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Miyazaki Mangoes: झारखंड के पलामू जिले में अब दुनिया के सबसे महंगे और चर्चित आमों में शुमार जापानी प्रजाति मियाजाकी आम की खेती शुरू हो गई है. इसे ‘एग ऑफ द सन’ यानी सूरज का अंडा भी कहा जाता है. यह आम अपने गहरे लाल रंग, चमकदार छिलके, रेशारहित गूदे और बेहद मीठे स्वाद के लिए दुनियाभर में मशहूर है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लाखों रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है, जिस कारण यह लग्जरी फ्रूट की श्रेणी में आता है. अब यही खास आम पलामू की धरती पर फलने लगा है, जिससे इलाके के किसान और बागवानी प्रेमियों में उत्साह देखा जा रहा है.
पलामू जिले के रहने वाले प्रगतिशील किसान सतीश दुबे ने इस अनोखे आम को अपने बागान में तैयार किया है. उन्होंने बताया कि गूगल और सोशल मीडिया पर मियाजाकी आम के बारे में जानकारी मिलने के बाद इसे लगाने का विचार आया.
सतीश दुबे अपने फार्म में कई तरह के पेड़-पौधों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं और अब तक आम की करीब 40 किस्में लगा चुके हैं. इसी दौरान उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की यात्रा के समय उन्हें एक नर्सरी में मियाजाकी आम का पौधा मिला, जहां से वे 15 हजार रुपये में दो पौधे खरीदकर पलामू लाए.
सतीश दुबे ने लोकल18 को बताया कि इनमें से एक पौधा खराब हो गया, लेकिन दूसरा पौधा अब तीन साल का हो चुका है और उसमें पहली बार फल लगना शुरू हुआ है. सतीश दुबे ने बताया कि उन्होंने जिंदगी में पहली बार इस आम का फल अपने ही बागान में देखा है.
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उनका कहना है कि संभवतः पलामू जिले में यह पहला पौधा है, जिसमें मियाजाकी आम फल रहा है. फल को देखकर आसपास के लोग भी हैरान हैं और इसे देखने के लिए बागान पहुंच रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अभी फल पूरी तरह पकने का इंतजार है, जिसके बाद इसका स्वाद चखा जाएगा. यदि जलवायु और उत्पादन बेहतर रहा तो आने वाले समय में इसका मदर प्लांट तैयार कर किसानों को भी उपलब्ध कराया जाएगा.
इससे पलामू के किसानों को पारंपरिक खेती के साथ हाई वैल्यू हॉर्टिकल्चर का नया विकल्प मिल सकता है. ऐसे महंगे और विदेशी फलों की सफल खेती होती है, तो पलामू की पहचान राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बन सकती है.