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बोकारो जिला स्टील उद्योग और प्राकृतिक पर्यटन के साथ-साथ विशाल और प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों के लिए भी जाना जाता है. यहां कई ऐसे अद्भुत हनुमान मंदिर हैं जहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं. इन मंदिरों में स्थापित विशालकाय हनुमान प्रतिमाएं न केवल आस्था का केंद्र हैं, बल्कि अपनी भव्य और सुंदरता के कारण लोगों को आकर्षित भी करती हैं. इस रिपोर्ट में हम आपको बोकारो के 5 प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के बारे में बताएंगे.
बोकारो के नावाडीह प्रखंड मुख्यालय से लगभग एक किलोमीटर दूर चिरूडीह गांव में स्थित श्रीश्री संकटमोचन मंदिर जिले का दूसरा सबसे ऊंचा हनुमान मंदिर माना जाता है. स्थानीय लोग इसे महावीर मंदिर के नाम से जानते हैं और ग्रामीणों के अनुसार, यह मंदिर करीब 105 फीट ऊंचा और 40 फीट चौड़ा है.
बोकारो के चंद्रपुरा प्रखंड के तेलो गांव में स्थित 51 फीट ऊंची बजरंगबली की सुनहरी प्रतिमा है. यह जिले की सबसे ऊंची हनुमान प्रतिमा है. इसकी सुंदरता और भव्यता इतनी आकर्षक है कि इसे करीब दो किलोमीटर दूर से भी आसानी से देखा जा सकता है, यही कारण है कि यहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने के साथ-साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए भी पहुंचते हैं.
वहीं, बेरमो प्रखंड स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर अपनी 12 फीट ऊंची भगवान हनुमान की विशाल प्रतिमा के लिए खास पहचान रखता है. यहां हनुमान जी को हाथ में पर्वत लिए हुए भव्य रूप में स्थापित किया गया है, जो श्रद्धालुओं के बीच आस्था का केंद्र यहां दूर-दूर से लोग यहां पूजा-अर्चना और गुड़-चना चढ़ाने के लिए पहुंचते हैं. यह मंदिर न सिर्फ अपनी विशाल प्रतिमा, बल्कि यहां देखने वाली गहरी धार्मिक आस्था के लिए भी प्रसिद्ध है. खासकर हर मंगलवार और शनिवार को यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है.
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बोकारो जिले के चास में स्थित संकट मोचन मनोकामना हनुमान मंदिर न केवल अपने नाम, बल्कि अपने भव्य स्वरूप और इतिहास के कारण भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. इस मंदिर में स्थापित 18 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा भक्तों के लिए आस्था और आकर्षण का प्रमुख केंद्र है.
बोकारो शहर के सेक्टर-6 में स्थित मंगल महावीर मंदिर भी जिले के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में से एक माना जाता है, इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित भगवान हनुमान की 8 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा है. प्रतिमा में हनुमान जी को विशाल चकरी और गदा के साथ दर्शाया गया है, जो श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र है.
मंदिर परिसर में हनुमान जी की 15 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा भी स्थापित है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है खास बात यह है कि यह 12 मंजिला हनुमान मंदिर अपनी भव्यता और अद्भुत बनावट के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध है. इसे जिले का सबसे ऊंचा हनुमान मंदिर माना जाता है.
खास बात यह है कि इस प्रतिमा की आंखें असली सोने से बनाई गई हैं, जो इस मंदिर को अनोखा बनता है. इस मंदिर की प्रतिष्ठा 25 मई 2013 को हुई थी. यहां के पुजारी विनय मिश्रा के अनुसार, इस भव्य मंदिर और प्रतिमा को तैयार करने में करीब 10 वर्षों का समय लगा था और पश्चिम बंगाल के कारीगरों ने इस विशाल प्रतिमा को विशेष रूप दिया है.