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झारखंड

चाईबासा में स्कॉर्पियो की टक्कर से छात्रा की मौत:ट्यूशन से घर लौटते...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के पंड्रासाली ओपी अंतर्गत भोया के पास कैप्टन चौक पर एक सड़क हादसे में 15 वर्षीय छात्रा श्रेया हेंब्रम की मौत हो गई। वह कक्षा 10 की छात्रा थी। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उसकी साइकिल को टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, श्रेया हेंब्रम पंड्रासाली से ट्यूशन पढ़कर अपनी छह सहेलियों के साथ साइकिल से जोंकोंससन गांव लौट रही थी। रास्ते में एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उसे जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो चालक और स्थानीय लोगों ने घायल छात्रा को तुरंत चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। छात्रा की मौत की पुष्टि होते ही चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर परिजन सदर अस्पताल पहुंचे। इस घटना से पूरे इलाके में दुख का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। Source link

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क्या आपने चखा..? एक प्लेट के लिए घंटों इंतजार! जानिए क्यों जयपुर...

Last Updated:April 30, 2026, 11:59 IST Bheege Kulche Jaipur: पाकिस्तान के मुल्तान की प्रसिद्ध डिश ‘भींगे कुल्चे’ (Bheege Kulche) ने अब जयपुर के स्ट्रीट फूड मार्केट में अपनी खास जगह बना ली है. अपनी अनूठी रेसिपी और लजीज स्वाद के कारण यह डिश देखते ही देखते ‘गुलाबी नगरी’ के फूड लवर्स की पहली पसंद बन गई है. सड़क किनारे लगी छोटी-छोटी दुकानों पर अब हर दिन खाने के शौकीनों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं. मुल्तान से प्रेरित यह कॉन्सेप्ट न केवल स्वाद में अनोखा है, बल्कि जयपुर के पारंपरिक स्ट्रीट फूड कल्चर में एक नया और चटपटा अध्याय जोड़ रहा है. यह जायका अब शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. ख़बरें फटाफट जयपुर: जयपुर अपने स्वादिष्ट जायके के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं जहां वर्षों पुरानी छोटी-छोटी दुकानों से लेकर सड़कों पर स्ट्रीट फूड का स्वाद लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी रहती हैं. खासतौर पर जयपुर का चारदीवारी बाजार जहां की हर सड़क पर स्वाद का अनोखा जायका लोगों को मिलता हैं. सड़कों पर ही ठेले-रेडीयों पर लोगों को ऐसा स्वाद मिलता हैं, वैसा स्वाद बड़ी-बड़ी हॉटलों को भी मात दे देता हैं ऐसे जयपुर के जौहरी बाजार में स्थित नंदलाल जी के फेमस भीगे कुलचे जो पिछले 50 सालों से जयपुर में अपने स्पेशल छोले-कुलचे के लिए प्रसिद्ध हैं जहां लाजवाब जायके से तैयार भीगे कुलचे का स्वाद लेने के लिए दूर-दूर से लोगों की यहां भीड़ उमड़ती हैं. लोकल-18 ने नंदलाल जी छोले-कुलचे के इस ठेले पर पहुंच कर यहां वर्षों से इस जायके को तैयार करने वाले मोहित