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सीसीटीवी बंद कर मिटाया सबूत, पुलिस ने फुटेज के आधार पर पकड़ा
पंडरा ओपी क्षेत्र के विद्यानगर में घरेलू विवाद ने शनिवार को खौफनाक रूप ले लिया। सास से नाराज एक बहू ने अपने पैरालाइज्ड ससुर की तकिए से मुंह दबाकर हत्या कर दी। आरोपी बहू का नाम निकिता देवी है, जबकि मृतक 70 वर्षीय डॉ. केपी गुप्ता थे। डॉ. गुप्ता होम्योपैथ डॉक्टर थे और करीब 10 साल से पैरालाइज्ड होने के कारण बेड रेस्ट पर थे। पुलिस ने आरोपी बहू को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक के दामाद मृणाल रंजन ने बताया कि शनिवार सुबह निकिता जागने के बाद सास-ससुर को चाय देने के बजाय अपने काम में व्यस्त हो गई। बहू को दूसरे काम में व्यस्त देख सास खुद किचन में गईं और चाय बनाकर डॉ. गुप्ता को दी। इसी बात पर निकिता भड़क गई और घर में हंगामा करने लगी। हालांकि पति सौरभ गुप्ता ने समझा-बुझा कर उसे शांत करा दिया। इसके बाद सौरभ ड्यूटी पर चले गए और विवाद कम करने के लिए अपनी मां को भी साथ ले गए। घर में अकेले पड़े पैरालाइज्ड ससुर के साथ निकिता रह गई। आरोप है कि दोपहर 2.38 बजे उसने तकिए से मुंह दबाकर डॉ. गुप्ता की हत्या कर दी। वारदात के बाद निकिता ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए। सौरभ के मोबाइल पर कैमरा बंद होने का अलर्ट मिला तो वह करीब तीन बजे घर पहुंचे। वहां पिता को मृत अवस्था में पाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने निकिता को गिरफ्तार कर लिया। सास-बहू में अक्सर होता था विवाद पति सौरभ गुप्ता ने बताया कि नवंबर 2025 में उनकी शादी बिहार के आरा स्थित पिरो निवासी निकिता से हुई थी। शादी के बाद से ही वह छोटी-छोटी बातों पर विवाद करती थी। परिवार ने कई बार उसके भाई और अन्य परिजनों से बात कर समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई बदलाव नहीं आया। सौरभ ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद निकिता कभी मायके नहीं गई। उसका व्यवहार लगातार बदलता रहता था और वह अक्सर घर में हंगामा करती थी। घटना वाले दिन वह ड्यूटी के लिए अपने सीएससी सेंटर गए थे। इसी दौरान घर में अकेले पड़े पिता की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद भी घर में बैठी रही आरोपी, पुलिस के सामने भी दिखी बेखौफ वारदात के बाद निकिता घर से भागी नहीं, बल्कि वहीं बैठी रही। जब सौरभ ने पिता को फोन किया तो जवाब नहीं मिला। इसके बाद वह तुरंत घर पहुंचे। पूछने पर निकिता सही जानकारी देने के बजाय उन्हें भी गुमराह करती रही। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में वह बेखौफ नजर आई, पर सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्य सामने आने के बाद उसने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हत्या के बाद कपड़े बदले, तकिए का कवर धो दिया पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के बाद निकिता ने सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की। उसने खून लगे तकिए का कवर धोकर छत पर सूखने के लिए डाल दिया, जबकि तकिया भी छत पर फेंक दिया। इसके बाद कमरे की सफाई की और बाथरूम से लेकर कमरे तक इतना पानी बहाया कि घर की टंकी खाली हो गई। पति सौरभ जब घर पहुंचे और पिता के बारे में पूछा तो निकिता गुमराह करने लगी। उसने कहा कि ससुर गहरी नींद में हैं। संदेह होने पर सौरभ ने सीसीटीवी फुटेज देखने की कोशिश की तो पता चला कि कैमरा बंद है। बाद में कैमरा भी तोड़ दिया गया। हालांकि उससे पहले ही संदिग्ध गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड हो चुकी थीं।
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