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हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। अस्पताल प्रबंधन की कथित लापरवाही के कारण एक प्रसूता की मौत हो गई। ब्लड चढ़ाने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों-नर्सों पर गंभीर आरोप लगाए। कटकमसांडी प्रखंड के बेनजिया गांव निवासी शोभा कुमारी को 13 मई को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की सलाह पर परिजनों ने रक्त की व्यवस्था की। शोभा ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था और गुरुवार रात तक जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे। ब्लड चढ़ाने के कुछ देर बाद ही शोभा की तबीयत बिगड़ने लगी परिजनों के अनुसार, गुरुवार देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच नर्सों ने शोभा को ब्लड चढ़ाना शुरू किया। ब्लड चढ़ाने के कुछ देर बाद ही शोभा की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि शोभा ने रिएक्शन होने की शिकायत की और ब्लड चढ़ाने से मना किया, लेकिन नर्सों ने उसकी बात नहीं सुनी। जब शोभा की हालत अत्यंत नाजुक हो गई, तो परिजन नर्सों को बुलाने दौड़े, लेकिन ड्यूटी पर कोई डॉक्टर या नर्स मौजूद नहीं था। समय पर उपचार न मिलने के कारण शोभा की मृत्यु हो गई। विधायक प्रदीप प्रसाद ने डीसी से की फोन पर बात इधर, घटना की सूचना मिलने पर सदर विधायक प्रदीप प्रसाद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल की कुव्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त की और मौके से ही उपायुक्त हेमंत सती को फोन कर बात की। विधायक ने कहा, “यह अस्पताल अब मौत का अड्डा बनता जा रहा है। अगर स्थिति नहीं सुधरी तो बड़ा आंदोलन होगा।” उन्होंने इस मामले को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष उठाने और दोषी स्वास्थ्यकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है। वहीं, प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
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