कुमार बताते हैं भीगे कुलचे के इस खास जायके की शुरुआत उनके दादा जी ने की जो बंटवारे के समय पाकिस्तान के मुल्तान से राजस्थान आए थे, वहां के भीगी रोटी के जायके से ही उन्हें अलग-अलग प्रकार की चाट और छोले कुलचे का जायका मुल्तानी रेसीपी के आइडिया के साथ शुरू किया जिसका स्वाद लोगों को खूब पंसद आया और फिर उन्होंने छोले-कुलचे के टेस्ट को भीगे कुलचे के जायके के साथ शुरू किया जो अब जयपुर का सबसे फेमस स्ट्रीट फूड हैं जहां लोग सुबह से शाम तक हमारे भींगे कुल्चे का स्वाद लेने के लिए यहां दूर-दूर से आते हैं. दादाजी के सीक्रेट जायके और मसालों के स्वाद की बादशाहत लोकल-18 से बात करते हुए मोहित बताते हैं पूरे जयपुर में वैसे तो हर जगह लोगों को सामान्य छोले-कुलचे या अमृतसरी कुल्चों का स्वाद मिल जाता हैं लेकिन पूरे जयपुर में सिर्फ हम ही भींगे कुल्चे के इस जायके का स्वाद लोगों को देते हैं जिसके लोग दीवाने हैं. हमारे यहां के भीगे कुल्चे ख़ासतौर पर बेहतरीन मसालों और दादाजी के सीक्रेट जायके से तैयार होते हैं जिसका स्वाद सबसे अलग-अलग होता हैं. खासतौर हमारे छोले जो बेहतरीन गाढ़े मसालों के साथ हम इन्हें तैयार करते हैं जिसमें अलग-अलग प्रकार की खास चटनियों के फ्लेवर के साथ भीगे कुल्चे ग्राहकों को सर्व करते हैं जिसका स्वाद बेहद खास होता हैं साथ ही कुल्चे का साइज इतना बड़ा होता हैं लोग एक बार में सिर्फ एक ही प्लेट खा सकते हैं. भीगे कुल्चे के खास स्वाद में सबसे खास बात यह हैं ये जायका सिर्फ कोयले की बिगड़ी पर तैयार होता है जिसके चलते इसका स्वाद ओर भी लाजवाब बन जाता हैं. मोहित का कहना हैं हमारे यहां स्थानीय लोग वर्षों से भींगे कुल्चे का स्वाद लेने आते हैं इसलिए हमें ग्राहकों का कभी इंतजार नहीं करना पड़ता साथ ही विदेशी पर्यटक और जयपुर घूमने आने वाले पर्यटक भी जयपुर में कही भी घूमने आए एक बार हमारे भीगे कुलचे का स्वाद लेने यहां जरूर आते हैं. भीगे कुल्चे के स्वाद के लोग सबसे ज्यादा दीवाने सुमित बताते हैं वैसे तो हम सामान्य छोले-कुलचे, पाव छोले, आलू टिक्की, भीगा पाव चाट जैसी अलग-अलग रेसीपी तैयार करते हैं लेकिन लोगों में सबसे ज्यादा हमारे भीगे कुलचे की सबसे ज्यादा डिमांड रहती हैं क्योंकि भीगे कुलचे का स्वाद सबसे खास हैं स्वाद के साथ ही हमारे ठेले पर चटपटे स्वाद की सजावट भी खास होती हैं जिसे चलती सड़क पर देखकर ही लोग कंट्रोल नहीं कर पाते और अपने आप भीगे कुल्चे की चटपटी खूशबू उन्हें यहां तक खीच लाती हैं. अगर बात करें हमारे भीगे कुल्चे की एक प्लेट की कीमत तो 140 रूपए की हैं जिसमें 2 कुल्चे ग्राहकों को हम सर्व करते हैं जो ग्राहक पूरा भी नहीं खा सकते हैं. हर दिन हमारे यहां 30 से 40 किलों भीगे कुल्चे की डिमांड रहती हैं जिसके चलते सुबह से रात तक लोग यहां भीगे कुल्चे का स्वाद लेने के लिए भीड़ लगाएं खड़े रहते हैं. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jaipur,Rajasthan First Published : April 30, 2026, 11:49 IST Source link

