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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य की विधि-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन अपराध नियंत्रण के लिए सतर्क रहें। इसमें कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था, महिला एवं बाल सुरक्षा और लंबित मामलों को निपटाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नक्सल गतिविधियों पर नजर रखें। कानून-व्यवस्था की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखें और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि शहर से सटे क्षेत्रों में अक्सर जमीन संबंधी अपराध होते हैं। इसलिए शहरी क्षेत्र से सटे इलाकों में जमीन संबंधी विवादों को निपटाने पर विशेष ध्यान दें। पुलिस अधिकारी भू-माफिया को संरक्षण न दे। जमीन विवाद के मामले पर पुलिस कड़ी कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि हिरासत के दौरान मौत या किसी प्रकार की यातना को सरकार पूरी गंभीरता से लेगी इसलिए हर स्तर पर संवेदनशील बने रहें। लापता बच्चों और महिलाओं की सुरक्षित रिकवरी करें, क्योंकि आमजनों को भयमुक्त वातावरण देना सरकार की प्राथमिकता है। नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई करें उन्होंने कहा कि नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। इन अपराधियों के खिलाफ मुहिम चलाकर उनकी सप्लाई चेन तोड़ें। उन जगहों को जरूर चिह्नित करें, जहां नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री होती है। । स्कूल-कॉलेज और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों वाले संस्थान के आसपास नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वालों पर पैनी नजर रखें। अफीम की खेती को हर हाल में रोकें। खूंटी, चतरा और रांची जिले में विशेष रूप से ध्यान दें। एसपी-डीएसपी ड्यूटी टाइम में ऑफिस में रहें मुख्यमंत्री ने कहा कि एसपी-डीएसपी और प्रभारी अधिकारी निर्धारित समय पर अपने कार्यालय में रहें और जनता के साथ निरंतर संवाद करते रहें। उनकी समस्याओं का त्वरित गति से निष्पादन करें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को कहा कि वे शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र का भी आवश्यक दौरा करें और वहां आम जनता के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान निकालें।
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