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एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के क्रैश को आज पूरा एक साल हो गया है. इस हादसे की जांच को लेकर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपडेट जारी किया है. ब्यूरो ने बताया कि प्लेन के फ्लाइट रिकॉर्डर डेटा, इंजन, तकनीकी सिस्टम, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण सबूतों की गहन जांच की जा चुकी है. अंतिम निष्कर्षों का व्यापक विश्लेषण फिलहाल जारी है. एएआईबी ने साफ कहा है कि उसकी जांच का मकसद किसी को दोषी बताना नहीं, बल्कि एविएशन सिक्योरिटी को बेहतर बनाना है.
एएआईबी ने अहमदाबाद प्लेन क्रैश को लेकर अहम अपडेट जारी की हैं.
Air India AI-171 Plane Crash: 12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ सेकेंडों बाद एयर इंडिया का प्लेन क्रैश हो गया था. आज इस हादसे को ठीक एक साल पूरा हो गया है. बीते एक साल के दौरान हर किसी की जिज्ञासा यही जानने को लेकर रही कि इस क्रैश की असल वजह क्या थी. आधिकारिक तौर पर एएआईबी ने 12 जुलाई 2025 को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की. इस रिपोर्ट में इशारा किया गया कि हादसे की वजह प्लेन के फ्यूल स्विच की तकनीकी खराबी हो सकती है. साथ ही, इस प्रारंभिक रिपोर्ट में एक बात भी थी, जिसने अटकलों का बाजार गर्म कर दिया था.
दरअसल, इस रिपोर्ट में दोनों पायलटों की बीच हुई बातचीत के एक अंश का जिक्र किया गया था. इसी जिक्र को विदेशी कंपनियों ने लपक लिया. इसी बात के आधार पर इस क्रैश में जान गंवाने वाले कैप्टन सुमित सभरवाल पर पूरा दोष मढ़ा जाने लगा. हालात यहां तक पहुंच गए कि कैप्टन सुमित के वयोवृद्ध माता-पिता को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा. हादसे को लेकर दो अलग अलग बातों ने सबकी निगाह एक बार फिर एएआईबी की तरफ मोड़ दी. सभी को इंतजार था कि अब एएआईबी की अंतिम रिपोर्ट के जरिए हादसे का असली सच सामने आएगा. आशा की जा रही थी कि आज यानी 12 जून को यह रिपोर्ट आ जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
पहली बरसी पर एएआईबी कहा- जांच किसी को दोषी ठहराने के लिए नहीं!
बीते एक साल में चले इस पूरे घटनाक्रम को देखने के बाद एएआईबी ने AI-171 की पहली बरसी पर बेहद अहम बात कही है. प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए एएआईबी ने कहा है कि उसका मकसद किसी व्यक्ति, संस्था या संगठन को दोषी ठहराना नहीं है. क्रैश इंवेस्टिगेशन का असल मकसद सबक लतेते हुए ऐसे सुरक्षा उपाय तलाशना है, जिनसे भविष्य में इस तरह की र्दुघटनाओ को रोका जा सके. साथ ही, एविएशन सिक्योरिटी को बेहतर और पुख्ता किया जा सके. एएआईबी ने अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी तरह की अटकलें न लगाई जाएं.
जांच को लेकर एएआईबी ने क्या कहा…
- ब्यूरो के अनुसार, जांच अंतरराष्ट्रीय विमानन मानकों और भारत के विमान दुर्घटना जांच नियमों के तहत की जा रही है. हादसे के एक महीने बाद 12 जुलाई 2025 को प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की गई थी.
- प्रारंभिक रिपोर्ट में शुरुआती तथ्य साझा किए गए थे. इसके बाद पिछले एक साल की जांच में इंवेस्टिगेशन टीम ने प्लेन क्रैश से जुड़े हर पहलू की गहराई से पड़ताल की है.
- एएआईबी ने बताया कि जांच के दौरान विमान के तकनीकी सिस्टम, फ्लाइट रिकॉर्डर से मिले डेटा, इंजन के हिस्सों, मेंटेनेंस रिकॉर्ड, ऑपरेशन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य अहम सबूतों की विस्तार से जांच की गई है.
- इस काम में विमान निर्माता कंपनियों, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य संबंधित एजेंसियों का भी सहयोग लिया गया है. ब्यूरो का कहना है कि कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं और जांच में उल्लेखनीय प्रगति भी हुई है.
- एएआईबी ने कहा कि हादसे से जुड़े सभी सबूतों और जानकारियों की अभी विस्तार से जांच की जा रही है. कई तकनीकी पहलुओं को दोबारा परखा जा रहा है और विशेषज्ञों की राय भी ली जा रही है.
- अंतिम रिपोर्ट को मजबूत तथ्यों और वैज्ञानिक जांच के आधार पर तैयार किया जा रहा है. हालांकि एएआईबी की तरफ से अभी भी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह अंतिम जांच रिपोर्ट कब तक आएगी.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें