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भास्कर न्यूज |गिरिडीह झारखंड सीटेट उत्तीर्ण सहायक अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को सदर प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष सह तेलोडीह पंचायत के मुखिया शब्बीर आलम की अगुआई में झारखंड सरकार के उच्च व तकनीकी शिक्षा तथा नगर विकास विभाग के मंत्री से मुलाकात कर मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के विभिन्न विद्यालयों में वर्षों से कार्यरत सीटेट उत्तीर्ण सहायक अध्यापकों को विशेष नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की। ज्ञापन में संघ की ओर से कहा गया कि झारखंड के सहायक अध्यापक पिछले लगभग 20 वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक स्थायी नियुक्ति और समायोजन का पूरा लाभ नहीं मिल पाया है। संघ ने मांग की कि आगामी विशेष नियुक्ति प्रक्रिया में सी-टेट उत्तीर्ण शिक्षकों को सीधे शामिल किया जाए।मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का अवलोकन करते हुए सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। इस दौरान संघ के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी, जिला संयोजक और बड़ी संख्या में सहायक अध्यापक उपस्थित रहे। भास्कर न्यूज | गिरिडीह जिले के टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों तथा कर्मचारियों को मार्च और अप्रैल माह का वेतन अब तक नहीं मिलने से आर्थिक संकट गहरा गया है। वेतन लंबित रहने से करीब 1029 टीजीटी, लगभग 300 पीजीटी शिक्षक-कर्मचारी और उनके परिवार प्रभावित हैं। नाराज शिक्षकों और कर्मचारियों ने उपायुक्त को ई-मेल भेजकर शीघ्र वेतन भुगतान कराने की मांग की है।शिक्षक संगठन समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, जिला संयोजक मुन्ना प्रसाद कुशवाहा, जिला सचिव रविकांत चौधरी, कार्यकारिणी सदस्य केदार प्रसाद यादव और युगल किशोर पंडित, प्रमंडलीय अध्यक्ष इम्तियाज अहमद तथा प्रदेश महासचिव विकास कुमार सिन्हा ने संयुक्त बयान जारी कर शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। नेताओं ने कहा कि वेतन भुगतान की मांग को लेकर 1 मई को ही विभाग और प्रशासन को ई-मेल के माध्यम से मांग पत्र भेजा गया था। इसके बाद भी 19 दिन बीत जाने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के कागजातों का सत्यापन कार्य पूरा हो चुका है, फिर भी वेतन निर्गत नहीं किया जा रहा है। इससे शिक्षकों के सामने घर चलाने, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। शिक्षक नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की सुस्ती के कारण भुगतान प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबित है। उन्होंने कहा कि जिले के प्राथमिक शिक्षकों का वेतन भुगतान पहले ही हो चुका है, जबकि टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों को अब तक भुगतान से वंचित रखा गया है। समिति ने चेतावनी दी कि यदि जल्द वेतन भुगतान नहीं हुआ तो शिक्षक आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे। यहां तक कि जनगणना कार्य के बहिष्कार पर भी निर्णय लिया जा सकता है। साथ ही आगामी मंगलवार को बड़ी संख्या में शिक्षक आकस्मिक अवकाश लेकर उपायुक्त के जनता दरबार में पहुंचकर अपनी समस्या रखेंगे। शिक्षक नेताओं ने यह भी कहा कि 4 मई को जिला समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को शीघ्र वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था, लेकिन शिक्षा विभाग अब तक उस निर्देश का पालन नहीं कर रहा है। प्रमुख मांगें: .मार्च और अप्रैल माह का लंबित वेतन अविलंब भुगतान किया जाए। . वेतन भुगतान में हो रही देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। . भविष्य में समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। .शिक्षकों और कर्मचारियों की आर्थिक समस्याओं को देखते हुए विशेष पहल की जाए।
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