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Success Story: 1000 से ज्यादा कॉमिक्स बुक्स लिखने वाला भाई और हाथों...


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Success Story: रांची के भाई बहन बिपाशा और मनीष ने हैंडमेड ज्वैलरी और कॉमिक्स से पहचान बनाई है. अमेजॉन और फ्लिपकार्ट पर उनरी बुक्स हिट हो गई है. वहीं, मेलों में स्टॉल लगाकर भाई-बहन महीने में लाखों रुपये कमाई करते हैं.

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रांची: झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली बिपाशा व मनीष दोनों ही भाई बहन हैं. खास बात ये है कि बिपाशा ने जहां हैंडमेड ज्वैलरी घर में अपने हाथों से बनाती हैं. वहीं, मनीष अपने हाथों से कॉमिक्स लिखने का काम करते हैं और अब तक 1000 से अधिक बुक्स लिख चुके हैं. उनकी बुक्स की डिमांड रांची के स्टोर से लेकर अमेजॉन से लेकर फ्लिपकार्ट तक धूम मचा रही है. दोनों भाई बहन मिलकर दिल्ली-मुंबई से बड़े शहरों में मेले में स्टॉल लगाने का भी काम करते हैं. आइये जानते हैं दोनों लोगों के बारे में.

बिपाशा के लोकल 18 को बताया कि उनके घर की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी. ऐसे में किसी से पैसा मांगना भी अच्छा नहीं लगता था, तो सोचा क्यों ना अपना ही कुछ किया जाए. ऐसे में यूट्यूब में हैंडमेड ज्वैलरी बनाना सिखा. आज हमारे पास आपको कई तरह की क्रिस्टल और स्टोंस की ज्वैलरी देखने को मिल जाएंगी और सबसे खास बात यह है कि इसमें थोड़ा सा भी मशीन का काम नहीं हुआ है. यह पूरा का पूरा उनके हाथ का बना हुआ है.

भाई ने कॉमिक्स को बनाया हथियार

वहीं, मनीष बताते हैं कि बचपन से लिखने का बड़ा ही शौक था, लेकिन कुछ अलग और यूनिक लिखना चाहता था. ऐसे में कई सारे सामाजिक मुद्दे और कई सारे कॉमेडी पर उन्होंने लिखना शुरू किया और लोगों को खूब पसंद आया और लोगों ने ही कहा कि तुम्हें अपना कॉमिक्स बुक लिखना चाहिए. आज आलम ये है की लोग बुक्स का लुक इंतजार करते हैं. लोग फोन करके कहते हैं कि आप नई बुक कब लिख रहे हैं.

साथ ही आगे बताते हैं कि यहां तक आना इतना आसान नहीं था. आपको पब्लिशर के पास जाना होता है अपने बुक को पब्लिश करवाने. वह बड़ी मुश्किल के साथ पैसा जुगाड़ कर कुछ बुक पब्लिश कराए, फिर देश के कोने कोने के मेले में जाकर स्टॉल लगाकर इसकी प्रदर्शनी की. फिर धीरे-धीरे उनके कस्टमर बनते चले गए. आज की शायद ही देश का कोई ऐसा राज्य हो जहां पर उनके कस्टमर न हों.

आज हिट हो गयी जोड़ी

मनीष बताते हैं कि आज हम दोनों भाई बहन की जोड़ी हिट हो गई. आज आलम यह है कि सरकार का कहीं भी मेला लगाता है तो वह हमें जरूर बुलाते हैं, चाहे दिल्ली हो या मुंबई, कस्टमर फोन करके पूछते हैं. आज आराम से महीना का हम दोनों मिलकर लाख रुपए के ऊपर कमा लेते हैं और घर की आर्थिक स्थिति पहले से बहुत अच्छी हो चुकी है. पहले चलने के लिए साइकिल नहीं थी, आज हमारे पास कार है.

भाई-बहन ने कहा कि सफलता में जो एक चीज बहुत जरूरी है, वह है कंसिस्टेंसी. आपको सफलता मिले या ना मिले. आपको अच्छा लगे ना लगे आपको वह काम करते चले जाना है. उन्होंने 365 दिन काम किया है. 3 साल का यह लगातार काम करने का नतीजा है. ऐसे में अगर आप इस तरीके से अपने लक्ष्य के पीछे लगते हैं तो सफलता जरूर मिलती है.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें



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