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झारखंड भर्ती घोटाले में रांची पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। चांडिल के पारडीह निवासी और एमबीएनएस कॉलेज के डायरेक्टर विवेक सिंह से पूछताछ के बाद पुलिस ने साफ कहा है कि भर्ती नेटवर्क से जुड़े लोगों को पकड़वाने में सहयोग करें, नहीं तो कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। जांच एजेंसियां अब पूरे भर्ती सिंडिकेट, डिजिटल रिकॉर्ड और पैसों के लेनदेन की जांच में जुट गई हैं। असल में झारखंड में प्रतियोगिता परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित धांधली के मामले में रांची पुलिस अब आक्रामक मोड में है। सरायकेला-खरसावां के चांडिल स्थित पारडीह निवासी और एमबीएनएस कॉलेज के डायरेक्टर विवेक सिंह से पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें सख्त चेतावनी दी है। कहा गया है कि भर्ती नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने में सहयोग करें, वरना कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विवेक सिंह पूर्व में भी जमशेदपुर के कई निजी कॉलेज/ स्कूल संचालक फर्जी सर्टिफिकेट बनाने के रैकेट में संलिप्त पाए जा चुके हैं। वहीं कोल्हान विवि, जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज के कई वरीय अधिकारियों पर फर्जी सर्टिफिकेट के सहारे पदोन्नति पाने, चहेतों को नौकरी देने जैसे गंभीर आरोप उनपर लग चुके हैं। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता मुख्य परीक्षा से ठीक पहले बीते 12 अप्रैल को रांची पुलिस ने तमाड़ के अर्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज में छापेमारी कर स्टूडेंट समेत 164 लोगों को गिरफ्तार किया था। छापेमारी के दौरान अर्धनिर्मित मकान के पास से पुलिस ने यूपी नंबर की कार जब्त की। जांच में कार विवेक सिंह की निकली। पुलिस ने जब विवेक सिंह से इस संबंध में पूछताछ की तो उसने बताया कि अपनी कार नर्सिंग कॉलेज के ऑनर गौरव शर्मा को दिया था। वही इसका उपयोग कर रहे थे। पुलिस के अनुसार गौरव और विवेक सरायकेला में एक ही अपार्टमेंट में रहते हैं। पुलिस अब दोनों की कुंडली खंगाल रही है।
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