रांची21 घंटे पहले
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फाइल फोटो
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत 117 निजी स्कूलों में 1161 आरक्षित सीटों पर कमजोर एवं अभिवंचित वर्ग के बच्चों के नामांकन के लिए मंगलवार को लॉटरी होगी। लॉटरी समाहरणालय भवन में होगी। मौके पर डीसी मंजूनाथ भजंत्री, डीएसई बादल राज, डीईओ विनय कुमार और एसडीओ कुमार रजत उपस्थित रहेंगे। इसके बाद स्कूलों को 1 हफ्ते से लेकर 10 दिन का समय दिया जाएगा, जिसमें वे बच्चों का एडमिशन लेना सुनिश्चित करेंगे। बता दें कि निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर कमजोर एवं अभिवंचित वर्ग के बच्चों का नामांकन लिया जाता है।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 15 फरवरी को ऑनलाइन आवेदन के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। आवेदन की अंतिम तिथि 15 मार्च थी जिसे बाद में डीसी ने एक सप्ताह के लिए बढ़ाकर 22 मार्च तक कर दिया गया था। वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अप्रैल के पहले सप्ताह तक पूरी कर ली गई थी लेकिन लॉटरी की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई थी। जिससे इस सत्र में अभी तक नामांकन नहीं लिया जा सका है, जबकि इन स्कूलों में नया सेशन 1 अप्रैल से ही शुरू हो चुका है। पढ़ाई शुरू हुए को डेढ़ माह बीत चुके हैं। स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां भी दे दी गई हैं। अब जाकर प्रशासन को इसकी याद आई है। लॉटरी के बाद नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।
बच्चों को एडजस्ट करने में महीने भर का समय लगता है, इसके बाद ही बच्चे कुछ सीखते हैं…
स्कूलों में नया सेशन 1 अप्रैल से ही शुरू हो चुका है। पढ़ाई शुरू हो चुकी है। स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां भी दे दी गई हैं। स्कूलों के प्रिंसिपलों के मुताबिक लॉटरी होने के बाद ही बच्चों का एडमिशन लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल में एडजस्ट करने में लगभग महीने भर का समय लगता है। इसके बाद ही बच्चे कुछ सीखते हैं। जो बच्चे एडमिशन के लिए लेट हो गए हैं, उन्हें पहले से पढ़ रहे बच्चों के साथ तालमेल बैठाने में परेशानी होती है।
1161 सीटों के लिए 1499 आवेदन आए
इस साल कुल 117 मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में 1161 आरक्षित सीटें घोषित की गई हैं। पोर्टल के माध्यम से कुल 1499 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदकों द्वारा कुल 3908 सीटों को प्राथमिकता (विकल्प) के रूप में चयनित किया गया। सभी आवेदकों द्वारा अपलोड किए गए प्रमाण-पत्रों (जैसे आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र आदि) की जांच 26 मार्च तक पूरी करने का निर्देश था। लेकिन जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज ने बताया कि अभिभावकों ने जो प्रमाण पत्र अपलोड किए वह पढ़ने योग्य नहीं थे। ऐसे में बहुत सारे अभिभावकों को डॉक्यूमेंट के साथ अॉफिस बुलाया गया और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की गई।
पिछले वर्ष 672 बच्चों का ही एडमिशन
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में आरटीई एक्ट के तहत जिलें के 120 निजी स्कूलों में नामांकन के लिए कुल 1744 आवेदन आए थे। इसमें 9 स्कूलों के 93 सीट के लिए किसी ने आवेदन नहीं दिया था। 75 ऐसे स्कूल थे जिसमें कुल सीट से ज्यादा आवेदन जमा किए गए। 11 स्कूलों में 100 से ज्यादा आवेदन भरें गए। कुल आवेदन में जन्म प्रमाण पत्र में गड़बड़ी के कारण 226 आवेदन और इनकम सर्टिफिकेट में गड़बड़ी के 372 आवेदन रद्द कर दिया गया। जिसके बाद 1217 सीटों के लिए 1057 वैध आवेदन के लिए लॉटरी हुई। लॉटरी के माध्यम से 92 स्कूलों के लिए 672 छात्रों का चयन हुआ था। पिछले शैक्षणिक सत्र में नामांकन के लिए 15 मई को पहली लॉटरी हुई थी। डुप्लीकेसी के मामले में 21 मई को दूसरी लॉटरी एसडीओ के द्वारा की गई थी। जिसके बाद नामांकन की प्रक्रिया पूरी की गई थी।
एडमिशन के लिए स्कूलों को 10 दिन का मिलेगा समय
निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर नामांकन के लिए लॉटरी की प्रक्रिया आज पूरी की जाएगी। इसके बाद स्कूलों को एक सप्ताह से लेकर 10 दिन का समय दिया जाएगा, जिसमें वे बच्चों का एडमिशन लेना सुनिश्चित करेंगे। – बादल राज, जिला शिक्षा अधीक्षक
