भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

22 साल पहले बनी मिसाइल आज भी उतनी ही घातक, सेना ने...


होमताजा खबरदेश

22 साल पहले बनी मिसाइल आज भी उतनी ही घातक, सेना ने किया ‘फिटनेस टेस्‍ट’

Last Updated:

Agni-1 Test: भारत ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. सेना की स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड की देखरेख में 22 मई 2026 को हुए इस लॉन्च में मिसाइल के सभी तकनीकी और ऑपरेशनल मानक पूरी तरह खरे उतरे. यह परीक्षण देश की रणनीतिक हथियार क्षमता को मजबूत करने और दुश्मनों के खिलाफ मारक क्षमता को अचूक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.

ख़बरें फटाफट

22 साल पहले बनी मिसाइल आज भी उतनी ही घातक, सेना ने किया 'फिटनेस टेस्‍ट'Zoom

अग्नि मिसाइल का सफल टेस्‍ट हुआ.

साल 2004 में जब देश ने पहली बार अग्नि मिसाइल की ताकत देखी थी, तब से लेकर आज तक सरहद के पार न जाने कितने हुक्मरान बदल गए, दुश्मन ने कितनी ही नई चालें चल दीं. लेकिन भारत का यह पहला ‘परमाणु दूत’ आज 22 साल बाद भी उतना ही जवान, उतना ही खूंखार और उतना ही घातक है. शुक्रवार को ओडिशा के चांदीपुर में जब सेना की स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड ने अचानक इस मिसाइल को डिपो से निकालकर इसका कड़ा ‘फिटनेस टेस्ट’ लिया तो आसमान चीरती इसकी रफ्तार देखकर शायद पाकिस्तान के मिलिट्री हेडक्वार्टर में सन्नाटा पसर गया होगा. लोग सोच रहे थे कि यह मिसाइल पुरानी हो चुकी है लेकिन DRDO ने इसके भीतर नए जमाने का ऐसा ‘डिजिटल दिमाग’ और अचूक नेविगेशन फिट कर दिया है कि यह आज भी पलक झपकते ही पूरे पाकिस्तान को धूल चटाने का पूरा दम रखती है. युद्ध के मुहाने पर खड़े इस दौर में अग्नि-1 का यह दहाड़ना इस बात का सबूत है कि भारत का यह पुराना ब्रह्मास्त्र आज के आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की धज्जियां उड़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है.

रक्षा मंत्रालय और स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) की देखरेख में हुआ यह सफल परीक्षण सिर्फ एक मिसाइल का लॉन्च नहीं है बल्कि भारत के उस अटूट भरोसे और सैन्य आत्मनिर्भरता का प्रतीक है जो नो फर्स्ट यूज की नीति के बावजूद पलक झपकते ही दुश्मनों को राख करने का दम रखती है. भारत ने सैन्य क्षेत्र में अपनी मारक क्षमता का लोहा मनवाते हुए शुक्रवार, 22 मई 2026 को शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का इंटीग्रेटिड परीक्षण रेंज (ITR) से सफलतापूर्वक परीक्षण किया. रक्षा मंत्रालय द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस हाई-प्रोफाइल लॉन्च को सेना के स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड की देखरेख में अंजाम दिया गया. इस यूजर ट्रायल के दौरान मिसाइल सिस्‍टम्‍ के सभी ऑपरेशनल और तकनीकी मानकों को पूरी सटीकता के साथ परखा गया जो हर कसौटी पर पूरी तरह खरे उतरे.

क्यों खास है अग्नि-1 का यह सफल परीक्षण?
रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इस सफल परीक्षण ने अग्नि-1 सिस्‍टम की विश्वसनीयता और परिचालन तत्परता की पुष्टि की है. रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा करते हुए कहा कि इस लॉन्च ने देश के रणनीतिक हथियारों की क्षमता और समग्र प्रतिरोधक मुद्रा में सेना के विश्वास को और मजबूत किया है. अग्नि-1 मिसाइल अपनी श्रेणी में बेहद घातक और कम समय में तैनात होने वाली मिसाइल है, जो दुश्मनों के ठिकानों को पल भर में तबाह करने की क्षमता रखती है.





Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top