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NEET Paper Leak Meeting: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार एक्शन मोड में है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और NTA महानिदेशक के साथ हाई-लेवल बैठक हुई. जिसके बाद चर्चा है कि नीट के पेपर की सुरक्षा की जिम्मेदारी सेना को मिल सकती है.
NEET Paper Leak Scam: नीट पेपर लीक मामले में किसी भी गलती को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा
नई दिल्ली (NEET Paper Leak Meeting). नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में मचे भारी बवाल के बीच केंद्र सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही है. लाखों उम्मीदवारों के गुस्से और विपक्ष के तीखे हमलों के बीच आज देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सरकारी आवास पर बेहद महत्वपूर्ण और हाई-लेवल बैठक बुलाई गई है. इस बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं. NEET को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और शिक्षा मंत्री के बीच बैठक में विचार हुआ.एग्जाम को लेकर जिम्मेदारी पोस्टल डिपार्टमेंट से वायु सेना को जिम्मदारी दिये जाने पर विचार किया गया. लॉजिस्टिक में वायु सेना को जिम्मेदारी मिल सकती है.
राजनाथ सिंह के आवास पर नीट पेपर लीक का महामंथन
नीट यूजी 2026 को पूरी तरह विवाद रहित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सरकारी आवास पर बेहद महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय महामंथन हुआ. इस मैराथन बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के चीफ अभिषेक सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहे. बैठक के दौरान नीट पेपर लीक, गंभीर शिकायतों, प्रशासनिक खामियों और उनके ठोस समाधानों पर गहराई से चर्चा की गई, जिससे सभी चिंताें पूरी तरह दूर की जा सकें.
इसके अलावा, परीक्षा के दौरान बड़े स्तर पर जरूरी लॉजिस्टिक सपोर्ट को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के बीच आपसी तालमेल बिठाने तथा परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, हाई-टेक निगरानी और सख्त व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर खास फोकस रहा. बैठक के अंत में एनटीए चीफ से जमीनी तैयारियों का पूरा फीडबैक लिया गया और यह स्पष्ट संकेत दिया गया कि परीक्षा तंत्र पर छात्रों का भरोसा दोबारा बहाल करना ही सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
नीट री-एग्जाम पर पीएमओ की पैनी नजर
3 मई को रद्द हुई नीट परीक्षा में सामने आए पेपर लीक विवाद और गड़बड़ियों से सबक लेते हुए केंद्र सरकार आगामी 21 जून को होने वाली NEET परीक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद नजर आ रही है. पिछली परीक्षा के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों के भारी विरोध और राजनीतिक आलोचना को देखते हुए इस बार सरकार किसी भी स्तर पर चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहती है. यह संवेदनशील मामला लाखों छात्रों के भविष्य से सीधे जुड़ा है, इसलिए इस बार खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी प्रक्रिया की कमान संभाल रहे हैं; पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग से लेकर ट्रांसपोर्टेशन तक के हर फेज पर पीएमओ की कड़ी नजर है और प्रधानमंत्री को पल-पल की रिपोर्ट भेजी जा रही है.
क्या है नीट विवाद का बैकग्राउंड?
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब 3 मई 2026 को आयोजित की गई नीट परीक्षा के तुरंत बाद राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से पेपर लीक होने की खबरें आईं. सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर एक ‘गेस पेपर’ वायरल हुआ, जिसके सवाल असली परीक्षा से हूबहू मैच कर रहे थे. चौतरफा दबाव और धांधली के पुख्ता सबूत मिलने के बाद एनटीए ने 12 मई 2026 को इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला लिया, जिससे 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवार प्रभावित हुए हैं. वर्तमान में इस मामले की कमान CBI के हाथों में है, जो कई आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर ले चुकी है.
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Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें