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jamshedpur Watch Doctor : जमशेदपुर के इरशाद अली पिछले पांच दशक से घड़ियों की मरम्मत कर रहे हैं. वह विदेशी और रोलेक्स घड़ियां भी ठीक करते हैं, लोग उन्हें घड़ियों का डॉक्टर कहते हैं. वह घड़ी की मरम्मत फीस 150 रुपचे लेते हैं. आइये जानते हैं उनके बारे में.
जमशेदपुर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के इस दौर में जहां अधिकांश काम मशीनों और डिजिटल उपकरणों के जरिए किए जा रहे हैं. वहीं, जमशेदपुर में आज भी कुछ लोग अपनी पारंपरिक कला और वर्षों के अनुभव के दम पर लोगों का भरोसा कायम रखे हुए हैं. ऐसे ही एक शख्स हैं, 52 नंबर गली निवासी इरशाद अली, जिन्हें शहर भर में ‘घड़ियों के डॉक्टर’ के नाम से जाना जाता है. वह पिछले 5 दशकों से वे घड़ियों की मरम्मत और सर्विसिंग का काम कर रहे हैं और आज भी उसी लगन, मेहनत और बारीकी के साथ हर घड़ी को नया जीवन देने में जुटे हुए हैं.
इरशाद अली ने बताया कि उन्होंने यह काम कई दशक पहले शुरू किया था. उस समय एक घड़ी की सर्विसिंग के लिए मात्र तीन रुपये मिलते थे. समय के साथ तकनीक बदली, घड़ियों के डिजाइन बदले और बाजार में नए-नए ब्रांड आए, लेकिन उनके काम करने का जुनून कभी नहीं बदला. आज वे एक घड़ी की फुल सर्विसिंग के लिए लगभग 150 रुपये लेते हैं और हर घड़ी को पूरी सावधानी के साथ ठीक करते हैं.
विदेशी घड़ियों की कर लेते हैं मरम्मत
उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह केवल स्थानीय या भारतीय घड़ियां ही नहीं, बल्कि विदेशी और महंगी इंपोर्टेड घड़ियों की भी मरम्मत कर लेते हैं. वर्षों के अनुभव ने उन्हें घड़ियों की ऐसी समझ दी है कि खराब से खराब घड़ी की समस्या को वे आसानी से पहचान लेते हैं. चाहे पुरानी मैकेनिकल घड़ी हो या आधुनिक डिजाइन वाली घड़ी, उनके लिए हर घड़ी का इलाज संभव है.
रोलेक्स घड़ी की भी कर चुके हैं मरम्मत
इरशाद अली बताते हैं कि कई साल पहले टाटा स्टील के एक वरिष्ठ अधिकारी अपनी महंगी रोलेक्स घड़ी लेकर उनके पास आए थे. उस समय उस घड़ी की कीमत लगभग एक लाख रुपये थी. उन्होंने बड़ी सावधानी से घड़ी की सर्विसिंग की और जब घड़ी पूरी तरह ठीक हो गई तो अधिकारी उनकी कला से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने मेहनताना के अलावा एक हजार रुपये अतिरिक्त इनाम भी दिया. यह घटना आज भी उनके लिए गर्व का विषय है.
वहीं, घड़ी की सर्विसिंग कराने आए ग्राहक हरिंदर सिंह बताते हैं कि इरशाद अली का काम बेहद साफ-सुथरा और भरोसेमंद है. उनके अनुसार, सिर्फ स्थानीय ही नहीं, बल्कि महंगी विदेशी घड़ियों की मरम्मत भी वे बड़ी कुशलता से करते हैं. यही वजह है कि जमशेदपुर ही नहीं, आसपास के इलाकों से भी लोग अपनी पसंदीदा घड़ियां लेकर उनके पास पहुंचते हैं.
लोग कहते हैं घड़ियों का डाक्टर
आज जब अधिकांश लोग खराब घड़ी को बदलना ज्यादा आसान समझते हैं, तब इरशाद अली जैसे कारीगर अपनी मेहनत और हुनर से पुरानी घड़ियों को फिर से चलाकर समय के साथ एक अनोखा रिश्ता बनाए हुए हैं. यही कारण है कि शहर में उन्हें सम्मान के साथ ‘घड़ियों का डॉक्टर’ कहा जाता है.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें