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राशन की दुकान संभालते हुए कृष बने टॉपर, बोले – अभाव को ताकत बनाएं, बहाना नहीं

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JAC Commerce Topper Tips For Students: जैक बोर्ड 12वीं कॉमर्स में कृष झारखंड के सेकंड टॉपर बने हैं. उन्होंने अपनी पढ़ाई की तरीका साझा किया. कृष ने साफ किया कि परेशानियों और अभावों के साथ भी अच्छा परफॉर्म किया जा सकता है. वे खुद राशन की दुकान पर बैठते थे और साथ-साथ पढ़ाई करते थे.

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रांची. जैक बोर्ड 12वीं के रिजल्ट की घोषणा हो चुकी है. इस बार कॉमर्स स्ट्रीम से कृष ने राज्य में दूसरा स्थान पाया है. हालांकि कृष से बात करने पर पता चलता है कि उनका यह सफर आसान नहीं था और काफी संघर्ष के बाद उन्होंने यह सफलता हासिल की है. झारखंड के सेकंड स्टेट टॉपर कृष ने बताया कि ‘राशन की दुकान पर बैठकर मैं राशन भी बेचा करता हूं और पढ़ाई भी यहीं पर किया करता था.’ उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी या गरीबी में जो बच्चे हैं, वह कैसे पढ़ाई करें, कैसे अपने टाइम को मैनेज करें व कैसे स्कॉलरशिप की मदद से आगे बढ़ सकते हैं.

चुनौती को ही ताकत बना लीजिए

• कृष ने लोकल 18 को बताया कि मेरे लिए एक चुनौती थी कि दिनभर राशन की दुकान में कोई ना कोई आते रहता था. मैं उन्हीं से पढ़ाई के बारे में बात करता था. मैं उनको देखता था और समझता था कि यह लोग कितनी गरीबी में हैं. तो आप अपनी मुश्किल को ही पॉजिटिव तरीके से देखना शुरू करिए.

• उन्होंने बताया कि कई बार आर्थिक तंगी से बच्चे जूझते हैं और वे कहते हैं मेरे पास यह नहीं है, वह नहीं है. लेकिन जो आपके पास है उसी का बढ़िया इस्तेमाल करना है. मेरे पास कम से कम राशन की दुकान तो है, जहां पर मैं बैठकर पढ़ सकता हूं. किसी के पास तो वह भी नहीं है, तो जो आपके पास है उसी का बढ़िया इस्तेमाल करें.

• रात में पढ़ाई करें, डिस्टरबेंस कम होगी. उन्होंने बताया कि कई बार एक ही घर में या एक ही रूम में 4 से 5 लोग रहते हैं. जिससे पढ़ाई में समस्या आती है, तो आप रात का सहारा लीजिए, दिन में थोड़ा रेस्ट कर लीजिए. मैं रात में 3 से 4 बजे तक पढ़ता था और हर सब्जेक्ट को एकदम बराबर समय देता था.

• ऐसे में क्या है कि आपके घर में अगर कोई लड़ाई-झगड़े या किसी और वजह से डिस्टर्ब करने वाले लोग भी रहेंगे, तो रात में आप पढ़ सकते हैं. इस समय आमतौर पर लोग सोते हैं और इस समय 4 से 5 घंटे आप निकाल लीजिए, बहाना मत बनाइए, विकल्प ढूंढिए.

• इसके अलावा आज कई सारी स्कॉलरशिप हैं. सरकारी स्कूल भी हैं जहां पर सालाना ₹800 फीस लगती है. मैं खुद सरकारी स्कूल बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय से पढ़ा हुआ हूं. मुझे लगता है साल में ₹800 फीस तो कोई भी चुका ही देगा.

• इसके अलावा हर दो-दो घंटे पर थोड़ा ब्रेक लीजिए. थोड़ा सा टहल लीजिए. दिमाग फ्रेश रहता है व बॉडी फिट रहती है. बाहर का जंक फूड छोड़ देना है और घर का हल्का खाना खाना है. बस इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे तो कोई भी टॉप कर सकता है.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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