पर तीखा प्रहार किया है. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि असम में जिस तरह से कांग्रेस की ‘लंका’ में आग लगी है, उसके सूत्रधार बधाई के पात्र हैं. अजय आलोक ने प्रतीकात्मक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि “गंगोत्री से गंगासागर के मार्ग में झारखंड का बांध अब जल्द ही टूटने वाला है.” इसके साथ ही अजय आलोक ने असम में झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवारों की सूची जारी की है जिसमें उनको मिले वोटों की संख्या बताई गई है. ऐसे में इसकी सूची साझा करने और उनके इस बयान को झारखंड में सत्ता में संभावित उथल पुथल के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
अजय आलोक का ‘एक्स’ पोस्ट से बड़ा इशारा, बंगाल, असम-पुडुचेरी के बाद अब झारखंड की बारी, हेमंत सोरेन की सरकार पर साधा निशाना.
असम और पुडुचेरी की जीत से उत्साहित बीजेपी
दरअसल, असम में बीजेपी की सत्ता में वापसी और पुडुचेरी में एनडीए की मजबूती ने भगवा खेमे में नया उत्साह भर दिया है. अजय आलोक के बयान से साफ है कि बीजेपी अब अपना पूरा ध्यान झारखंड पर केंद्रित करने वाली है. बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि पड़ोसी राज्यों के चुनावी नतीजों का असर झारखंड की जनता पर भी पड़ेगा. पार्टी प्रवक्ता ने अपने बयान के जरिए कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने की कोशिश की है कि झारखंड में भी जल्द ही बड़े राजनीतिक बदलाव की पटकथा लिखी जाएगी.
हेमंत सोरेन सरकार के लिए चुनौती
झारखंड में वर्तमान में जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी के गठबंधन की सरकार है, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कर रहे हैं. अजय आलोक ने सीधे तौर पर हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा से कांग्रेस गठबंधन की नीतियों को लेकर सवाल उठाए हैं. बता दें बीजेपी लगातार राज्य में भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सोरेन सरकार को घेरती रही है. अब चुनावी जीत के बूते बीजेपी ने झारखंड में अपनी सक्रियता बढ़ाने और गठबंधन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का स्पष्ट संकेत दे दिया है.
क्या टूटेगा झारखंड का ‘राजनीतिक बांध’?
अजय आलोक का ‘बांध खत्म होने’ वाली बात झारखंड की गठबंधन सरकार में संभावित दरार या भविष्य में होने वाले चुनाव की ओर इशारा करता है. राजनीति के जानकारों का मानना है कि बीजेपी अब झारखंड में ‘ऑपरेशन लोटस’ या फिर जनता के बीच जाकर सरकार की विफलताओं को उजागर करने की रणनीति पर काम कर रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की उम्मीद है.
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