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व्यापार

Business Idea: 60 में खरीदी, 100 में बेची! छतरपुर के महेंद्र का...

Last Updated:October 28, 2025, 19:58 IST छतरपुर जिले के महेंद्र जो कक्षा 8वीं तक ही पढ़े-लिखे हैं लेकिन उन्होंने एक ऐसे बिजनेस आइडिया पर काम किया जिससे उन्हें महीने की 50 हज़ार रुपए की कमाई हो जाती है. आप भी जानें इस युवा का बिजनेस आइडिया  Business Story. छतरपुर जिले के कराहरी गांव के रहने वाले महेंद्र जिनकी उम्र तो 20 साल हैं. कक्षा आठवीं तक पढ़ाई-लिखाई की है. कम पढ़े-लिखे होने के कारण उन्हें नौकरी नहीं मिल रही थी. इसके बाद उन्होंने एक बिजनेस आइडिया सोचा. आज महेंद्र घर-घर जाकर दाल बेचते हैं और अच्छी खासी कमाई करते हैं. उनका मानना है कि ये काम सबसे बढ़िया है और मुनाफे वाला है. कक्षा 8वीं तक पढ़े-लिखे महेंद्र बताते हैं कि मैंने कक्षा आठवीं तक ही पढ़ाई की है. इसके बाद मैंने आगे की पढ़ाई बंद कर दी थी. मुझे घूमने-फिरने का शौक था. जिसके चलते मेरा पढ़ाई में मन नहीं लगता था. हालांकि, इसके बाद मेरे घर की आर्थिक स्थिति खराब होने लगी तो मुझे अपने पापा के बिजनेस आइडिया का पता चला. जिसमें वह गांव-गांव जाकर घर-घर दाल और ड्राई फ्रूट्स बेचा करते थे. इसके बाद मैंने भी 2 महीने पहले ही ये काम शुरू कर दिया. 60 रुपए में खरीदा 100 रुपए में बेचा20 वर्षीय युवा महेंद्र बताते हैं कि मेरा कराहरी गांव महोबा जिले में नजदीक है. इसलिए महोबा से ही मूंग-उड़द, अरहर, मसूर जैसी दालें खरीदता हूं. अगर मूंग दाल की बात करें तो ये दाल प्रेजेंट टाइम में 60 रुपए किलो खरीदता हूं और फुटकर भाव में 100 रुपए किलो ही बेचता हूं. छतरपुर जिले में मूंग दाल कम होती है, इसलिए यहां सबसे ज्यादा ये दाल खरीदी जाती है. हर दिन 5 से 10 गांव घूमकर दिनभर में 2 हजार रुपए कमा लेता हूं. हर दिन इतनी कमाई महेंद्र बताते हैं कि अगर मैं बाईक तेल खर्च काट भी लूं तो भी मुझे हर दिन कम से कम 1000 रुपए तो बच ही जाता है. यह काम मुझे बहुत आसान लगता है गाड़ी में बैठकर गांव-शहर घूमना हैं और लोग खुद ही सुनकर दाल खरीदने आ जाते हैं. जब लोग मोल-भाव बहुत करते हैं तो मैं सिर्फ 5 रुपए ही तोड़ता हूं. अगर मैं बेचने निकला तो हर दिन 1 हजार रुपए से 2 हजार रुपए की बचत तो पक्का है. मेरी मोटरसाइकिल में तेल भी कम लगता है इसलिए ज्यादा खर्च नहीं आता है. लागत जीरो मुनाफा तगड़ा महेंद्र बताते हैं कि इस बिजनेस में मुझे लागत न के बराबर आती है. क्योंकि मेरा सिर्फ बाईक पेट्रोल खर्च ही होता है और घूमने-फिरने में थोड़ी मेहनत लगती है लेकिन मुनाफा अच्छा खासा हो जाता है. सभी तरह की दालों में 1 किलो के भाव में ही 30 से 40 रुपए का कमा लेता हूं. हर दिन 50 किलो दाल आसानी से बेच लेता हूं. घूम-फिरकर, हंसते बतियाते हुए हर दिन ही 2 हजार रुपए छाप लेता हूं. लोग दोबारा भी मुझसे ही दाल खरीद लेते हैं. ऐसे ग्राहकों को 5 रुपए तोड़कर दाल का भाव लगा देता हूं. इसके साथ ही ड्राई फ्रूट्स भी बेचने का काम करता हूं. About the Author Amit Singh 7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chhatarpur,Chhatarpur,Madhya Pradesh First Published : October 28, 2025, 19:58 IST Source link

झारखंड

गुमला में कुएं में डूबने से महिला की मौत:पानी भरते समय हुआ...

