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रामायण केवल कथा नहीं, जीवन जीने की सीख: ओम प्रकाश पांडेय




सिटी रिपोर्टर| बोकारो चास नगर निगम के वार्ड संख्या 28 स्थित बंशीडीह के राजहंस शिव मंदिर में आयोजित रामायण कथा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। कथा वाचक ओम प्रकाश पांडेय ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि आदर्श जीवन, परिवार और समाज की मार्गदर्शिका है। उन्होंने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के आपसी प्रेम, त्याग, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के प्रसंगों को विस्तार से सुनाया। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि भरत ने राजसिंहासन स्वीकार करने के बजाय श्रीराम की खड़ाऊं को अयोध्या के सिंहासन पर स्थापित कर आदर्श भाईचारे और त्याग का उदाहरण प्रस्तुत किया। वहीं लक्ष्मण ने 14 वर्षों तक वनवास में श्रीराम की सेवा कर कर्तव्य और समर्पण की मिसाल कायम की। कथा वाचक ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण भारतीय संस्कृति के सबसे महत्वपूर्ण महाकाव्यों में से एक है। इसमें सत्य, धर्म, मर्यादा, करुणा, सेवा और पारिवारिक मूल्यों का संदेश निहित है। रामायण के पात्र आज भी समाज को नैतिकता और आदर्श जीवन की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में रामायण के आदर्शों को अपनाकर परिवार और समाज में प्रेम, सौहार्द और संस्कारों को मजबूत किया जा सकता है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से प्रवचन सुना और भगवान श्रीराम के जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। आयोजकों ने बताया कि रामकथा का आयोजन आगामी दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ उठा रहे हैं।



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