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NEET Paper Leak Case: नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने कोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया है. एनटीए की फिजिक्स ट्रांसलेटर और पुणे की स्कूल प्रिंसिपल मनीषा हवलदार ने चंद रुपयों के लिए WhatsApp पर परीक्षा के गोपनीय सवाल लीक किए और बाद में पकड़े जाने के डर से सबूत के तौर पर नोट्स जला दिए.
NEET Paper Leak Manisha Havaldar: मनीष हवलदार 30 जून को रिटायर होने वाली थीं
नई दिल्ली (NEET Paper Leak Case). नीट यूजी पेपर लीक मामले में CBI ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. जांच एजेंसी ने पुणे की स्कूल प्रिंसिपल मनीषा संजय हवलदार को गिरफ्तार किया है, जिन पर पैसों के बदले परीक्षा के गोपनीय सवाल और कंटेंट लीक करने का गंभीर आरोप है. CBI ने कोर्ट को बताया कि NTA की तरफ से फिजिक्स पेपर के लिए ट्रांसलेटर नियुक्त की गईं मनीषा ने अपनी पोजिशन का गलत फायदा उठाकर परीक्षा से पहले कुछ चुनिंदा स्टूडेंट्स और कोचिंग से जुड़े लोगों तक सवाल पहुंचा दिए.
NEET पेपर लीक: पैसे लेकर बांटे थे फिजिक्स के सवाल, CBI का कोर्ट में बड़ा खुलासा
03 मई 2026 को हुई नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक होने के बाद से चर्चा में है. इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है और हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायो.. तीनों विषयों के मास्टरमाइंड पेपर चोर गिरफ्तार किए जा चुके हैं. जानिए स्कूल प्रिंसिपल मनीषा संजय हवलदार ने नीट यूजी फिजिक्स का पेपर कैसे लीक किया.
ट्रांसलेटर बनीं लीक का मुख्य जरिया
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि मनीषा संजय हवलदार पुणे के ‘सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला’ की प्रिंसिपल थीं. एनटीए ने उन्हें नीट-यूजी परीक्षा के लिए फिजिक्स विषय का ट्रांसलेटर (अनुवादक) नियुक्त किया था. इस जिम्मेदारी के तहत उनके पास गोपनीय प्रश्नपत्रों तक पूरी पहुंच थी. CBI ने पुणे की अदालत में ट्रांजिट रिमांड मांगते हुए बताया कि मनीषा ने इस पद और गोपनीयता का दुरुपयोग किया. उन्होंने पेपर ट्रांसलेशन के दौरान महत्वपूर्ण और गोपनीय फिजिक्स के सवालों को अपने पास हाथ से लिखकर नोट कर लिया था.
WhatsApp और प्रिंटआउट से हुआ खेल
सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक, आरोपी प्रिंसिपल ने इन गोपनीय सवालों को कुछ चुनिंदा छात्रों के साथ-साथ बॉटनी की लेक्चरर मनीषा मंधारे के साथ शेयर किया. यह पूरा खेल पैसों के लेनदेन के लिए खेला गया था. जांच में पता चला कि मनीषा हवलदार को एक छात्र से ₹20,000 और एक अन्य व्यक्ति से ₹25,000 की रकम मिली थी. इन सवालों को छात्रों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल और फिजिकल, दोनों तरीकों का इस्तेमाल किया गया. परीक्षा से पहले ही WhatsApp मेसेज और प्रिंटआउट के जरिए सवाल बांट दिए गए थे.
सबूत मिटाने के लिए चैट डिलीट की और नोट्स जलाए
सीबीआई ने कोर्ट को यह भी बताया कि जब पेपर लीक की खबरें सामने आने लगीं और जांच का दायरा बढ़ा तो आरोपी प्रिंसिपल ने पकड़े जाने के डर से सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की. उन्होंने अपनी सह-आरोपी मनीषा मंधारे के साथ हुई सारी WhatsApp चैट डिलीट कर दी. यही नहीं, उन्होंने फिजिक्स के सवालों वाले उन हाथ से लिखे नोट्स को भी जलाकर राख कर दिया, जिससे कोई पुख्ता सबूत हाथ न लग सके. हालांकि, सीबीआई की फोरेंसिक और टेक्निकल टीम ने इस साजिश का पर्दाफाश कर ही दिया.
तीन विषयों के तीन ‘मास्टरमाइंड’ गिरफ्तार
मनीषा हवलदार की गिरफ्तारी के साथ ही सीबीआई ने नीट परीक्षा के तीनों मुख्य विषयों (फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी) के प्रश्नपत्र लीक करने वाले NTA एक्सपर्ट्स के पूरे त्रिकोण को बेनकाब कर दिया है. इससे पहले केमिस्ट्री के लिए पीवी कुलकर्णी और बॉटनी-जूलॉजी के लिए मनीषा मंधारे को पहले ही दबोचा जा चुका है. एनटीए ने इन तीनों को ही एक्सपर्ट नियुक्त किया था. इस पूरे नेक्सस ने देश के 22 लाख से ज्यादा छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया, जिसके चलते आखिरकार नीट यूजी परीक्षा को रद्द करना पड़ा था.
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Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें