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Desi Khajoor: गर्मी आते ही भरतपुर में शुरू हुआ देसी खजूर का...


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Bharatpur Desi Khajoor: राजस्थान के भरतपुर जिले के गांवों में गर्मी के मौसम के साथ एक बार फिर देसी मिठास लौट आई है. यहां पेड़ों पर लगने वाले अनोखे देसी खजूर लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. स्वाद में बेहद मीठे और प्राकृतिक गुणों से भरपूर ये खजूर ग्रामीण इलाकों में काफी पसंद किए जाते हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि गर्मियों में देसी खजूर सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि शरीर को ऊर्जा देने का भी काम करते हैं. बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इसे बड़े चाव से खाते हैं. खास बात यह है कि बाजार में मिलने वाले महंगे ड्राई फ्रूट्स के मुकाबले लोग आज भी इन पारंपरिक देसी फलों को ज्यादा पसंद करते हैं.

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भरतपुर: भरतपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में जैसे-जैसे गर्मी का मौसम तेज होता जा रहा है. वैसे-वैसे एक खास देसी फल भी पेड़ों पर नजर आने लगा है. यह फल है देसी खजूर जो इन दिनों गांवों में खूब दिखाई दे रहा है. खास बात यह है कि यह खजूर बाजार में मिलने वाले सामान्य खजूर से बिल्कुल अलग होता है. यह पूरी तरह प्राकृतिक रूप से स्थानीय स्तर पर उगता है और इसमें किसी प्रकार की कृत्रिम प्रक्रिया का उपयोग नहीं किया जाता है.

ग्रामीण क्षेत्रों में इस देसी खजूर की अपनी अलग पहचान है. इसका स्वाद बेहद मीठा, ताजा और लाजवाब होता है. जिसके चलते यह लोगों की पहली पसंद बन जाता है. गांवों में बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी इस फल का बड़े चाव से इंतजार करते हैं. जैसे ही पेड़ों पर यह खजूर पकने लगता है. लोग इसे तोड़कर सीधे ताजा ही खाने का आनंद लेते हैं. इन दिनों भरतपुर के कई गांवों में खजूर के पेड़ों की भरमार देखने को मिल रही है.

पेड़ों पर यह फल खूब लग रहा
जो अभी धीरे-धीरे पकेगा खेतों के किनारे और घरों के आसपास लगे पेड़ों पर यह फल खूब लग रहा है. ग्रामीणों के अनुसार यह देसी खजूर न केवल स्वाद में बेहतरीन होता है. बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इसमें प्राकृतिक मिठास के साथ-साथ ऊर्जा देने वाले गुण भी पाए जाते हैं, जो गर्मी के मौसम में शरीर को राहत देते हैं. पहले के समय में यह देसी खजूर गांवों की पहचान हुआ करता था लेकिन समय के साथ इसकी संख्या कुछ कम हो गई थी.

खजूर सिर्फ एक फल नहीं बल्कि परंपरा
अब एक बार फिर यह परंपरा लौटती नजर आ रही है और लोग इसे बड़े उत्साह के साथ अपना रहे हैं. कुल मिलाकर भरतपुर के गांवों में देसी खजूर सिर्फ एक फल नहीं बल्कि परंपरा स्वाद और प्राकृतिक जीवनशैली का प्रतीक बन गया है. गर्मी के मौसम में इसकी मिठास लोगों के जीवन में एक खास ताजगी और खुशी लेकर आती है.

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Jagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें



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