झारखंड

देवघर के एक ही टूर में पहाड़, नदी, भोलेनाथ का दर्शन, यहां...

Last Updated:April 30, 2026, 11:04 IST  देवघर की रोड ट्रिप में एक ही सफर में मिलेंगे बाबाधाम ज्योतिर्लिंग की आस्था, त्रिकुट पहाड़ का एडवेंचर और पुनाशी डैम का सुकून.अगर आप भी वीकेंड को बनाना चाहते हैं यादगार, तो देवघर का हम आपको एक शानदार रूट बताने जा रहे हैं. इसी रास्ते में तपोवन पहाड़ भी आता है, जो अपने रहस्यमयी गुफाओं और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है. यहां कुल 11 रहस्यमयी गुफाएं और 9 मंदिर हैं, जो इसे और भी खास बनाते हैं. पहाड़ पर चढ़ने के लिए करीब 300 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. यहां स्थित तपोनाथ मंदिर और पत्थरों के बीच बना बजरंगबली मंदिर लोगों को खास आकर्षित करता है. अगर आपको मंदिर और पहाड़ एकसाथ घूमना पसंद है तो यहां रोड ट्रिप कर जरूर पहुंचें. यह शहर से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. अगर आप शाम के समय शांत और सुकून भरा माहौल पसंद करते हैं तो पुनासी डैम का रोड ट्रिप आपके लिए एकदम परफेक्ट है. यह डैम शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर पुनासी गांव के पास स्थित है. खासकर गर्मी के दिनों में यहां का नजारा बेहद खूबसूरत हो जाता है. डैम के किनारे बैठकर ठंडी हवा का आनंद लेना और डूबते सूरज को देखना मन को एक अलग ही शांति देता है. आसपास का प्राकृतिक दृश्य और शांत वातावरण इसे एक बेहतरीन रिलैक्सिंग स्पॉट बनाता है, जहां लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ सुकून भरे पल बिताने आते हैं. सबसे पहले बात करते हैं बाबा बैद्यनाथधाम ज्योतिर्लिंग की, जो देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. यह मंदिर जसीडीह रेलवे स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यहां देशभर से श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है. रोड ट्रिप के जरिए यहां पहुंचना बेहद आसान है और रास्ते का सफर भी उतना ही सुखद होता है. इसी रास्ते में तपोवन पहाड़ भी आता है, जो अपने रहस्यमयी गुफाओं और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है. यहां कुल 11 रहस्यमयी गुफाएं और 9 मंदिर हैं, जो इसे और भी खास बनाते हैं. पहाड़ पर चढ़ने के लिए करीब 300 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. यहां स्थित तपोनाथ मंदिर और पत्थरों के बीच बना बजरंगबली मंदिर लोगों को खास आकर्षित करता है. अगर आपको मंदिर और पहाड़ एकसाथ घूमना पसंद है तो यहां रोड ट्रिप कर जरूर पहुंचें. यह शहर से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. Add News18 as Preferred Source on Google इसके बाद आप जा सकते हैं बासुकीनाथ धाम, जो दुमका जिले में स्थित है और देवघर से लगभग 55 किलोमीटर दूर है. कहा जाता है कि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के बाद यहां पूजा करना जरूरी होता है तभी आपकी यात्रा पूर्ण मानी जाती है. रास्ते में हरियाली और ग्रामीण परिवेश आपका मन मोह लेगा, जिससे सफर भी यादगार बन जाता है. जो भी भक्त देवघर पूजा करते हैं वो बासुकीनाथ धाम पूजा करने जरूर आते हैं. अगर आप भी रोड ट्रिप के शौकीन हैं, तो देवघर आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. देवों की नगरी के नाम से मशहूर यह शहर आस्था, प्रकृति और एडवेंचर का शानदार संगम है. यहां सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं, बल्कि खूबसूरत पहाड़, हरियाली और शांत वातावरण भी आपका दिल जीत लेते हैं. खास बात यह है कि यहां हर जगह सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है, जिससे रोड ट्रिप का मज़ा दोगुना हो जाता है. वहीं अगर आप हरियाली और जंगल के बीच घूमने का शौक रखते हैं, तो देवघर बायोडायवर्सिटी पार्क आपके लिए शानदार विकल्प है. यह पार्क देवघर-जमुई हाईवे पर शहर से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. घने जंगलों के बीच बना यह पार्क प्रकृति प्रेमियों को खूब आकर्षित करता है. यहां की साफ-सुथरी पगडंडियां, पेड़-पौधों की विविधता और शांत वातावरण आपको शहर की भीड़-भाड़ से दूर एक नया अनुभव देता है. रोड ट्रिप करके यहां पहुंचना आसान है और एक दिन की सैर के लिए यह जगह बिल्कुल उपयुक्त मानी जाती है. दुमका पहुंचने के बाद दुमका का मसानजोर डैम घूमना ना भूलें जो हरी भरी वादियों के बीच में डैम के ठीक किनारे इकोकॉटेज ठहरने के लिए बनाया गया है. साथ ही यहां नौकाविहार का लुफ्त उठा सकते हैं. इसके साथ ही सेल्फी ब्रिज दुमका घूमना बिल्कुल न भूलें खासकर शाम के समय यह जगह बेहद खूबसूरत लगती है. चारों तरफ पहाड़, जंगल और ठंडी हवा आपको एक अलग ही सुकून का एहसास कराती है. यहां लोग दूर-दूर से घूमने और यादगार तस्वीरें लेने आते हैं. वापसी के दौरान त्रिकुट पहाड़ जरूर जाएं, जो देवघर से लगभग 17 किलोमीटर दूर है. यहां कभी झारखंड का पहला रोपवे हुआ करता था, लेकिन अप्रैल 2022 मे हादसा होने के बाद फिलहाल अभी तक बंद है. आज भी लोग पैदल ट्रैकिंग कर पहाड़ की चोटी तक पहुंचते हैं. ऊपर भगवान शिव का मंदिर और चारों ओर फैली वादियां इस जगह को खास बनाती हैं. यहां का एडवेंचर और प्राकृतिक सुंदरता हर किसी को आकर्षित करती है. यहां बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली आदि जगहों से सैलानी घूमने आते हैं. First Published : April 30, 2026, 11:04 IST Source link

व्यापार

गांव में शुरू करें हर्बल साबुन यूनिट, धमतरी की महिलाओं की तरह...

