पॉलिटिकल रिपोर्टर|रांची वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के बाद अब लोहरदगा के कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की कार्यशैली पर सवाल उठाया है। भगत ने मंगलवार को दैनिक भास्कर से बाातचीत में आरोप लगाया कि केशव महतो ट्राइबल नेताओं के साथ भेदभाव कर रहे हैं। इन्होंने पार्टी का मजाक बना दिया है। पीक एंड चूज के आधार पर अपने लोगों को संगठन में बड़े पद दे रहे हैं। उनको यह पता ही नहीं है कि संगठन की क्या प्राथमिकताएं होनी चाहिए। किस दिशा में संगठन को ले जाना चाहिए। ट्राइबल इश्यू को जानबूझ कर इग्नोर किया जा रहा है या फिर उसे कमजोर किया जा रहा है। भगत ने कहा कि 20 मई को प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू के साथ रांची में होनेवाली बैठक में वे इन मुद्दों को उठाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनकी तरह कई और लोग भी हैं, जो उस दिन मुखरता से अपनी बात रखेंगे। भगत ने तर्क देते हुए कहा कि डिलिमिटेशन कमेटी में किसी भी ट्राइबल नेता को नहीं रखा गया। राज्य में आदिवासी सीटें घट रही हैं। ऐसी परिस्थिति में जो समाज प्रभावित हो रहा है, उनके ही नेताओं को किनारे कर दिया गया है। इस कमेटी में न किसी पुराने आदिवासी नेताओं को रखा गया है और न ही आदिवासी नेताओं को इसमें जगह दी गई है। जो 10 सालों से कार्यक्रम में नहीं आए, वे बने पदाधिकारी सुखदेव भगत ने कहा कि पार्टी की कैंपेन कमेटी में अधिकतर हारे हुए लोगों को रखा गया है। ऐसे लोग भी हैं, जो 10 साल में कांग्रेस के किसी भी कार्यक्रम में नहीं आए, उन्हें भी पदाधिकारी बना दिया गया है। जिनकी भूमिका पार्टी विरोधी की रही है, उन्हें बड़े-बड़े पद दे दिए गए हैं। यह पूछने पर कि क्या वे ऐसे लोगों को नाम बताएंगे। 20 मई को वे ऐसे लोगों के नाम प्रदेश प्रभारी को बताएंगे। भगत ने कहा कि ऐसे लोग प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के चहेते हो सकते हैं, पर वे पार्टी के चहेते कैसे हो जाएंगे। वरीयता का कोई ख्याल नहीं रखा गया है। इस प्रकार पार्टी नहीं चलती है। राहुल गांधी लगातार मेहनत कर रहे हैं। पदयात्रा निकाल रहे हैं और यहां पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पार्टी का मजाक बना रहे हैं।
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