भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

बरमसिया, सोनाबाद, महुआटांड़ व चांदो के प्लस 2 व हाई स्कूल होंगे...




राज्य सरकार ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कॉन्वेंट स्तर का बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। अगले शैक्षणिक सत्र से राज्य में 100 नए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय खोले जाएंगे। इसमें बोकारो जिला के चार स्कूल शामिल हैं। सभी स्कूलों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से मान्यता दिलाई जाएगी, जिसके लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने युद्ध स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कदम से अब गांव-कस्बों के बच्चों को भी वैश्विक स्तर की आधुनिक शिक्षा मिल सकेगी। वर्तमान में राज्य में 80 मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों का सफल संचालन किया जा रहा है और अब इस नई सौगात के बाद ऐसे आधुनिक स्कूलों की राज्य कुल संख्या बढ़कर 180 हो जाएगी। वहीं बोकारो में इसकी संख्या सात हो जाएगी। बोकारो में उत्क्रमित प्लस टू हाई स्कूल बरमसिया, उत्क्रमित बेसिक हाई स्कूल सोनाबाद, उत्क्रमित राजकीयकृत प्लस टू हाई स्कूल महुआटांड़ और उत्क्रमित राजकीयकृत प्लस टू हाई स्कूल चांदो शामिल है। 2027-28 से चलेगा सीबीएसई पैटर्न, भेजा प्रस्ताव झारखंड शिक्षा परियोजना ने सीबीएसई मान्यता से जुड़ा औपचारिक प्रस्ताव स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को भेज दिया है। विभाग की हरी झंडी मिलते ही सीबीएसई बोर्ड के पास ऑनलाइन आवेदन जमा कर दिया जाएगा। अधिकारियों का लक्ष्य है कि इसी वर्ष मान्यता से जुड़ी सभी कागजी और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं। इसके बाद शैक्षणिक सत्र 2027-28 से इन विद्यालयों में पूरी तरह से सीबीएसई के मापदंडों के अनुरूप कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा। बड़ी पहल हाईटेक सुविधाओं से लैस होंगे ये सभी उच्च विद्यालय झारखंड शिक्षा परियोजना ने नए सत्र की तैयारियों को लेकर सभी जिलों से स्कूलों के बुनियादी ढांचे की विस्तृत जानकारी मांगी थी। जिला स्तर से रिपोर्ट मिलने के बाद अब इन स्कूलों के कायाकल्प की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इन 100 स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर पूरी तरह अपग्रेड किया जाएगा। इसके तहत आधुनिक भवन और क्लासरूम, ज्ञान के विस्तार के लिए देश-दुनिया की बेहतरीन किताबें और ई-लर्निंग की सुविधा मिलेगी। स्मार्ट लैब और खेल सामग्री, छात्र-छात्राओं के लिए अलग और सर्वसुविधायुक्त शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। 100 नए उत्कृष्ट विद्यालयों में से 78 स्कूलों में 12वीं तक की उच्च शिक्षा दी जाएगी, जबकि शेष 22 विद्यालयों में 10वीं तक की पढ़ाई होगी। इसमें 59 प्रखंड स्तरीय आदर्श स्कूल भी शामिल हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों के बच्चों को सीधे लाभ मिलेगा। बोकारो जिला में तीन स्कूल में प्लस टू तक पढ़ाई होगी वहीं एक स्कूल में 10 तक की पढ़ाई की व्यवस्था रहेगी। इस सकारात्मक बदलाव से न सिर्फ राज्य का ड्रॉपआउट रेट (पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले बच्चों की संख्या) कम होगा, बल्कि झारखंड के सरकारी स्कूलों के छात्र भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में निजी स्कूलों के बच्चों को कड़ी टक्कर दे सकेंगे।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top