X Business Idea: गांव में शुरू करें हर्बल साबुन यूनिट, लाखों की होगी कमाई,   Herbal soap unit business idea: धमतरी जिले के कंडेल गांव की सत्या ढीमर और उनकी 8 सदस्यीय टीम नींबू, गुलाब, एलोवेरा, नीम, तुलसी, लेवेंडर और चारकोल फ्लेवर वाले हर्बल साबुन बनाकर हर साल एक लाख रुपए से अधिक कमा रही हैं. महिलाएं पापड़, मुरकू, कैंडल भी तैयार कर मेला-मड़ाई में बेचती हैं. यह समूह गांव में आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गया है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

रामगढ़ में सगाई समारोह के दौरान हादसा:निर्माणाधीन दीवार गिरने से दुल्हन समेत...

रामगढ़ जिले के भदानीनगर ओपी क्षेत्र अंतर्गत मतकमा चौक स्थित राजनंदनी मैरेज पैलेस एंड रेस्टोरेंट में एक सगाई समारोह के दौरान अचानक बड़ा हादसा हो गया। सेंट्रल सौंदा निवासी ममता कुमारी और चितरपुर रजरप्पा प्रोजेक्ट निवासी विशाल कुमार की सगाई धूमधाम से चल रही थी। परिजनों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में पुरोहित द्वारा विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई जा चुकी थी। अंगूठी पहनाने की तैयारी हो रही थी। इसी बीच दुल्हन ममता को कपड़े बदलने के लिए परिजन कमरे में ले गए। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले ही पल खुशियां मातम में बदल जाएंगी। समारोह में अफरातफरी मच जाएगी। निर्माणाधीन दीवार गिरी, मलबे में दबे लोग जैसे ही ममता अपने परिजनों के साथ कमरे में पहुंची, उसी समय बगल में स्थित राजघराना बिल्डिंग मटेरियल मॉल की निर्माणाधीन दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार की ऊंचाई अधिक होने के कारण उसका मलबा एस्बेस्टस की छत को तोड़ते हुए सीधे कमरे में आ गिरा। अंदर मौजूद लोग मलबे में दब गए। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। समारोह में शामिल लोग बचाव के लिए दौड़ पड़े। काफी मशक्कत के बाद परिजनों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल भुरकुंडा सीसीएल अस्पताल पहुंचाया। इस दुर्घटना में दुल्हन ममता कुमारी को सिर में गंभीर अंदरूनी चोट लगी। वहीं 2 वर्षीय कियांश और डेढ़ वर्षीय बच्ची फुचकी को भी गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा करिश्मा कुमारी, आरती कुमारी, रानी कुमारी समेत कई अन्य लोग घायल हुए, जबकि बचाव के दौरान आर्यन का हाथ जख्मी हो गया। संचालक और स्टाफ फरार, मुआवजे पर बनी सहमति हादसे के तुरंत बाद मैरेज हॉल का संचालक और वहां मौजूद स्टाफ मौके से फरार हो गया, जिससे परिजनों का गुस्सा भड़क उठा। परिजनों ने आरोप लगाया कि मलबे में गिरे लोहे के एंगल में करंट दौड़ रहा था, लेकिन बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई। जिससे फंसे लोगों को करंट का झटका लगता रहा। सूचना मिलते ही पतरातू इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह, भदानीनगर ओपी प्रभारी मो. अख्तर अली और एसआई सोमाय सोय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजन लगातार संचालक को बुलाने और जिम्मेदारी तय करने की मांग करते रहे। करीब तीन घंटे बाद संचालक के पहुंचने पर घायल लोगों के इलाज और समारोह में हुए खर्च की भरपाई को लेकर सहमति बनी, जिसके बाद मामला शांत हुआ। Source link

शिक्षा

विशाखापत्तनम में देश का पहला AI हब बनेगा:जूनियर वेटलिफ्टिंग में भारत ने...

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1.विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इक्वाडोर की गैब्रिएला से मुलाकात की 29 अप्रैल को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इक्वाडोर की रक्षा मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड से मुलाकात की। गैब्रिएला 3 दिन की यात्रा पर भारत आईं हैं। 2. Google विशाखापत्तनम में देश का पहला AI हब बनाएगा 28 अप्रैल को आंध्र प्रदेश के सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू ने विशाखापत्तनम में Google AI हब की आधारशिला रखी। Google AI हब बनाने के लिए गूगल 2026 से 2030 तक 15 अरब डॉलर इंवेस्ट करेगा। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. UAE OPEC ऑर्गेनाइजेशन से अलग हुआ 28 अप्रैल को यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) को कच्चे तेल का उत्पादन और निर्यात करने वाले देशों के ऑर्गेनाइजेशन ओपेक (OPEC) और ओपेक प्लस से अलग होने का ऐलान किया है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. जूनियर वेटलिफ्टिंग में भारत ने 3 गोल्ड जीते 28 अप्रैल को कॉमनवेल्थ यूथ एंड जूनियर वेटलिफ्टिंग में भारत ने 4 गोल्ड मेडल जीते। ये कॉमनवेल्थ गेम्स समोआ के अपिया में चल रहे हैं। मिसलीनियस (Miscellaneous) 5. विदेश मंत्रालय सचिव सिबी जॉर्ज ने चीन के जेनमिन से मुलाकात की 28 अप्रैल को विदेश मंत्रालय में सचिव (साउथ) सिबी जॉर्ज ने नई दिल्ली में क्लाइमेट चेंज के लिए चीन के विशेष दूत लियू जेनमिन से मुलाकात की। भारत ने हाल ही में 2031-2035 के लिए अपने नए क्लाइमेट टारगेट (NDCs) तय किए हैं, इसमें भारत ने अपनी विकास की जरूरतों के साथ तालमेल बिठाते हुए ये लक्ष्य रखे हैं। आज का इतिहास ————— ये खबर भी पढ़ें.. गंगा एक्सप्रेसवे का आज उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी:चंद्रकांता एक्टर भरत कपूर का निधन, 29 अप्रैल करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं…पूरी खबर पढ़ें Source link

झारखंड

रांची सहित 12 जिलों में आज भी बारिश:गर्मी से मिली राहत, अगले...

बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और बांग्लादेश में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर मध्यप्रदेश से झारखंड तक है। जिससे रांची सहित पूरे राज्य में हुई बारिश ने गर्मी से राहत दी है। कई क्षेत्रों में ओले भी गिरे। गिरिडीह के तिसरी में ठनका गिरने से दो युवकों की मौत हो गई, मृतकों में चंदौरी निवासी स्व. प्रीतम तुरी के पुत्र नुनमुनि कुमार (24) और तनेश्वर उर्फ ठाकुर के पुत्र अमन कुमार (12) शामिल हैं। लोहरदगा के भंडरा में भी ठनका से महिला की मौत हो गई। रांची में सुबह-सुबह हुई बारिश इधर, रांची में सुबह 4.30 बजे से गरज के साथ बारिश हुई। दोपहर तक तीन से चार बार बारिश हुई। ओलावृष्टि भी हुई। कांके में 12.2 मिमी. बारिश दर्ज की गई। वहीं, धनबाद और बोकारो में 60-70 किमी. की रफ्तार से आंधी चली। हालांकि, सबसे अधिक बारिश खूंटी में 34.5 मिमी. और बेरमो में 30 मिमी. दर्ज की गई। बारिश से कई जिलों का पारा गिर गया। जमशेदपुर का अधिकतम तापमान सबसे अधिक 4.2 डिग्री गिरकर 37.5 डिग्री पर आ गया, पर रांची का 38.6 डिग्री पर बना हुआ है। खूंटी और बेरमो में सबसे अधिक वर्षा झारखंड के विभिन्न जिलों में हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक वर्षा खूंटी में 34.5 मिमी और बेरमो में 30.5 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा कांके में 12.2 मिमी, हजारीबाग में 11.8 मिमी, बरही में 10.2 मिमी और नवाडीह में 10.0 मिमी बारिश हुई। वहीं धनबाद में 5.2 मिमी, बोकारो में 2.6 मिमी, डुमरी में 2.1 मिमी तथा पुटकी और गुमला में 2.0-2.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। कोडरमा में सबसे कम 1.8 मिमी बारिश हुई। बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए भी यह फायदेमंद साबित हो रही है। अलनीनो से मानसून में बारिश होगी कम वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बनी नमी की वजह से बारिश हो रही है। इसे प्री मानसून की वर्षा भी कह सकते हैं। इसका लाभ खेतों को होगा। किसानों को चाहिए कि ऐसी स्थिति में खेत की गहरी जुताई कर जमीन को खोलकर छोड़ दें। इससे अधिक वर्षा जल जमीन के नीचे जाएगा और ग्राउंड वाटर लेवल रिचार्ज होगा। खेत खुला रहने से धूप जमीन के अंदर तक पड़ेगी। इससे बीज एवं कीट-फंगस के अंश नष्ट हो जाएंगे। इस बार अलनीनो का असर दिखेगा। मानसून में बारिश कम होगी। ऐसे में किसानों को अभी से वर्षा जल सहेजने की जरूरत है। रांची समेत 12 जिलों में आज भी बारिश मौसम विभाग के रांची केंद्र के अनुसार, अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है। 30 अप्रैल को रांची, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्‌डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो में आंधी के साथ ओले गिर सकते हैं। 50 से 60 किमी. की रफ्तार से आंधी चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 1 से 5 मई के बीच रांची सहित कई जिलों में बारिश हो सकती है। Source link

