भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

मेरठ के पास छिपा है फैमिली वेकेशन का शानदार स्पॉट, बच्चों से...


Last Updated:

अगर आप समर वेकेशन में परिवार और बच्चों के साथ किसी ऐसी जगह घूमने का प्लान बना रहे हैं, जहां इतिहास, अध्यात्म, मनोरंजन और प्रकृति का अनोखा संगम देखने को मिले, तो मेरठ के पास स्थित ऐतिहासिक हस्तिनापुर आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकता है. महाभारत कालीन विरासत से जुड़ा यह स्थान आज भी पांडव टीला, जंबूद्वीप, ध्यान मंदिर और नेचर ट्रेन जैसी आकर्षक जगहों के कारण पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहा है.

ऐतिहासिक हस्तिनापुर, जिसे महाभारत कालीन धरती के रूप में विश्वभर में विशेष पहचान मिली है, आज भी अपने गौरवशाली अतीत की झलक समेटे हुए है. यहां मौजूद प्राचीन मंदिर और टीलें हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता और स्मृतियों को जीवंत कर देते हैं. इसी ऐतिहासिक विरासत का आकर्षक उदाहरण पांडव टीला भी है, जहां पहुंचकर पर्यटक और श्रद्धालु उस युग की अनुभूति कर सकते हैं, जब महाभारत की कथाएं इसी धरती पर आकार ले रही थीं.

बताते चलें कि आप सभी अगर हस्तिनापुर घूमने जाते हैं तो एक दिन में आराम से यहां की प्रमुख जगहों को एक्सप्लोर कर वापस लौट सकते हैं. वहीं अगर आप रुकना चाहते हैं तो यहां विभिन्न धर्मशालाओं की भी सुविधा उपलब्ध है, जहां बहुत कम शुल्क में ठहरने की व्यवस्था मिल जाती है. यहां घूमने के बाद प्रकृति के बीच जो सुकून मिलता है, वह किसी हिल स्टेशन से कम नहीं लगता. गंगा के मैदानों में बसा होने के बावजूद यहां की हरियाली और शांत वातावरण गर्मी में भी राहत का एहसास कराता है.

वहीं दूसरी ओर हस्तिनापुर में जैन समाज द्वारा विकसित “जंबूद्वीप” एक प्रमुख आकर्षण है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. यहां का वातावरण और संरचना आगंतुकों को प्राचीन जैन मान्यताओं की झलक कराता है. इसके अलावा यहां “हंसी की लोटपोट हस्तिनापुर जंक्शन” नाम से एक मनोरंजन ट्रेन भी मौजूद है, जिसमें परिवार के साथ सफर करते समय अलग-अलग आकार और मजेदार दृश्य देखने को मिलते हैं, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को खूब मनोरंजन प्रदान करते हैं. इस दौरान लोग तनाव भूलकर हंसी-खुशी के माहौल का आनंद लेते हैं. जंबूद्वीप परिसर में विभिन्न प्रकार के झूले और मनोरंजन साधन भी उपलब्ध हैं, जो इस स्थान को धार्मिक के साथ-साथ एक बेहतरीन फैमिली डेस्टिनेशन भी बनाते हैं.

Add News18 as
Preferred Source on Google

वहीं दूसरी ओर पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए वन विभाग की ओर से यहां नेचर ट्रेन भी विकसित की जा रही है. इस ट्रेन में सफर करते हुए लोग प्राकृतिक वातावरण और हरियाली के खूबसूरत नजारों का आनंद ले सकेंगे. यहां विभिन्न प्रकार के पशु-पक्षियों की आकृतियों वाले स्टैच्यू भी बनाए जा रहे हैं, ताकि वन क्षेत्र में रहने वाले जीव-जंतुओं के बारे में लोगों को बेहतर जानकारी मिल सके. इसके साथ ही पर्यटकों के लिए झूले और झोपड़ियां भी विकसित की जा रही हैं, जिससे यह स्थान बच्चों और परिवारों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा.

यहां आप बच्चों के साथ ट्रेन और झूलों का भरपूर आनंद ले सकते हैं. परिसर में मेले जैसे कई आकर्षक झूले लगाए गए हैं, जिनका लुत्फ उठाने के लिए मात्र ₹30 प्रति व्यक्ति का शुल्क देना होता है. ऐसे में बच्चे यहां खूब मस्ती करते हैं और परिवार के साथ यादगार पल बिताते हैं. इसके अलावा यहां जैन समाज से जुड़े कई भव्य मंदिर भी मौजूद हैं. इनमें सबसे खास ध्यान मंदिर माना जाता है, जहां का शांत और आध्यात्मिक वातावरण लोगों को मानसिक सुकून देता है. यहां बैठकर ध्यान लगाने से मन एकाग्र होता है और तनाव भी काफी हद तक दूर हो जाता है.

समर वेकेशन में अगर आप भी बच्चों के साथ घूमने का प्लान बना रहे हैं और ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां सैर के साथ प्रकृति का खूबसूरत नजारा भी देखने को मिले, तो मेरठ से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित ऐतिहासिक हस्तिनापुर आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है. यहां आप गर्मी के बीच भी प्राकृतिक वातावरण और हरियाली के बीच सुकून भरे पल बिताते हुए छुट्टियों का भरपूर आनंद ले सकते हैं.

पांडव टीले के नीचे महाभारत कालीन महलों के अवशेष होने की मान्यता है. यही वजह है कि समय-समय पर पुरातत्व विभाग यहां खुदाई कर विभिन्न ऐतिहासिक वस्तुओं को संरक्षित करने का कार्य करता रहता है. वहीं अब इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से भी काफी विकसित किया गया है. ऐसे में अगर आप परिवार के साथ यहां घूमने आते हैं, तो प्राकृतिक वातावरण और हरियाली के बीच सुकून भरे पल बिताने का आनंद ले सकते हैं. इसके साथ ही यहां सेल्फी लेने के लिए भी शानदार स्थान बनाए गए हैं. पेड़ों और आसपास के क्षेत्र का सुंदर तरीके से सौंदर्यीकरण किया गया है, जो पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top