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Poultry Farming: आज के समय में गांवों के युवा सिर्फ नौकरी पर निर्भर नहीं रहना चाहते, बल्कि खेती और पशुपालन से जुड़े छोटे व्यवसायों के जरिए अच्छी कमाई कर रहे हैं. इन्हीं में मुर्गी पालन का व्यवसाय तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. कम खर्च और कम जगह में शुरू होने वाला यह काम अब ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा जरिया बनता जा रहा है. पहले लोगों को लगता था कि किसी भी व्यवसाय की शुरुआत करने के लिए लाखों रुपये की जरूरत होती है, लेकिन अब ऐसा नहीं है. अगर मेहनत और कुछ नया करने की इच्छा हो, तो कम लागत में भी अच्छा रोजगार शुरू किया जा सकता है. खासकर मुर्गी पालन ऐसा व्यवसाय है, जिसे गांव में आसानी से शुरू किया जा सकता है और इससे अच्छी आमदनी भी होती है.
देवघर के बघोरी गांव के मुर्गी पालक गौरी राय ने बताया कि कई लोग मुर्गी पालन करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें शुरुआत करने का तरीका और खर्च को लेकर जानकारी नहीं होती. उन्होंने कहा कि इस व्यवसाय की शुरुआत सिर्फ 100 चूजों से भी की जा सकती है. धीरे-धीरे अनुभव बढ़ने के साथ व्यवसाय को बड़ा बनाया जा सकता है.
उन्होंने बताया कि आज कई बड़ी पोल्ट्री कंपनियां किसानों को मुफ्त में चूजे, दाना, दवाई और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराती हैं. किसानों को सिर्फ जमीन और एक साधारण शेड तैयार करना होता है. कंपनियां समय-समय पर डॉक्टर और विशेषज्ञ भी भेजती हैं, जो मुर्गियों की देखभाल की जानकारी देते हैं. इससे बीमारी और नुकसान की संभावना कम हो जाती है.
गौरी राय, जिन्हें संदीप राय के नाम से भी जाना जाता है, पिछले करीब 10 वर्षों से मुर्गी पालन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने भी अपने व्यवसाय की शुरुआत केवल 100 मुर्गों और मुर्गियों से की थी. शुरुआत में काफी दिक्कतें आईं, लेकिन लगातार मेहनत के बाद आज उनके पास 4 से 5 हजार तक मुर्गियां हैं.
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इससे उन्हें हर महीने अच्छा मुनाफा हो रहा है.उन्होंने कहा कि अगर मुर्गियों की सही देखभाल की जाए और समय पर दाना-पानी दिया जाए, तो यह व्यवसाय बहुत तेजी से बढ़ सकता है. गांव के बेरोजगार युवाओं के लिए यह एक अच्छा विकल्प है, क्योंकि इसमें ज्यादा पढ़ाई-लिखाई या बड़ी मशीनों की जरूरत नहीं होती.
मुर्गी पालन में तेजी से बढ़ने वाली नस्लों से ज्यादा फायदा होता है. बाजार में उतरा, वेनकी और फोनिक्स जैसी नस्लें मौजूद हैं, जो लगभग 21 दिनों में तैयार हो जाती हैं. इसके बाद किसान इन्हें बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. त्योहार और शादी के सीजन में चिकन की मांग बढ़ने से कीमत भी अच्छी मिलती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युवा सही योजना और मेहनत के साथ इस व्यवसाय को शुरू करें, तो कुछ ही वर्षों में इसे बड़े कारोबार में बदला जा सकता है. गांवों में रोजगार की कमी के बीच मुर्गी पालन युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर रहा है. कम जोखिम और ज्यादा कमाई की संभावना के कारण यह व्यवसाय ग्रामीण इलाकों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.
मुर्गी पालन में किसान मांस और अंडा दोनों बेचकर दोगुना मुनाफा कमा सकते हैं. यही वजह है कि कम समय में अच्छी कमाई के लिए अब बड़ी संख्या में किसान और युवा पोल्ट्री फार्मिंग की ओर बढ़ रहे हैं.