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बंगाल में भाजपा बमबम, ममता बनर्जी के युग का अंत, एग्जिट पोल...

होमताजा खबरदेश बंगाल में भाजपा बमबम, ममता बनर्जी के युग का अंत, एग्जिट पोल ने कर दिया इशारा Last Updated:April 30, 2026, 06:06 IST Bengal Chunav Result 2026 LIVE: पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्‍यों में मतदान प्रकिया संपन्‍न होने के बाद बुधवार 29 अप्रैल 2026 की शाम को एग्जिट पोल के नतीजे भी सामने आ गए. इसमें पश्चिम बंगाल में सत्‍तारूढ़ टीएमसी …और पढ़ें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजे सामने आ चुके हैं. इस बार इस पूर्वी राज्‍य में भाजपा का परचम लहरा सकता है. Bengal Chunav Result 2026 LIVE: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुल 294 सीटों पर दो चरणों में वोट डाले गए. पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान हुआ. मतगणना 4 मई को होगी. इस बीच दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होते ही एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आ गए हैं. जेवीसी के एग्जिट पोल के अनुसार, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है. टीएमसी को 131 से 152 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 138 से 159 सीटें मिल सकती हैं. कांग्रेस के खाते में 0 से 2 सीटें जाने का अनुमान है, जबकि वाम दलों और अन्य के खाते में कोई सीट जाती नहीं दिख रही है. वहीं, जनमत पोल्स के एग्जिट पोल में टीएमसी को 195 से 205 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 80 से 90 सीटें मिल सकती हैं. कांग्रेस को 1 से 3 सीटें मिलने की संभावना है. वाम दलों को 0 से 1 सीट और अन्य के खाते में 3 से 5 सीटें जा सकती हैं. वहीं पीपुल्स इनसाइट के एग्जिट पोल के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है. टीएमसी को 138 से 150 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 144 से 154 सीटें मिल सकती हैं. कांग्रेस के खाते में 0 से 1 सीट और वाम दलों को भी 0 से 1 सीट मिलने की संभावना जताई गई है. पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 148 सीटों की जरूरत होगी. इस चुनाव में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच रहा. चुनाव के दौरान दोनों तरफ से एक-दूसरे पर तीखे जुबानी हमले किए गए. बंगाल में जमकर वोटिंग पश्चिम बंगाल में इस बार कुल 6.82 करोड़ से अधिक मतदाता थे. इनमें 3.60 करोड़ से अधिक पुरुष, 3.44 करोड़ से अधिक महिलाएं और 1,382 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल थे. चुनाव आयोग के अनुसार, राज्य में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया. अगर मतदान प्रतिशत की बात करें तो पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ, जो राज्य के चुनावी इतिहास में रिकॉर्ड माना गया. वहीं, दूसरे चरण में 142 सीटों पर शाम 5 बजे तक 89.99 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. दोनों चरणों को मिलाकर पश्चिम बंगाल में इस बार मतदान प्रतिशत ऐतिहासिक स्तर पर रहा. Bengal Chunav Results LIVE: पश्चिम बंगाल में अब तक हुए चुनावों में कैसा रहा हाल पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम लाइव: पश्चिम बंगाल