तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में अब एक नया ट्विस्ट सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों के तार कभी टीएमसी से जुड़े नेताओं के साथ जुड़े रहे हैं. इस खुलासे के बाद हमले को लेकर कई नए सवाल खड़े हो गए हैं और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है.
सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी पर हमले के आरोप में गिरफ्तार किए गए कम से कम चार आरोपी कभी टीएमसी की पूर्व विधायक अरुंधति मैत्रा (लवली मैत्रा) के करीबी माने जाते थे. इनमें तपन माइती, निर्मल्या सेनगुप्ता उर्फ जॉय, काजल दास और देबाशीष दत्ता के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. इन चारों को पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के ऊपर हुए हमले के मामले में गिरफ्तार किया है.
‘टीएमसी कार्यकर्ता था मेरा बेटा’
वहीं इस घटना के सिलसिले में गिरफ़्तार एक अन्य आरोपी आकाश गायेन इलाके में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता के तौर पर जाना जाता है. उसकी मां ने माना कि वह पार्टी से जुड़ा हुआ था और दावा किया कि वह चुनावों के दौरान नियमित रूप से टीएमसी के बूथों पर बैठता था. उसने कहा कि उसके बेटे के पास अभिषेक बनर्जी के खिलाफ रंजिश रखने का कोई कारण नहीं था.
आकाश की मां के अनुसार, शुक्रवार दोपहर को घटना के बाद आकाश हमेशा की तरह घर लौटा और बाद में पास के एक मैदान में फुटबॉल खेलने चला गया. उन्होंने बताया कि पुलिस ने उसी रात बाद में उसे उठा लिया. आकाश की मां ने यह भी कहा कि परिवार को उसकी गिरफ़्तारी के पीछे की सही वजह के बारे में नहीं बताया गया है. आकाश के पिता रिक्शा वैन चालक के तौर पर काम करते हैं, जबकि आकाश खुद बेरोज़गार था.
यह घटना दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में हुई, जहां अभिषेक बनर्जी बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों से मिलने गए थे. रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरे के दौरान भीड़ ने उन पर हमला कर दिया, जिससे राज्य में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया. तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस हमले के लिए राज्य की बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है.
जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या इन राजनीतिक संबंधों का हमले से कोई सीधा संबंध है या फिर यह महज संयोग है. फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और पूरे घटनाक्रम की हर एंगल से जांच की जा रही है.
अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी को कहा शुक्रिया
इस बीच अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट लिखकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का समर्थन और चिंता जताने के लिए धन्यवाद दिया. अपने पोस्ट में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वे लोकतंत्र, संविधान और देश की संस्थाओं की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.
अभिषेक ने लिखा कि पिछले वर्ष उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के तहत सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में पांच देशों का दौरा किया था और भारत का पक्ष मजबूती से रखा था. उन्होंने कहा कि आज वह राजनीतिक हिंसा और ‘राज्य प्रायोजित आतंक’ के शिकार बने हैं.
बीजेपी पर साधा निशाना
टीएमसी सांसद ने अपने पोस्ट में भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग बीजेपी का समर्थन करते हैं उन्हें देशभक्त बताया जाता है, जबकि सवाल उठाने वालों को निशाना बनाया जाता है. उन्होंने कहा कि वह अपने सिद्धांतों से समझौता करने के बजाय लोकतंत्र की रक्षा के लिए दबाव और धमकियों का सामना करना पसंद करेंगे.
अभिषेक बनर्जी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि सत्ता अस्थायी होती है लेकिन जनता की इच्छा स्थायी होती है. उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी लोकतंत्र को कमजोर करने और समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी.
उधर, हमले के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी, इसे लेकर जांच अभी जारी है. पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके राजनीतिक, सामाजिक तथा व्यक्तिगत संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है. इस नए खुलासे ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है और आने वाले दिनों में जांच से और अहम तथ्य सामने आ सकते हैं.
कल्याण बनर्जी पर भी हुआ हमला
कल्याण बनर्जी ने इस हमले के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थकों ने सुनियोजित तरीके से उन पर हमला कराया. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और पुलिस घटनास्थल के वीडियो फुटेज भी खंगाल रही है.