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घर के छोटे से हिस्से से शुरू किया व्यापार, 80 हजार लगाए,...


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Jamshedpur Manju Devi Inspirational Story: पति की मौत के बाद महिलाओं के लिए खुद संभलना और परिवार संभालना किसी चुनौती से कम नहीं होता. हालांकि जमशेदपुर की मंजू देवी ने पति का साथ छूटने के बाद भी हार नहीं मानी और घर से ही छोटा सा कारोबार शुरू किया. आज वे बढ़िया कमाई कर रही हैं.

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जमशेदपुर. जीवन में अपनों को खोने का दर्द इंसान को भीतर से तोड़ देता है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो हर मुश्किल को अपनी ताकत बना लेते हैं. जमशेदपुर की रहने वाली मंजू देवी ऐसी ही महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने संघर्षों से हार मानने के बजाय अपने हौसले से नई पहचान बनाई. आज वह उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जो कठिन परिस्थितियों में खुद को असहाय महसूस करती हैं.

बच्चों को पढ़ाया, सबकी शादी करायी
करीब सात साल पहले मंजू देवी के पति का निधन हो गया था. पति के जाने के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई. बेटे और बेटियों की परवरिश से लेकर घर के खर्च तक सबकुछ संभालना उनके लिए आसान नहीं था. आर्थिक परेशानियां लगातार बढ़ रही थीं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखी और समय आने पर बेटियों की शादी भी कराई.

बेटे ने दिया आइडिया
इसी संघर्ष के बीच उनके बेटे ने एक नया विचार दिया. उसने मंजू देवी से कहा कि आजकल शादी, पार्टी और छोटे-बड़े आयोजनों में डिस्पोजल प्लेट और कटोरी की मांग काफी बढ़ गई है. अगर घर में छोटा सा सेटअप शुरू किया जाए तो कम लागत में अच्छा काम किया जा सकता है. बेटे की बात मंजू देवी को पसंद आई और उन्होंने जोखिम उठाने का फैसला किया.

घर के एक हिस्से में शुरू किया कारोबार
करीब 70 से 80 हजार रुपये का निवेश कर उन्होंने पांच मशीनें खरीदीं और घर के एक हिस्से में ही छोटा सा कारोबार शुरू कर दिया. शुरुआत में काम थोड़ा कठिन लगा, लेकिन धीरे-धीरे सबकुछ आसान होता गया. आज मंजू देवी रोजाना सिर्फ तीन से चार घंटे काम करके बड़ी संख्या में डिस्पोजल प्लेट और कटोरी तैयार करती हैं.

धीरे-धीरे हजारों की कमाई
कम कीमत और अच्छी गुणवत्ता के कारण उनका सामान तेजी से लोकप्रिय हो गया. आज जमशेदपुर के आधे से अधिक छोटे दुकानदार और कई आयोजक उनके यहां से ही प्लेट और कटोरी खरीदते हैं. धीरे-धीरे उनका काम बढ़ता गया और अब वह घर बैठे हर महीने हजारों रुपये की आमदनी कर रही हैं.

छोटा कारोबार, बड़ी सफलता
मंजू कहती हैं कि वह ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं हैं, लेकिन उन्हें हिसाब-किताब और मेहनत करना अच्छी तरह आता है. उन्होंने कभी परिस्थितियों को खुद पर हावी नहीं होने दिया. सूझबूझ, मेहनत और सही समय पर सही फैसला लेने की वजह से आज उनका छोटा कारोबार सफलता की मिसाल बन गया है.

जमशेदपुर की मंजू देवी यह साबित करती हैं कि अगर इंसान में हिम्मत और आत्मविश्वास हो तो किसी भी मुश्किल को अवसर में बदला जा सकता है. उनकी कहानी आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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