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Pregnant Animal Care Tips: पशुओं में गर्भावस्था का 9वां महीना बेहद महत्वपूर्ण होता है. इस दौरान खान-पान और प्रबंधन में लापरवाही से बच्चा फंसने, गर्भपात और नवजात की मौत जैसी समस्या हो सकती है. कृषि विज्ञान केंद्र के पशु चिकित्सा विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. विपिन से लोकल 18 पर सीखिए तरीका.
बेगूसराय: पशुपालक किसानों की प्रगति का आधार पशुपालन भी माना जाता है. ऐसे में बेहद जरूरी है उन बातों का ख्याल रखना, उन जानकारी को याद रखना जो आपके पशुपालन व्यवसाय के लिए लाभकारी होगा. इसी सोच के साथ लोकल 18 पर आज हम आपको पशुओं में गर्भावस्था का आखिरी महीना पर चर्चा कर लेते हैं. यह चर्चा इसलिए भी बेहद जरूरी है. चुकी नवजात शिशुओं का मृत्यु दर पशुओं में बढ़ता जा रहा है. कृषि विज्ञान केंद्र के पशु चिकित्सा विज्ञान विशेषज्ञ डॉ.विपिन कुमार बताएंगे. पशुपालक के लिए पशुओं का 9वां माह में क्या कुछ करना चाहिए? किन बातों का विशेष ध्यान रखना महत्वपूर्ण होगा? जानिए.
आखिरी महीने में आहार में करें बदलाव
LOCAL18 पर डॉ.विपिन ने बताया गर्भावस्था के अंतिम महीने में पशु के खान-पान में थोड़ा बदलाव जरूरी है. इस दौरान भूसे की मात्रा कुछ कम करके दाने की मात्रा करीब 1 से 1.5 किलो तक बढ़ाई जा सकती है. दाना उच्च गुणवत्ता वाला होना चाहिए और उसमें कम से कम 20 प्रतिशत प्रोटीन होना चाहिए. इसके साथ पशु को पर्याप्त मात्रा में साफ पानी उपलब्ध कराना भी जरूरी है. पानी की कमी पशु के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है.
ऊबड़-खाबड़ जगह पर न बांधें
आगे बताया गया प्रसव के आखिरी समय में पशु को रखने की जगह का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए. पशु को ऊबड़-खाबड़ या ऊंची-नीची जमीन पर नहीं बांधना चाहिए. विशेषज्ञ के अनुसार, ऐसी जगह पर रहने से प्रसव के दौरान डिस्टोकिया यानी बच्चा फंसने की समस्या का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए गर्भवती पशु के लिए साफ, समतल और सुरक्षित जगह का इंतजाम करना चाहिए.
अतिरिक्त कैल्शियम देने से बचें
ग्रामीण झोलाछाप पशु चिकित्सा बनकर किसानों को इस समय कैल्सियम देने की सलाह बहुत ज्यादा दिया जाता है जो कि पशुओं के स्वास्थ्य के लिए जरूरी ही नहीं है . डॉ. विपिन कुमार आगे बताते हैं कि गर्भावस्था के आखिरी महीने में पशु को बाहर से अतिरिक्त कैल्शियम सप्लीमेंट देने से बचना चाहिए. जरूरत से ज्यादा कैल्शियम देने पर मिल्क फीवर जैसी समस्या की संभावना बढ़ सकती है. इसलिए किसी भी सप्लीमेंट का इस्तेमाल पशु चिकित्सक की सलाह से ही करना बेहतर है. पशु के बच्चा देने में लगभग 10 दिन बाकी रहने पर करीब 30 से 40 ग्राम नवसादर को भूनकर अच्छी तरह दाने में मिलाकर दिया जा सकता है. हालांकि, पशु की स्थिति के अनुसार मात्रा और इस्तेमाल को लेकर पशु चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है.
दूसरे पशुओं से रखें अलग
गर्भावस्था के अंतिम समय में गर्भवती पशु को दूसरे पशुओं से अलग रखना भी फायदेमंद हो सकता है. कई बार पशु आपस में लड़ जाते हैं या धक्का-मुक्की कर देते हैं. इससे गर्भवती पशु को चोट लगने के साथ गर्भपात का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए प्रसव के अंतिम दिनों में पशु को शांत, साफ और सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए. खान-पान, पानी, आवास और नियमित निगरानी पर ध्यान देकर प्रसव के दौरान होने वाली कई परेशानियों से बचाव किया जा सकता है.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …