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AI से बदलेगी झारखंड की तस्वीर! ₹1150 करोड़ का मेगा प्लान, 1...


नई दिल्ली/रांची. झारखंड की हेमंत सरकार ने राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सुशासन और डिजिटल अर्थव्यवस्था का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दौरान राज्य सरकार ने ‘झारखंड AI विजन-2050’ का व्यापक रोडमैप पेश किया. इस विजन का उद्देश्य शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और नागरिक सेवाओं में AI का व्यापक इस्तेमाल कर सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, त्वरित, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है.

राज्य सरकार ने इस डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए अगले पांच वर्षों में ₹1,150 करोड़ निवेश का प्रस्ताव रखा है. यह राशि AI अवसंरचना के विकास, डिजिटल क्षमता विस्तार, नवाचार को बढ़ावा देने और विभिन्न सरकारी विभागों में AI आधारित समाधान लागू करने पर खर्च की जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे आम लोगों तक सरकारी सेवाएं अधिक तेज, गुणवत्तापूर्ण और आसान तरीके से पहुंच सकेंगी.

रांची में बनेगा 100.97 एकड़ का आईटी पार्क

बैठक के दौरान रांची में प्रस्तावित 100.97 एकड़ के अत्याधुनिक आईटी पार्क की भी जानकारी दी गई. इस पार्क को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. सरकार को उम्मीद है कि इससे झारखंड आईटी और डिजिटल निवेश का बड़ा हब बनकर उभरेगा.

विजन-2050 के बड़े लक्ष्य

झारखंड सरकार ने विजन-2050 के तहत कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं. इनमें ₹10,000 करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित करना, 50 से ज्यादा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करना, 1,000 से अधिक AI स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और 1 लाख से ज्यादा AI आधारित रोजगार के अवसर सृजित करना शामिल है.

AI स्किलिंग और शिक्षा पर रहेगा विशेष फोकस

रोडमैप में AI शिक्षा, एडवांस स्किल डेवलपमेंट, शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी और सरकारी अधिकारियों व युवाओं के क्षमता निर्माण पर भी विशेष जोर दिया गया है. सरकार का लक्ष्य भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करना है, ताकि राज्य के युवा नई तकनीकों के क्षेत्र में बेहतर अवसर हासिल कर सकें.

निवेशकों और उद्योग जगत से साझेदारी का आह्वान

कार्यक्रम में प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, निवेशकों, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत से झारखंड के साथ साझेदारी करने की अपील की गई. सरकार ने AI आधारित सुशासन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और नवाचार कार्यक्रमों के विकास में निजी क्षेत्र के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया. झारखंड सरकार का कहना है कि विजन-2050 केवल डिजिटल परिवर्तन की योजना नहीं, बल्कि राज्य को निवेश, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दीर्घकालिक रणनीति है. यदि यह रोडमैप तय समयसीमा में लागू होता है, तो आने वाले वर्षों में झारखंड AI आधारित विकास और डिजिटल गवर्नेंस का नया मॉडल बन सकता है.



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