Today Weather Live: पूरे देश में मानसून कहर बरपा रहा है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से लगातार लैंडस्लाइड की खबरें आ रही है. राजधानी दिल्ली में बारिश के कारण हालात खराब हैं. और मध्यप्रदेश में बाढ़ जैसे हालात हैं. मानसून अब कई राज्यों में यह आफत का दूसरा नाम बनता जा रहा है. कहीं साइक्लोनिक सर्कुलेशन बादलों को लगातार सक्रिय कर रहा है तो कहीं कम दबाव का क्षेत्र मूसलाधार बारिश की वजह बन गया है. मौसम विभाग (IMD) ने 11 जुलाई के लिए जो ताजा पूर्वानुमान जारी किया है उसने उत्तर भारत से लेकर पूर्वी भारत तक लोगों की चिंता बढ़ा दी है. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत करीब 20 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का खतरा बताया गया है. कई इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. राहत की बात यह है कि भीषण लू से छुटकारा मिलता रहेगा, लेकिन इसकी जगह उमस, जलभराव, बिजली गिरने और बाढ़ जैसी समस्याएं लोगों की परीक्षा लेंगी. यही वजह है कि मौसम विभाग बार-बार लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दे रहा है.
दिल्ली-एनसीआर में तेज हवा और भारी बारिश के कारण पेड़ गिरने, जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है. (AP)
- देशभर में बारिश का यह दौर केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं है. दक्षिण भारत में भी मानसून पूरी ताकत से सक्रिय है. महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा में भी अच्छी बारिश के संकेत हैं. पूर्वोत्तर राज्यों में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है. मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है, जबकि किसानों को खुले खेतों में बिजली चमकने के दौरान काम करने से बचने को कहा गया है. मौसम विभाग का मानना है कि कई जिलों में भारी बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है. इसलिए लोगों को पहले से तैयारी रखने की जरूरत है.
- IMD के अनुसार 11 जुलाई को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, असम, त्रिपुरा, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश समेत 20 राज्यों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिलेगा. कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है. तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और स्थानीय स्तर पर नुकसान की आशंका बनी हुई है. प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है.
दिल्ली-एनसीआर में तेज हवा और भारी बारिश से मौसम लेगा करवट
राजधानी दिल्ली और एनसीआर में 11 जुलाई को एक बार फिर मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है. मौसम विभाग ने भारी बारिश और तेज आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 75 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बारिश के बाद उमस बढ़ सकती है, लेकिन भीषण गर्मी से राहत मिलेगी. निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन सकती है. लोगों को बिजली गिरने और खुले स्थानों पर खड़े रहने से बचने की सलाह दी गई है.
उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक बारिश और तूफान का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है. मेरठ, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, कानपुर, बहराइच, बलरामपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बाराबंकी, मिर्जापुर, सुल्तानपुर, हरदोई और रायबरेली समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है. इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. किसानों को खेतों में सावधानी बरतने और लोगों को पेड़ों तथा कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है.
बिहार में वज्रपात और मूसलाधार बारिश का दोहरा खतरा
बिहार में बारिश के साथ आकाशीय बिजली सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है. पटना, गया, पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, औरंगाबाद, नालंदा, लखीसराय, अरवल, रोहतास, भोजपुर, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज और खगड़िया सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. हवा की गति 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. पटना में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है. बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए लोगों से खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की गई है.
झारखंड में साइक्लोनिक सर्कुलेशन से तीन दिन तक भारी बारिश
झारखंड में बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 11 से 13 जुलाई तक लगातार बारिश की संभावना है. रांची, दुमका, देवघर, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, रामगढ़, गुमला, पलामू और पश्चिमी सिंहभूम सहित कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. रांची में अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है.
पश्चिम बंगाल: चक्रवाती हवाओं से तीन दिन तक बारिश का दौर
पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों और बांग्लादेश के ऊपर बने ऊपरी हवा के साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर साफ दिखाई देगा. कोलकाता, हावड़ा, बांकुड़ा, पुरुलिया, बीरभूम, हुगली, दार्जिलिंग, कूचबिहार और अलीपुरद्वार समेत कई जिलों में भारी बारिश और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. कोलकाता में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. निचले इलाकों में जलभराव और नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
मध्य प्रदेश में कम दबाव के क्षेत्र के कारण मानसूनी गतिविधियां तेज बनी रहेंगी. (AP)
राजस्थान में बारिश कम, लेकिन गर्मी और तेज हवाएं बरकरार
राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल भारी बारिश की संभावना कम है. हालांकि कोटा, अजमेर, जोधपुर, बूंदी, करौली, सीकर, श्रीगंगानगर, जैसलमेर और बारां सहित कई जिलों में तेज हवाएं चल सकती हैं. जयपुर में अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में उमस और गर्मी बनी रह सकती है, जबकि पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
मध्य प्रदेश में कम दबाव के क्षेत्र से बारिश का दायरा बढ़ेगा
मध्य प्रदेश में कम दबाव के क्षेत्र के कारण मानसूनी गतिविधियां तेज बनी रहेंगी. इंदौर, भोपाल, दमोह, मंडला, नरसिंहपुर, हर्दा, रायसेन, शहडोल, उमरिया, धार और ग्वालियर समेत कई जिलों में भारी बारिश और 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. भोपाल में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. कई जिलों में नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं.
पंजाब में बारिश के साथ 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा
पंजाब में 11 और 12 जुलाई के दौरान मानसून सक्रिय रहेगा. अमृतसर, पटियाला, बठिंडा, जालंधर, गुरदासपुर, होशियारपुर, संगरूर और फाजिल्का सहित कई जिलों में भारी बारिश और 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने किसानों को फसलों और पशुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम करने की सलाह दी है.
पहाड़ों में भूस्खलन और तेज बारिश का खतरा
- उत्तराखंड में नैनीताल, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, अल्मोड़ा और हरिद्वार समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. देहरादून में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. चारधाम यात्रा मार्गों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है.
- हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, बिलासपुर और सोलन में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं. मनाली में अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं.
दक्षिण भारत: केरल-कर्नाटक में मानसून का सबसे ज्यादा असर
दक्षिण भारत में अगले 48 घंटे के दौरान केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. पश्चिमी घाट के इलाकों में अत्यधिक वर्षा हो सकती है. महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात में भी तेज बारिश का अनुमान है. मौसम विभाग ने समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है.
11 जुलाई को सबसे ज्यादा खतरा किन राज्यों में रहेगा?
IMD के अनुसार दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली का खतरा सबसे अधिक रहेगा. कई स्थानों पर हवा की गति 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
दिल्ली-एनसीआर के लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
दिल्ली-एनसीआर में तेज हवा और भारी बारिश के कारण पेड़ गिरने, जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है. मौसम विभाग ने अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों पर खड़े न होने और मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है.
झारखंड और पश्चिम बंगाल में बारिश इतनी ज्यादा क्यों होगी?
इन दोनों राज्यों पर ऊपरी हवा के साइक्लोनिक सर्कुलेशन और कम दबाव के क्षेत्र का संयुक्त असर पड़ रहा है. इसी कारण लगातार नमी मिल रही है और 11 से 13 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
पहाड़ी राज्यों में सबसे बड़ा खतरा क्या है?
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बंद होने, नदियों के जलस्तर बढ़ने और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियां बन सकती हैं. चारधाम यात्रा करने वालों को मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है.
क्या दक्षिण भारत में भी मानसून उतना ही सक्रिय रहेगा?
हां. केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अगले 48 घंटे के दौरान भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. पश्चिमी घाट के इलाकों में अत्यधिक वर्षा हो सकती है, जबकि तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों का खतरा बना रहेगा.