जमशेदपुर के काशीडीह गोलचक्कर के पास मौजूद 100 साल पुराना बरगद का पेड़ इन दिनों लोगों के लिए बड़ी राहत बना हुआ है. तेज गर्मी के बीच यह विशाल पेड़ इलाके के लोगों को ठंडी छांव दे रहा है. इसकी बड़ी और घनी शाखाओं के कारण स्थानीय लोग इसे “कुदरती छाता” कहते हैं. इस पेड़ के नीचे रोजाना 20 से ज्यादा छोटी दुकानें लगती हैं. यहां फल, जूस, सत्तू शरबत, लस्सी, चना-बादाम, डोसा, इडली, लिट्टी-चोखा और चाय जैसी चीजें मिलती हैं. राहगीर यहां रुककर गर्मी से राहत पाने के साथ खाने-पीने का आनंद भी लेते हैं.दुकानदार हीरामन साहू पिछले 35 साल से यहां दुकान लगा रहे हैं. उनका कहना है कि चाहे तेज धूप हो या बारिश, इस पेड़ के नीचे हमेशा ठंडक बनी रहती है. स्थानीय लोगों के लिए यह पेड़ सिर्फ छांव नहीं, बल्कि आस्था का केंद्र भी है. लोग यहां पूजा भी करते हैं. यह बरगद का पेड़ लोगों को पर्यावरण बचाने और पेड़ों की अहमियत का संदेश देता है.
