Last Updated:
2024 के NEET पेपर लीक मामले में झारखंड का हजारीबाग देशभर में चर्चा में आया था. जांच में पता चला कि हजारीबाग के ओएसिस स्कूल सेंटर से प्रश्नपत्र लीक हुआ था. CBI के अनुसार, मुख्य आरोपी पंकज कुमार उर्फ आदित्य ने कथित तौर पर स्कूल प्रबंधन की मिलीभगत से परीक्षा वाले दिन सुबह ही पेपर तक पहुंच बनाई थी. मामले में ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक और वाइस प्रिंसिपल इम्तियाज आलम को गिरफ्तार किया गया. जांच के दौरान पटना में मिले अधजले प्रश्नपत्र के सीरियल कोड का मिलान NTA के रिकॉर्ड से किया गया, जो हजारीबाग के इसी सेंटर का निकला था.

हज़ारीबाग पेपर लीक की कहानी (AI इमेज)
पटना: NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद एक बार फिर 2024 में हुए नीट पेपर लीक की कहानी सुर्खियों में आ गई है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को हुई परीक्षा को पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिलने के बाद रद्द कर दिया है. मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है और जल्द ही दोबारा परीक्षा की नई तारीख घोषित की जाएगी. इस पूरे घटनाक्रम के बीच लोगों को 2024 का वह मामला याद आ रहा है, जब झारखंड का हजारीबाग देश के सबसे बड़े परीक्षा घोटालों में केंद्र बनकर उभरा था. तो आइए एक बार फिर बताते हैं 2024 के नीट पेपर लीक का पूरा किस्सा.
हजारीबाग नीट पेपर लीक मामला
2024 में NEET-UG पेपर मामले में जांच के दौरान सामने आया था कि प्रश्नपत्र हजारीबाग के ओएसिस स्कूल परीक्षा केंद्र से लीक हुआ था. बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और बाद में CBI जांच में इस बात के प्रमाण मिले थे कि परीक्षा वाले दिन सुबह ही प्रश्नपत्र तक पहुंच बनाई गई थी. जांच एजेंसियों के मुताबिक, मुख्य आरोपी पंकज कुमार उर्फ आदित्य ने कथित तौर पर ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक और वाइस प्रिंसिपल इम्तियाज आलम की मिलीभगत से स्ट्रॉन्ग रूम में रखे पेपर तक पहुंच बनाई. आरोप है कि प्रश्नपत्र के पैकेट खोले गए, उनकी तस्वीरें ली गईं और फिर उन्हें दोबारा सील कर दिया गया.
ट्रंक के साथ छेड़छाड़ के सबूत
इस मामले का सबसे बड़ा सबूत पटना में मिला अधजला प्रश्नपत्र बना. जांच में जब उस पेपर के सीरियल कोड का मिलान NTA के रिकॉर्ड से किया गया तो पता चला कि वह हजारीबाग के ओएसिस स्कूल सेंटर को आवंटित प्रश्नपत्र था. इसके बाद जांच एजेंसियों का शक पूरी तरह हजारीबाग सेंटर पर केंद्रित हो गया. EOU की टीम ने हजारीबाग पहुंचकर उन दो स्टील ट्रंक को भी जब्त किया था, जिनमें प्रश्नपत्र भेजे गए थे. जांच में ट्रंक के साथ छेड़छाड़ के सबूत मिले. अधिकारियों ने पाया कि ट्रंक में अलग-अलग कुंडियां लगाई गई थीं, जिससे पेपर निकालकर दोबारा रखने की आशंका मजबूत हुई.
अभिभावकों और दलालों की गिरफ्तारी
CBI जांच में बाद में यह भी सामने आया कि लाखों रुपये लेकर कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उसके उत्तर उपलब्ध कराए गए थे. हजारीबाग से लीक हुआ पेपर बिहार समेत कई राज्यों तक पहुंचा था, जिसके बाद कई छात्रों, अभिभावकों और दलालों की गिरफ्तारी हुई. वहीं, ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक और वाइस प्रिंसिपल इम्तियाज आलम को गिरफ्तार किया था. ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक उस समय हजारीबाग में हो रहे नीट परीक्षा के लिए सिटी कोऑर्डिनेटर भी थे.
हजारीबाग कांड की यादें ताजा
2024 के इस मामले ने देशभर में NEET परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए थे. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और केंद्र सरकार को जांच CBI को सौंपनी पड़ी थी. अब 2026 में फिर परीक्षा रद्द होने के बाद हजारीबाग कांड की यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं.
About the Author
न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें