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Rahul Gandhi कांग्रेस अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि देश के आर्थिक हालात के चलते एक साल में पीएम मोदी की विदाई तय है. बैठक में राहुल ने नेताओं को मुस्लिम शब्द का इस्तेमाल करने से न डरने की सलाह दी. इस बैठक में सभी धर्मों के नेताओं को बुलाया गया था.
कांग्रेस अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में राहुल गांधी. (AICC via PTI Photo)
नई दिल्ली: कांग्रेस की अल्पसंख्यक समिति की बैठक में शनिवार को एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला. इमरान प्रतापगढ़ी ने जैन समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में वरिष्ठ वकील और सांसद अभिषेक मनु सिंघवी का परिचय कराया. इस पर वहां मौजूद राहुल गांधी चौंक गए. वह अपनी हंसी नहीं रोक पाए. दरअसल इस खास बैठक में सिर्फ मुस्लिम नेता ही शामिल नहीं थे, बल्कि सिख, ईसाई और बौद्ध समाज के प्रतिनिधियों को भी विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था. दो घंटे से ज्यादा समय तक चली इस मीटिंग का मुख्य मकसद बीजेपी की सांप्रदायिक राजनीति को घेरने के लिए एक नया आर्थिक मास्टरप्लान तैयार करना था. इस दौरान राहुल गांधी ने देश के मौजूदा हालात को देखते हुए केंद्र सरकार की विदाई को लेकर एक बहुत ही सनसनीखेज भविष्यवाणी भी कर दी. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि एक साल के भीतर पीएम मोदी की विदाई तय है. उन्होंने इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के आर्थिक हालात और बढ़ते असंतोष को बताया.
राहुल गांधी ने नेताओं से कहा कि आज तक उन्होंने जो भी भविष्यवाणी की है, वह हमेशा सच साबित हुई है. उनका मानना है कि देश की मौजूदा परिस्थितियां इस बदलाव का कारण बनेंगी और इस बार भी उनकी यह भविष्यवाणी बिल्कुल सच साबित होने वाली है.
राहुल गांधी ने मुस्लिम शब्द के इस्तेमाल पर नेताओं को क्या नसीहत दी?
इस सीक्रेट बैठक के दौरान कुछ कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी से एक खास अपील की. उन्होंने कहा कि राजनीति में ‘मुस्लिम’ शब्द के बजाय ‘अल्पसंख्यक’ शब्द का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. राहुल गांधी इस बात से पूरी तरह असहमत नजर आए. उन्होंने नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि आखिर किसी बात से डरना क्यों है. राहुल ने साफ किया कि जिस भी वर्ग के साथ देश में अन्याय होगा, कांग्रेस उसके साथ खुलकर खड़ी रहेगी. उन्होंने कहा कि चाहे वह हिंदू हो, दलित हो, सवर्ण हो, मुस्लिम हो, सिख हो, ईसाई हो या फिर बौद्ध और जैन हो, पार्टी हर पीड़ित के साथ मजबूती से अपनी आवाज बुलंद करेगी.
कांग्रेस अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में राहुल गांधी. (AICC via PTI Photo)
बीजेपी की राजनीति से निपटने के लिए कांग्रेस क्या नया प्लान बना रही है?
बैठक में मौजूद नेताओं ने बीजेपी की हिंदू-मुस्लिम राजनीति का मुकाबला करने के लिए एक खास रणनीति पर चर्चा की. नेताओं का मानना था कि बीजेपी से निपटने के लिए अब देश में आर्थिक मुद्दों पर आधारित राजनीति करनी होगी. कांग्रेस ने पहले भी इसी रणनीति के तहत बीजेपी और संघ का मुकाबला किया है. राहुल गांधी ने नेताओं की इस आर्थिक मुद्दों वाली रणनीति पर अपनी पूरी सहमति जताई. इसी बीच कुछ नेताओं ने राहुल गांधी से शिकायती लहजे में कहा कि आप तो अल्पसंख्यकों के मुद्दों को मजबूती से उठाते हैं, लेकिन बाकी बड़े नेता इससे परहेज करते हैं. नेताओं ने मांग की कि बाकी बड़े नेताओं को भी राहुल गांधी को फॉलो करने के निर्देश दिए जाएं.
कांग्रेस अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में राहुल गांधी. (AICC via PTI Photo)
बैठक में ऐसा क्या हुआ कि अचानक चौंक पड़े राहुल गांधी?
इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन इमरान प्रतापगढ़ी ने किया था. इस बैठक की खास बात यह थी कि इसमें सिर्फ मुस्लिम नेता नहीं बल्कि सिख समुदाय से गुरदीप सप्पल, ईसाई समुदाय से हिबी एडेन, बौद्ध समुदाय से राजेंद्र पाल गौतम के साथ जैन समुदाय के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया था. इसी दौरान बैठक में एक बहुत ही दिलचस्प वाकया देखने को मिला. जब बैठक में जैन धर्म के प्रतिनिधि के रूप में वरिष्ठ वकील और सांसद अभिषेक मनु सिंघवी का परिचय कराया गया, तो राहुल गांधी खुद हैरान रह गए और हंसने लगे.