भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

राज्यसभा चुनाव में आदिवासी उम्मीदवार उतारेगी भाजपा:लोकसभा-राज्यसभा में झारखंड से भाजपा का...




झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा आदिवासी कार्ड खेलने की तैयारी में है। पार्टी अपने किसी प्रमुख आदिवासी नेता को टिकट देने के पक्ष में दिख रही है। वर्तमान में लोकसभा और राज्यसभा में झारखंड से भाजपा का कोई आदिवासी सांसद नहीं है। ऐसे में पार्टी इस बार किसी आदिवासी चेहरे को उच्च सदन भेजने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रांची की पूर्व मेयर आशा लकड़ा और आईआरएस अधिकारी निशा उरांव के नाम पर गंभीरता से चर्चा हो रही है। इनके अलावा एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव और पूर्व आईपीएस अधिकारी अरुण उरांव का नाम भी सामने आया है। समीर उरांव पहले भी राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। दिल्ली में आयोजित आदिवासियों के राष्ट्रीय समागम के बाद भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं के बीच झारखंड राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद रांची में प्रदेश चुनाव समिति की बैठक भी हुई। बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं ने राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारने पर सहमति जताई। चुनाव समिति ने प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह को तीन नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय चुनाव समिति को भेजने के लिए अधिकृत किया है। वर्तमान में भाजपा के राज्यसभा सांसद: दीपक प्रकाश, आदित्य प्रसाद साहू और प्रदीप वर्मा राज्यसभा सदस्य हैं। अगले महीने दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। आशा लकड़ा… रांची की दो बार महापौर रह चुकी हैं राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा रांची की दो बार मेयर रह चुकी हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की थी। वहां कॉलेज सचिव से लेकर राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य तक की जिम्मेदारी संभाली। वह भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री भी रह चुकी हैं। बंगाल चुनाव में सह-प्रभारी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। झारखंड में आदिवासी हितों, डेमोग्राफी में बदलाव और सामाजिक मुद्दों पर वह मुखर आवाज मानी जाती हैं। निशा उरांव… पूर्व मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव की बेटी हैं निशा उरांव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. रामेश्वर उरांव की बेटी हैं। निशा उरांव झारखंड सरकार में पंचायती राज निदेशक और कृषि निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं। इन दिनों वे आदिवासी अधिकार, पारंपरिक शासन व्यवस्था, ग्रामसभा, पाहन पद, डिलिस्टिंग और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर मुखर हैं। वह इन विषयों पर अपनी राय रखती रही हैं और अधिकारियों को ज्ञापन भी देती रही हैं। अर्जुन मुंडा… 3 बार झारखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं अर्जुन मुंडा झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होंने 1980 के दशक में झारखंड आंदोलन के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा से राजनीतिक पारी शुरू की थी। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए। वह खरसावां विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। जमशेदपुर और खूंटी लोकसभा सीट से सांसद भी रहे हैं। केंद्र सरकार में वे जनजातीय कार्य मंत्री और कृषि मंत्री की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। जीत की संभावनाओं को देखते हुए तय होगा नाम भाजपा उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला उसकी जीत की संभावना को देखते हुए होगा। पार्टी के पास फिलहाल राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए जरूरी आंकड़ा नहीं है और उसे चार विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में यह अहम माना जा रहा है कि किस उम्मीदवार की छवि और राजनीतिक स्वीकार्यता ऐसी है, जिसे अन्य दलों के विधायकों का भी समर्थन मिल सके। माना जा रहा है कि अतिरिक्त समर्थन जुटाने की क्षमता ही टिकट तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top