के चुनाव के संदर्भ में अगर बीते वर्षों की बात करें तो 1951 विधानसभा चुनाव में 43.12, 1951 में लोकसभा चुनाव में 40.49 फीसदी, 1957 विधानसभा चुनाव में 47.64, 1957 लोकसभा चुनाव में 47.67, 1962 विधानसभा चुनाव में 55.55, 1962 लोकसभा चुनाव में 55.75 प्रतिशत मतदान हुआ था. इसके अलावा, 1967 विधानसभा चुनाव में 66.10 और लोकसभा चुनाव में 66.03, 1969 विधानसभा चुनाव में 66.51, 1971 विधानसभा चुनाव में 62.03, 1971 लोकसभा में 61.93, 1972 विधानसभा चुनाव में 60.82, 1977 विधानसभा चुनाव में 56.15, 1977 लोकसभा चुनाव में 60.24, 1980 लोकसभा चुनाव में 70.62 और 1982 विधानसभा चुनाव में 76.96 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी. वहीं, 1984 लोकसभा चुनाव में 78.61,1987 विधानसभा चुनाव में 75.66, 1989 लोकसभा चुनाव में 79.67, 1991 विधानसभा चुनाव में 76.80 और लोकसभा चुनाव में 76.73, 1996 विधानसभा चुनाव में 82.94 और लोकसभा चुनाव में 82.66 प्रतिशत मतदान हुआ था. इसके साथ ही, 1998 लोकसभा चुनाव में 79.27, 1999 लोकसभा में 75.05, 2001 विधानसभा चुनाव में 75.29, 2004 लोकसभा चुनाव में 78.04, 2006 विधानसभा में 81.58, 2009 लोकसभा में 81.42, 2011 विधानसभा चुनाव में 84.72, 2014 लोकसभा चुनाव में 82.22, 2016 विधानसभा में 83.02, 2019 लोकसभा में 81.76, 2021 विधानसभा में 82.30 और 2024 लोकसभा चुनाव में 79.55 फीसदी मतदान हुआ था. Bengal Chunav Results LIVE: बंगाल में दूसरे चरण में भी रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम लाइव: बंगाल विधानसभा के दूसरे चरण के लिए मतदान बुधवार सुबह 7:00 बजे प्रारंभ हुआ. शाम 7.45 बजे तक 91.66 फीसदी मतदान हुआ. पुरुष 91.07, महिला 92.8 और थर्ड जेंडर के 91.28 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया. हालांकि इस आंकड़े में बदलाव हो सकता है. वहीं, पहले चरण में 93.19 फीसदी मतदान हुआ था. दोनों चरणों का संयुक्त मतदान प्रतिशत 92.47 फीसदी रहा है. इससे पहले, पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 84.72 फीसदी मतदान विधानसभा चुनाव 2011 हुआ था. Bengal Chunav Results LIVE: पश्चिम बंगाल तकरीबन 7 करोड़ मतदाताओं ने डाला वोट पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम लाइव: पश्चिचम बंगाल मतदाताओं की संख्या पर नजर डालें तो पहले चरण में 3 करोड़ 60 लाख और दूसरे चरण में 3 करोड़ 21 लाख लोगों ने वोट डाले. पुरुष मतदाताओं ने पहले चरण में एक करोड़ 84 लाख और दूसरे चरण में एक करोड़ 65 लाख वोट डाले. महिलाओं ने पहले चरण में 1 करोड़ 76 लाख और दूसरे चरण में 1 करोड़ 57 लाख वोट डाले. पश्चिम बंगाल के 5,343 पोलिंग स्टेशनों का डेटा अभी तक अपडेट नहीं किया गया है. इसलिए मतदान का प्रतिशत बढ़ सकता है. Bengal Chunav Results LIVE: पश्चिम बंगाल चुनाव में टूटा मतदान का रिकॉर्ड, 1951 से ऐसा रहा मतदाताओं का मिजाज पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम लाइव: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान खत्म होने पर चुनाव आयोग ने आंकड़े जारी करते हुए खुशी जताई है. स्वतंत्रता के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में सर्वाधिक मतदान 91.66 फीसदी दर्ज की गई है. यह आंकड़ा शाम 7.45 बजे तक का है. अब तक यह रिकॉर्ड त्रिपुरा के

