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गर्मी में गहरी जुताई से खेतों को होगी डबल फायदा, पलामू के वैज्ञानिक ने दी सलाह

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गर्मी का मौसम किसानों के लिए खेत की सेहत सुधारने का अच्छा समय माना जाता है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि अप्रैल से जून के बीच की जाने वाली गहरी जुताई यानी समर प्लाविंग खेती के लिए काफी फायदेमंद होती है. कृषि वैज्ञानिक ने सलाह दी कि रबी फसल कटने के तुरंत बाद खेत की गहरी जुताई करनी चाहिए और कुछ दिनों तक खेत को खुला छोड़ देना चाहिए.

पलामू: झारखंड के पलामू में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को गर्मी के मौसम में गहरी जुताई (समर प्लाविंग) करने की सलाह दी है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि अप्रैल से जून के बीच खेतों की गहरी जुताई करना खेती के लिए बेहद लाभकारी होता है और इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है. उन्होंने कहा कि किसान यदि मिट्टी पलट हल, डिस्क प्लाऊ और चीजल प्लाऊ जैसी मशीनों से 15 से 30 सेंटीमीटर तक गहरी जुताई करते हैं, तो मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और फसल उत्पादन में भी बढ़ोतरी होती है.

इसके विपरीत सामान्य कल्टीवेटर हल से केवल 5 से 7 सेंटीमीटर तक ही जुताई हो पाती है, जिससे नीचे की कठोर मिट्टी ऊपर नहीं आ पाती. वैज्ञानिकों के अनुसार, लगातार रासायनिक खादों के इस्तेमाल से खेत की लगभग 6 इंच गहराई पर कठोर परत (हार्ड पैन) बन जाती है. इस परत के कारण पौधों की जड़ें नीचे तक नहीं जा पातीं, जिससे फसल का विकास प्रभावित होता है. गहरी जुताई करने से यह परत टूट जाती है और मिट्टी भुरभुरी बन जाती है.

डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि 40 से 45 डिग्री तापमान में की गई गहरी जुताई खेत के लिए प्राकृतिक उपचार की तरह काम करती है. इससे मिट्टी में छिपे दीमक, सफेद गिडार, कटवर्म और तना छेदक जैसे हानिकारक कीट ऊपर आ जाते हैं, जिन्हें धूप और पक्षी नष्ट कर देते हैं. इससे कीटनाशकों पर खर्च कम होता है और खेती की लागत घटती है. उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया से मिट्टी में मौजूद फफूंद, बैक्टीरिया और निमेटोड जैसे रोगजनक भी कम हो जाते हैं, जिससे जड़ गलन, झुलसा और विल्ट जैसी बीमारियों का खतरा घटता है.

गहरी जुताई खरपतवार नियंत्रण में भी काफी उपयोगी मानी जाती है. इससे मोथा, दूब घास और कांस जैसे खरपतवारों के बीज ऊपर आ जाते हैं और तेज धूप में नष्ट हो जाते हैं. इससे खरपतवारनाशी दवाओं की जरूरत भी कम हो जाती है. साथ ही बारिश का पानी मिट्टी में अधिक मात्रा में समा पाता है, जिससे भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलती है.

कृषि वैज्ञानिक ने सलाह दी कि रबी फसल कटने के तुरंत बाद खेत की गहरी जुताई करनी चाहिए और कुछ दिनों तक खेत को खुला छोड़ देना चाहिए. इसके बाद क्रॉस जुताई कर पाटा लगाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से की गई समर प्लाविंग से मिट्टी की सेहत सुधरती है और फसल उत्पादन में 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें



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