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राजधानी दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आज क्वाड देशों (QUAD Meet) के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक होने जा रही है. इस बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री मार्गों की आजादी, सप्लाई चेन को मजबूत बनाने, ऊर…और पढ़ें

क्वाड मीट में एस जयशंकर , मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वांग और जापान के विदेश मंत्री तोसीमित्सु मोतेगी बैठक करेंगे.
राजधानी दिल्ली में आज क्वाड देशों (QUAD Meet) के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक होने जा रही है. हैदराबाद हाउस में होने वाली इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल होंगे. यह बैठक सुबह 9 बजे शुरू होगी, जिसके बाद करीब 9:50 बजे संयुक्त बयान जारी किया जाएगा.
इस बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री मार्गों की आजादी, सप्लाई चेन को मजबूत बनाने, ऊर्जा सुरक्षा और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी. माना जा रहा है कि बैठक का सबसे बड़ा फोकस चीन के बढ़ते प्रभाव और खासकर क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर में उसके दबदबे को चुनौती देना होगा.
दरअसल, पिछले साल क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स पहल शुरू की गई थी. अब इस बैठक में सप्लाई चेन को विविध बनाने और आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई बड़े कदमों का ऐलान हो सकता है. अमेरिका इस पहल की अगुवाई कर रहा है और माना जा रहा है कि QUAD देश मिलकर चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति तैयार कर रहे हैं.
इस बैठक में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा होगी. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके असर को देखते हुए क्वाड देश ऊर्जा सुरक्षा को लेकर साझा रणनीति बना सकते हैं. इसके अलावा समुद्री सुरक्षा, ट्रांसनेशनल क्राइम, मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं.
QUAD Meet Live: क्वाड के सामने सबसे बड़ी चुनौती चीन
QUAD इस समय इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का सबसे अहम रणनीतिक मंच माना जाता है, लेकिन इसके सामने आज की तारीख में कई बडी चुनौतियां भी हैं. QUAD की सबसे बडी चुनौती चीन है. चीन इसे अपने खिलाफ रणनीतिक घेराबंदी के रूप में देखता है. दक्षिण चीन सागर, ताइवान स्ट्रेट और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की सैन्य और आर्थिक सक्रियता लगातार बढ रही है. ऐसे में QUAD देशों को संतुलन बनाए रखने के साथ टकराव से भी बचना पडता है.
QUAD Meet Live: चीन की गतिविधियों को लेकर चिंता में कई देश
क्वाड की यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में चीन की गतिविधियों को लेकर कई देशों की चिंता बढ़ी हुई है. ऐसे में QUAD देशों की ओर से ‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक’ पर जोर दिए जाने की उम्मीद है. संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के तहत समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और निर्बाध व्यापार पर भी जोर दिया जा सकता है. दिल्ली में होने वाली यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ QUAD की नई रणनीतिक तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है.