झारखंड

स्विमिंग पूल में डुबकी लगाकर मस्ती कर रहा नन्हा हाथी, सैलानियों के...

Last Updated:April 28, 2026, 06:45 IST Jamshedpur Dalma Little Elephant: जमशेदपुर के दलमा में घायल अनाथ हाथी शावक बादल को वन विभाग ने बचाकर कूलर, स्विमिंग पूल और खास खानपान की व्यवस्था किया है. यहां हथिनी का यह बच्चा सैलानियों के लिए बड़ा आकर्षण बन गया है. ख़बरें फटाफट 5महीने का हथिनी का बच्चा ( एआई फोटो ) आशीष तिवारी/जमशेदपुर: झारखंड में जमशेदपुर के चाईबासा के सारंडा जंगल में ब्लास्ट होने से एक हथिनी की मौत हो गई थी. इस दौरान उसका 2 महीने का बच्चा हाथी एक गड्ढे में गिर गया था. जहां हाथियों का झुंड बच्चे को छोड़कर चला गया. वहीं, गड्ढे में गिरने से 2 महीने के हाथी के बच्चे काफी गंभीर चोट आई थी. इसके बाद वन विभाग द्वारा रेस्क्यू कर हाथी के बच्चे को दलमा में लाया गया. इसके बाद वन विभाग की टीम अपने बच्चों की तरह उसे देखरेख और उसकी सेवा की गई. जहां समय-समय पर बोतल से दूध पिलाना, सेरोलेक्स और फल खिलाकर उसे सुलाना, खुद वन विभाग के डीएफओ और तमाम कर्मचारी उसकी सेवा में और मॉनिटरिंग करते नजर आ रहे हैं. बता दें कि आज गर्मी बढ़ते ही उसके लिए उसके बाड़े में कूलर लागया गया और खाने में तरबूज दिया जा रहा है. वहीं, एक छोटा स्विमिंग पूल बनाया गया है, जिसमें वह डुबकी लगाकर गर्मी से राहत ले सके. हालांकि दलमा में एक रजनी हाथी के साथ यह छोटा बच्चा 5 महीने का बदला हाथी सैलानियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यहां गर्मी से बचने के लिए वन विभाग द्वारा खान-पान में विशेष ध्यान दिया जा रहा है. बड़ी हाथी रजनी और छोटे हाथी बादल के बड़े को पुआल सें गहरा बंदी कर उसे भिनगा कर कूलर लगाए गए हैं, जिससे गर्मी से राहत मिल सके. बता दें कि जमशेदपुर में लगातार गर्मी अपना नया रिकॉर्ड बना रही है. शहर का पर 42 से 45 डिग्री पहुंच रहा है, इस भीषण गर्मी में आम लोगों के साथ बेजुबान जानवर भी काफी परेशान हो रहे हैं. ऐसे में वन विभाग द्वारा बेजुबा जानवरों को गर्मी से बचने के लिए विशेष तैयारी की गई है. जहां दलमा में इन दोनों रजनी हाथी के साथ छोटा 5 महीने का नन्हा हाथी बादल सैलानियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. भीषण गर्मी में बादल नन्हा हाथी घंटे स्विमिंग पूल में डुबकी लगाते नजर आता है. वहीं, नहाने के बाद पूरे बारे में घूम-घूम कर अपने ऊपर मिट्टी से खेलते और दौड़ता नजर आता है. जो सैलानियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, सैलानी नन्हे हाथी का वीडियो और फोटो खींचते हैं, नन्हे हाथी के बाड़े में रहने वाले रवि कुमार समय-समय पर दूध और तरबूज खिलाते हैं, जिससे पानी की कमी ना हो सके. वन विभाग के डीएफओ खुद अपने बच्चों की तरह इस नन्हे हाथी का ख्याल रखते हैं और समय-समय पर खुद मॉनिटरिंग करते हैं. जहां खाने से लेकर उसे बाहर नहा लाने तक, उन्होंने कहा कि चाईबासा के जंगलों से काफी गंभीर चोट लगी थी और इसे पहले इलाज कराया गया और 3 महीने के बाद यह स्वस्थ हुआ. आज हमारे घर के परिवार की तरह इस सब लोग मानते हैं. इसकी सेवा करते हैं, आज वन विभाग के हर कर्मचारी के बीच यह लाडला बना हुआ है, बोतल से दूध पिलाना, सेरोलेक्स खिलाना और गर्मी को देखते हुए विशेष इसके लिए ख्याल रखा जा रहा है. क्योंकि बड़ी हाथी रजनी खुद दलमा के जंगलों में घूमकर बड़े तालाब में नहा लेती है. मगर नन्हा हाथी अभी बाड़े में रहता है जिसके लिए हम लोगों ने स्विमिंग पूल बनाया है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 28, 2026, 06:23 IST Source link

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सिर्फ ₹300 में शुरू करें अपना पोल्ट्री बिजनेस, सरकार भी करेगी मदद,...

X Business Idea: सिर्फ ₹300 में शुरू करें पोल्ट्री बिजनेस, सरकार भी करेगी मदद   छत्तीसगढ़ में पशुधन विकास विभाग की बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना ग्रामीण परिवारों के लिए आय का नया जरिया बनी है. मात्र ₹300-₹750 अंशदान पर लाभार्थियों को 45 उन्नत नस्ल के चूजे, दाना व दवाइयां मिलती हैं. कम लागत में महिलाएं भी भागीदारी कर रही हैं. यह योजना पोषण सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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