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भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और तपिश से आमजन के साथ-साथ पशु-पक्षी भी व्याकुल हैं। छोटे-छोटे जलाशयों के सूख जाने से गौरैया, चिड़िया, कबूतर सहित अन्य पक्षियों को दाना-पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। कई बेजुबान पक्षी पानी के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। इसी को देखते हुए साइंस फॉर सोसाइटी एवं बर्म्मन हाईवे पेट्रोल पंप के संयुक्त तत्वावधान में बीएस कॉलेज के समीप जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत चिकित्सकों, शिक्षाविदों, खिलाड़ियों, अधिवक्ताओं व अन्य प्रबुद्ध नागरिकों ने टू-व्हीलर, फोर-व्हीलर, ऑटो, साइकिल सवारों, यात्रियों तथा राहगीरों के बीच करीब पांच सौ से अधिक मिट्टी के सिकोरे और चावल-गेहूं के दाने से भरे कागज के पाउच का वितरण किया। इस दौरान लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों, आंगनों एवं मोहल्लों में पशु-पक्षियों के लिए प्रतिदिन जल और अन्न की व्यवस्था करें। मौके पर सोसाइटी सह आईएमए के अध्यक्ष डॉ. गणेश प्रसाद एवं शिक्षाविद मदन मोहन पांडेय ने कहा कि थोड़े से प्रयास से हम हजारों पशु-पक्षियों की जान बचा सकते हैं। डॉ. आइलिन एवं झारखंड प्रदूषण नियंत्रण परिषद के पूर्व सदस्य ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि जीव-जंतुओं की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। सोसाइटी के एडवाइजरी सदस्य एवं पर्यावरण प्रेमी संजय बर्म्मन तथा रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव अरुण राम ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन में पशु-पक्षियों की अहम भूमिका होती है। अधिवक्ता अनिल पांडेय, देवाशीष कार एवं सामाजिक कार्यकर्ता मोहन दुबे ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर छायादार स्थानों पर बाल्टी या नाद में पानी रखें।
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