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Flat Transfer Fee : यूपी रेरा ने मकान खरीदारों और कानूनी उत्तराधिकारियों को बड़ी राहत दी है .रेरा के चेयरमैन ने बताया कि अभी तक बिल्डर और डेवलपर मकान मालिक की मौत के बाद उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को संपत्ति ट्रांसफर करने के नाम पर लाखों रुपये वसूलते थे, लेकिन अब इसकी फीस अधिकतम 1,000 रुपये होगी.

यूपी रेरा ने उत्तराधिकारियों के लिए संपत्ति ट्रांसफर फीस तय कर दी है.
नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) ने फ्लैट के मूल आवंटी की मृत्यु के बाद कानूनी उत्तराधिकारियों को फ्लैट ट्रांसफर करने के लिए अधिकतम शुल्क 1,000 रुपये तय किया है. इस फैसले से प्रदेश में घर खरीदारों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है. यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूरेड्डी ने बताया कि अब डेवलपर्स या प्रमोटर्स को मृत आवंटी के पति/पत्नी, बेटे या बेटी को फ्लैट ट्रांसफर करना अनिवार्य होगा, जिसके लिए केवल 1,000 रुपये का नाममात्र प्रोसेसिंग शुल्क लिया जाएगा.
यूपी रेरा के 10 साल पूरे होने उन्होंने कहा कि अथॉरिटी को कई शिकायतें मिली थीं, जिनमें बिल्डर्स मनमाने शुल्क वसूल रहे थे. कई बार प्रति वर्ग फुट के हिसाब से भी, जिससे यह रकम लाखों रुपये तक पहुंच जाती थी. कुछ मामलों में शुल्क 200 रुपये से 1,000 रुपये प्रति वर्ग फुट तक था, जिससे कुल राशि 25–30 लाख रुपये हो जाती थी. यह अनुचित है, खासकर जब आवंटी ने फ्लैट की पूरी कीमत पहले ही चुका दी है.
रेरा ने बदल दिए हैं नियम
उन्होंने बताया कि इन शिकायतों के बाद, प्रशासनिक और मानक शुल्क से संबंधित रेगुलेशन 47 में संशोधन किया गया है, ताकि उत्तराधिकार या आवंटन ट्रांसफर के मामलों में प्रमोटर्स की ओर से वसूले जाने वाले शुल्क को नियंत्रित किया जा सके. संशोधित प्रावधानों के तहत रक्त संबंधों के भीतर कानूनी उत्तराधिकारियों को फ्लैट ट्रांसफर करने पर अधिकतम प्रोसेसिंग शुल्क 1,000 रुपये होगा. इससे राहत मिलेगी और मकान के उत्तराधिकारियों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा.
क्या-क्या दस्तावेज जमा कराना होगा
कानूनी उत्तराधिकारी को मृत्यु प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकरण द्वारा जारी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र और अन्य कानूनी उत्तराधिकारियों की अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे. परिवार के बाहर किसी व्यक्ति को फ्लैट ट्रांसफर करने पर प्रमोटर अधिकतम 25,000 रुपये शुल्क ले सकता है. ऐसे मामलों में कोई नई बिक्री विलेख या लीज एग्रीमेंट नहीं बनाई जाएगी. अधिकारियों ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य बिल्डर्स की अनुचित प्रथाओं पर रोक लगाना और आवंटी की मृत्यु के बाद संपत्ति अधिकार ट्रांसफर की प्रक्रिया को पारदर्शी और स्टैंडर्ड बनाना है.
प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा रियल एस्टेट कारोबार
चेयरमैन ने बताया कि राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर में लगातार वृद्धि हो रही है. आंकड़ों के अनुसार, साल 2023 में 197 नए प्रोजेक्ट्स रजिस्टर हुए, साल 2024 में 259 और साल 2025 में 308 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर हुए, जिससे निवेशकों की भागीदारी बढ़ती दिख रही है. 2026 के पहले चार महीनों में ही 106 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर हो चुके हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 84 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर हुए थे. लखनऊ अब एनसीआर के बाहर सबसे तेज से बढ़ता प्रॉपर्टी बाजार बन गया है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें