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Deoghar Calculator Boy Ansh Kumar: देवघर का 10 साल का अंश कुमार आज कैलकुलेटर बॉय के नाम से पूरी दुनिया में पहचान बना रहा है. बड़े-बड़े मुश्किल गणित के सवालों को वह बिना कैलकुलेटर के कुछ ही सेकंड में हल कर देता है. 2 पावर 350 तक का मान बाइनरी डिजिटल नोटेशन में लिखकर अंश ने नया इतिहास रच दिया है. उसकी इस अद्भुत प्रतिभा के चलते कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बुक में उसका नाम दर्ज है.
देवघर: झारखंड के देवघर जिले में रहने वाला एक ऐसा बच्चा आज हर किसी के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे लोग प्यार से कैलकुलेटर बॉय के नाम से जानते हैं. महज 10 साल की उम्र में अंश कुमार मानसिक गणना कर लेते हैं. उनकी ये काबीलियत देखकर बड़े-बड़े लोग भी हैरान रह जाते हैं. अंश देवघर के कृष्णपुरी इलाके के रहने वाले हैं. उनके पिता आलोक कुमार एक शिक्षक हैं. जबकि माता रितु कुमारी गृहिणी हैं. साधारण परिवार में जन्मे अंश आज अपनी असाधारण प्रतिभा की वजह से पूरे जिले ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं.
बड़े से बड़े हिसाब कर देता है जुबानी सॉल्व
अंश को बचपन से ही गणित में खास रुचि रही है. जहां आम बच्चे जोड़-घटाव सीखने में समय लगाते हैं. वहीं अंश छोटी उम्र से ही बड़े-बड़े अंकों का हिसाब कुछ ही सेकंड में करने लगे थे. स्क्वायर, स्क्वायर रूट, क्यूब, क्यूब रूट, लंबे गुणा, कठिन भाग और 1 से 100 तक का पहाड़ा उन्हें जुबानी याद है. खास बात यह है कि वह बिना किसी कैलकुलेटर की मदद के इतने तेज गति से जवाब देते हैं कि कई बार सामने बैठा व्यक्ति भी सोच में पड़ जाता है. उनके इसी अद्भुत हुनर को देखते हुए जिला प्रशासन ने उन्हें “कैलकुलेटर बॉय” की उपाधि दी है.
अंश के नाम कई रिकॉर्ड है दर्ज
अंश की प्रतिभा केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रही. उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है. उनके नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड, अमेजिंग रिकॉर्ड्स और बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स जैसी 14 वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज हैं. हाल ही में अंश ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने सभी को चौंका दिया. उन्होंने 2 पावर 1 से लेकर 2 पावर 350 तक के मान को पहली बार पूरे 40 पन्नों में क्रमवार और वैज्ञानिक तरीके से बाइनरी डिजिटल नोटेशन में लिखकर इतिहास रच दिया. इतनी बड़ी गणनाओं को सामान्य लोग कैलकुलेटर या कंप्यूटर के बिना करना तो दूर, समझ भी नहीं पाते हैं.
हाल में बनाया दो विश्व रिकॉर्ड
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि 24 बड़ी संख्याओं जिनके परिणाम 100 अंकों से भी अधिक थे. उन्हें अंश ने केवल एक मिनट के अंदर मानसिक गणना से डिजिटल नोटेशन में बदलकर दिखा दिया. 2 पावर 328 और 2 पावर 350 जैसी कठिन गणनाएं करना विशेषज्ञों के अनुसार बेहद मुश्किल माना जाता है. लेकिन अंश ने इन्हें बेहद सहज तरीके से हल कर नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया. उनकी इस उपलब्धि को अमेजिंग वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और इंस्पिरेशन वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है.
क्या कहते है अंश के पिता?
अंश के पिता आलोक कुमार बताते हैं कि उनका बेटा बचपन से ही अलग तरह की प्रतिभा रखता है. वह दिन-रात गणित और कैलकुलेशन में लगा रहता है. खाली समय में भी वह कैलकुलेटर और अंकों के साथ कुछ नया करने की कोशिश करता रहता है. उन्होंने बताया कि हाल ही में अमेरिका की एक संस्था “यूएन बुक ऑफ रिकॉर्ड” ने भी अंश को कठिन स्क्वायर रूट के सवालों को तेजी से हल करने के लिए सम्मानित किया है.
क्या कहती है अंश की मम्मी?
वहीं अंश की मां रितु कुमारी बताती हैं कि उनका बेटा एक स्पेशल चाइल्ड है. उसे बोलने में थोड़ी परेशानी होती है, इसलिए परिवार उसका विशेष ध्यान रखता है. लेकिन उसकी प्रतिभा इतनी अद्भुत है कि कई बार स्कूल के शिक्षक भी उसकी क्षमता देखकर चौंक जाते हैं. शिक्षकों का कहना है कि अंश कई मामलों में दूसरे बच्चों से काफी आगे निकल जाता है. यही वजह है कि वह ज्यादातर घर पर रहकर ही पढ़ाई करता है.सबसे खास बात यह है कि महज 9 से 10 साल की उम्र में अंश 12वीं और 13वीं स्तर तक के गणित के सवाल हल कर लेते हैं. इतनी छोटी उम्र में इस तरह की प्रतिभा सच में दुर्लभ मानी जाती है. आज अंश कुमार केवल देवघर ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय बन चुके हैं. उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर प्रतिभा और मेहनत साथ हो, तो छोटी उम्र भी बड़े सपनों को पूरा करने से नहीं रोक सकती.
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