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भीषण गर्मी के बीच बच्चों में स्विमिंग पूल और पूल पार्टी का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है. डॉक्टरों के मुताबिक गंदा पानी, लंबे समय तक स्विमिंग और तापमान में अचानक बदलाव बच्चों में संक्रमण, बुखार और दूसरी परेशानियों की वजह बन सकता है. ऐसे में पूल पार्टी का आनंद लेते समय बच्चों की सुरक्षा और साफ-सफाई का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
मेरठ: भीषण गर्मी का असर पूरे देश में देखने को मिल रहा है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ समेत आसपास के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. तेज गर्मी से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है. इसी को देखते हुए मेरठ प्रशासन ने प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा 10 तक के स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी हैं. छुट्टियों के दौरान बच्चे स्विमिंग पूल जाने की जिद कर रहे हैं और अभिभावक भी उन्हें गर्मी से राहत दिलाने के लिए पूल लेकर जा रहे हैं. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही बच्चों की सेहत पर भारी पड़ सकती है. इन्हीं बातों को लेकर लोकल-18 की टीम ने लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. नवरत्न गुप्ता से खास बातचीत की.
सीमित समय तक ही कराएं स्विमिंग
लोकल-18 से बातचीत में डॉ. नवरत्न गुप्ता ने बताया कि इस समय गर्मी काफी ज्यादा पड़ रही है, इसलिए लोग राहत पाने के लिए पानी का सहारा ले रहे हैं और स्विमिंग पूल जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि खासकर छोटे बच्चों के मामले में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है.
उन्होंने बताया कि जिस स्विमिंग पूल में बच्चे नहा रहे हैं, वहां पानी की साफ-सफाई पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. अगर पूल का पानी नियमित रूप से नहीं बदला जा रहा है तो यह बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. नहाने के दौरान पानी कान और मुंह के जरिए शरीर के अंदर जा सकता है, जिससे संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है. कई बार बच्चे लंबे समय तक पानी में रहते हैं, जिसके बाद निमोनिया या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं सामने आने लगती हैं. ऐसे में बच्चों को सीमित समय तक ही स्विमिंग पूल में रहने देना चाहिए.
ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
डॉ. गुप्ता ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर के तापमान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. बाहर से आने के तुरंत बाद एसी में बैठने से बचना चाहिए. साथ ही धूप में निकलते समय फुल बाजू के कपड़े पहनना बेहतर रहता है. अगर शरीर में दर्द हो, उल्टी-दस्त की शिकायत हो, लगातार बुखार बना रहे या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. कई बार छोटी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है.
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है. ऐसे में जितना ज्यादा पानी पिया जाएगा, उतना ही सेहत के लिए बेहतर रहेगा.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें