भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

इतिहास जिंदा… झुंझुनूं के प्राइवेट बस स्टैंड को अब मिली नई पहचान!...


Last Updated:

Jhunjhunu Private Bus Standछ झुंझुनूं शहर के प्राइवेट बस स्टैंड को अब एक नई पहचान मिलने जा रही है. नगर के पहले शहीद इंद्रसिंह सैनी के सम्मान में प्राइवेट बस स्टैंड का नाम बदलकर “शहीद इंद्रसिंह सैनी बस स्टैंड” रखने का निर्णय लिया गया है. इस फैसले का उद्देश्य शहीद के बलिदान को सम्मान देना और आने वाली पीढ़ियों को उनके योगदान से परिचित कराना है. स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है. बताया जा रहा है कि शहर के प्रमुख स्थानों पर भी शहीद इंद्रसिंह सैनी के नाम को सम्मानपूर्वक स्थापित किया जाएगा. नाम परिवर्तन के बाद बस स्टैंड की पहचान आधिकारिक रूप से नए नाम से होगी, जिससे यात्रियों और नागरिकों को शहीद की स्मृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा.

Jhunjhunu News: झुंझुनूं शहर के प्राइवेट बस स्टैंड का नाम बदल दिया गया है. जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्व सम्मति इस बस स्टैंड का नाम बदला गया है. अब यह बस स्टैंड शहीद इंद्रसिंह सैनी के नाम से जाना जाएगा. ये झुंझुनूं के पहले शहीद थे, जिन्हें देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे. जल्द ही मुख्य बोर्ड पर भी शहीद इंद्रसिंह सैनी का नाम लिखा जाएगा.

आपको बता दें कि झुंझुनूं शहर के इस बस स्टैंड में केवल प्राइवेट बसों का हो संचालन होता है. यहां से लोकल रूट से लेकर देश के अलग अलग राज्यों के लिए बसे जाती है. इसके अलावा लोक परिवहन बसों का भी संचालन यहां होता है. रोजाना दर्जनों लंबी रूटों की स्लीपर बस यहां चलती है. यह बस स्टैंड शेखावाटी के सबसे बड़े बस स्टैंड में से एक है.

इस बस स्टैंड का नाम शाहिद के नाम से किए जाने पर लोगों में खुशी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सही मायने में शहीद इंद्रसिंह सैनी का सही सम्मान है. इस प्राइवेट बस स्टैंड का नाम उनके नाम पर रखे जाने से उनका नाम हमेशा के लिए अमर हो गया है. आने वाली पीढ़ी भी उनके शौर्य और पराक्रम के किस्सों के बारे में जान सकेगी. जानकारी के अनुसार इस बस स्टैंड पर शहीद इंद्रसिंह सैनी की जानकारी भी लिखी जाएगी.

Add News18 as
Preferred Source on Google

जानिए कौन थे इंद्रसिंह सैनी: जवान इंद्रसिंह सैनी जवानों की फैक्ट्री कहे जाने वाले झुंझुनू जिले के पहले शहीद जवान थे. जब वे शहीद हुए तब उनकी पोस्टिंग जम्मू के सांबा कैवेलरी रेजीमेंट में थी. गुरुवार का दिन था, तभी अचानक कुछ आतंकवादियों ने हमला कर दिया. तब उन्होंने हिम्मत से आतंकियों को जवाब दिया. लेकिन, अचानक हुए हमले से नहीं बच सके.

एक आतंकी की गोली जवान इंद्रसिंह सैनी को लग गई. इस दौरान वे आखिरी सांस तक लड़ते रहे और अंत में लड़ते लड़ते ही शहीद हो गए. जब उनका शव राजकीय अंतिम संस्कार के लिए लाया गया तभी एक उनकी पत्नी और बच्चों को उनके शहीद होने की खबर नहीं थी. जब शहीद इंद्रसिंह सैनी के घर वालों ने बहुत सारे जवानों को घर आते देखा तो वे सहम गए. जब सेना के अधिकारी ने परिवार वालों को उनका सामान दिया, तो घर में चीख पुकार मच गया.

जब लोगों को इस बारे में पता चला तो उनके अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोग शमिल हुए. इसके बाद उनका स्मारक भी बनाया गया. हर साल उनके शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होता है. इसके अलावा जगह रक्तदान और जगह जगह सेवा के कार्य होते हैं. ऐसे में अब लोगों की मांग के अनुसार उनके नाम पर झुंझुनूं शहर के प्राइवेट बस स्टैंड का नाम रखा गया है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top