गुमला थाना क्षेत्र के मोकरो हुडकुटोली गांव में गुरुवार को कुएं में डूबने से 48 वर्षीय सोमारी उरांव की मौत हो गई। यह हादसा पानी भरने के दौरान हुआ। परिजनों ने बताया कि सोमारी उरांव गुरुवार को अपने घर से लगभग 300 मीटर दूर स्थित कुएं में पानी भरने गई थीं। पानी भरते समय अचानक बाल्टी की रस्सी उनके हाथ में लिपट गई। बाल्टी के बड़े और भारी आकार के कारण वह संतुलन खो बैठीं और सीधे कुएं के गहरे पानी में जा गिरीं। हादसे के करीब एक घंटे बाद जब गांव के अन्य लोग कुएं पर पानी भरने पहुंचे, तो उन्होंने पानी में सोमारी की चप्पलें और प्लास्टिक की बाल्टी तैरती देखी। इससे ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। शोर मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हुए और स्थानीय स्तर पर बांस के लंबे डंडे की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलने पर सुबह लगभग 10 बजे गुमला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम करवाया। Source link

शिक्षा

Gujarat Metro Jobs | Bihar Hawaldar & IIT Bhilai Openings 2026

12 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में भर्ती की, महाराष्ट्र में सिविल जज के 286 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की। साथ में दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन में 114 वैकेंसी की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. गुजरात मेट्रो में 383 भर्ती, 10वीं पास से लेकर इंजीनियर करें अप्लाई गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में 300 से ज्यादा पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए फीस जमा करने की आखिरी तारीख 31 मई तय की गई है। इस भर्ती की जॉब लोकेशन अहमदाबाद और सूरत है। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर 89 जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) 4 जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिॉनिक्स) 38 मेंटेनर (फिटर) 22 मेंटेनर (इलेक्ट्रिकल) 129 मेंटेनर (इलेक्ट्रिॉनिक्स) 101 टोटल 383 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर, जूनियर इंजीनियर : संबंधित क्षेत्र में इंजीनियरिंग डिग्री या डिप्लोमा। मेंटेनर : 10वीं पास, 2 साल की आईटीआई डिग्री एज लिमिट : स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर, जूनियर इंजीनियर : 18 – 28 साल मेंटेनर : 18–25 साल फीस : अनरिजर्व (पुरुष): 600 रुपए एससी, एसटी, एसईबीसी, ईडब्ल्यूएस, महिला, एक्स सर्विसमैन : 300 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम साइको एप्टीट्यूड टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम सैलरी : पद का नाम ट्रेनिंग स्टाइपेंड ट्रेनिंग के बाद सैलरी स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर, जूनियर इंजीनियर 18,000 20,000 मेंटेनर 14,000 16,000 जरूरी डॉक्यूमेंट्स : शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र पहचान पत्र जाति प्रमाण पत्र निवास प्रमाण पत्र जन्म तिथि प्रमाण पत्र पासपोर्ट साइज फोटो रोजगार कार्यालय का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट एग्जाम पैटर्न : सेक्शन स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर, जूनियर इंजीनियर मेंटेनर टेक्निकल नॉलेज 40 40 गुजराती लैंग्वेज 20 20 लॉजिकल एबिलिटी एंड रीजनिंग 20 15 क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड 20 10 जनरल इंग्लिश 20 15 ड्यूरेशन 2 घंटे 2 घंटे निगेटिव मार्किंग 0.25 मार्क्स 0.25 मार्क्स ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट ojas.gujarat.gov.in पर जाएं। Career पर क्लिक करके Recruitment सेक्शन पर जाएं। ऑनलाइन आवेदन पोर्टल ढूंढें और रजिस्टर करें। मांगी गई सभी जानकारी भरें। संबंधित डॉक्यूमेंट्स को अपलोड करें। फीस का भुगतान करके फॉर्म सबमिट कर दें। आगे की जरूरत के लिए आवेदन का प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. महाराष्ट्र में सिविल जज के 286 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 1 मई से शुरू आवेदन महाराष्ट्र में सिविल जज के 286 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इस भर्ती कके लिए आवेदन की शुरुआती तारीख 1 मई तय की गई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। फीस जमा करने की लास्ट डेट भी 21 मई तय की गई है। महाराष्ट्र सिविल जज एग्जाम का आयोजन 2 अगस्त को किया जाएगा। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : लॉ की डिग्री, बॉम्बे हाईकोर्ट या सबऑर्डिनेट कोर्ट्स में 3 साल का एक्सपीरियंस डिग्री पूरी के बाद 3 साल का एक्सपीरियंस मराठी लिखना, पढ़ना और अनुवाद आना चाहिए। एज लिमिट : न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 45 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। फीस : अनरिजर्व, ईडब्ल्यूएस, अनाथ : 394 रुपए बैक्वर्ड क्लास,पीडब्ल्यूडी :29 ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट tshc.gov.in पर जाएं। होम पेज पर ‘ भर्ती’ मेनू टैब पर क्लिक करें। “ऑनलाइन अप्लाय” लिंक पर क्लिक करें। अपने ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर का उपयोग करके रजिस्ट्रेशन करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स, फोटो और सिग्नेचर स्कैन करके अपलोड करें । फीस का भुगतान करें। फॉर्म का प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन में 114 पदों पर भर्ती, सैलरी 85 हजार तक दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन में 114 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट dshm.delhi.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या डेंटल सर्जन 25 फील्ड मॉनिटर 33 पब्लिश हेल्थ मैनेजर 33 लेडी हेल्थ विजिटर 33 डिस्ट्रिक्ट QA कोऑर्डिनेटर 4 डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर 2 डिस्ट्रिक्ट आईईसी, बीसीसी ऑफिसर 3 न्यूट्रीशनिस्ट 3 मेडिकल लेक्चरर 2 डाटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर 1 क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट 1 स्टेट IEC/BCC कंसल्टेंट 1 लीगल कंसल्टेंट 1 स्टेट IEC/BCC कंसल्टेंट 1 कुल पदों की संख्या 114 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : डेंटल सर्जन : बीडीएस, 1 साल का एक्सपीरियंस फील्ड मॉनिटर : ग्रेजुएट, 3 साल का एक्सपीरियंस पब्लिश हेल्थ मैनेजर : मेडिकल, नॉन मेडिकल, 2 साल का एक्सपीरियंस लेडी हेल्थ विजिटर : 12वीं पास, 3 साल का एक्सपीरियंस डिस्ट्रिक्ट QA कोऑर्डिनेटर : एमबीबीएस, 2 साल का एक्सपीरियंस डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर : एमबीए, 3 साल का एक्सपीरियंस डिस्ट्रिक्ट आईईसी, बीसीसी ऑफिसर : मास्टर डिग्री, एक्सपीरियंस न्यूट्रीशनिस्ट : पीजी डिप्लोमा, एक्सपीरियंस मेडिकल लेक्चर : एमडी, डीएनबी, एक्सपीरियंस डाटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर : एमसीए, बीटेक, एक्सपीरियंस क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट : एमबीबीएस, 5 साल का एक्सपीरियंस स्टेट IEC/BCC कंसल्टेंट : मास कम्युनिकेशन, एक्सपीरियंस स्टेट IEC/BCC कंसल्टेंट : एलएलबी, एक्सपीरियंस एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 45 साल सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : प्रीलिमिनरी एग्जाम मेन्स एग्जाम इंटरव्यू पर्सनालिटी टेस्ट सैलरी : पद के अनुसार, 28,853 – 85.050 रुपए प्रतिमाह ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट dshm.delhi.gov.in पर जाएं। होमपेज पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। मांगी गई सभी जानकारी दर्ज करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स की स्कैन कॉपी अपलोड करें। इसका एक प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 4. नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में 577 भर्ती, लास्ट डेट 1 मई नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) ने 577 पदों पर भर्ती निकाली है। इसके तहत फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर और अन्य संबंधित पदों पर भर्ती की जाएगी। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 1 मई तय की गई है। उम्मीदवार एनसीएल की ऑफिशियल वेबसाइट nclcil.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या डम्पर ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 308 ग्रेडर ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 34 डोजर ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 52 क्रेन ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 17 पे लोडर ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 18 माइनिंग ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 43 स्टाफ नर्स (अप्रेंटिस) 47 फॉर्मासिस्ट (अप्रेंटिस) 4 टेक्नीशियन (रोग संबंधी) 2 टेक्नीशियन (डेंटिस्ट्री) 2 फिजियोथेरेपिस्ट (अप्रेंटिस) 4 टेक्नीशियन (ऑप्टोमेट्री) 1 टेक्नीशियन (रेडियोग्राफर) 2 जूनियर टेक्नीशियन (ईसीजी) 2 सुपरवाइजर (नागरिक) 30 कुल पदों की संख्या 577 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ऑपरेटर (ट्रेनी): 10वीं/ SSC पास किया

झारखंड

गढ़वा के दंपती ने की पलामू में महिला की हत्या:दो दिनों तक...

पलामू के रेड़मा स्थित झरना टोला में एक महिला का शव मिला था। पुलिस जांच में सामने आया कि गढ़वा के एक दंपती ने उसकी हत्या की थी। यह खुलासा गुरुवार को एसडीपीओ राजीव रंजन ने किया। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी महिला को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका पति फरार है। हत्याकांड में उपेन्द्र कुमार गौतम उर्फ रोहित कुमार और उसकी पत्नी चंदा देवी (30) की संलिप्तता सामने आई है। ये दंपती मूल रूप से गढ़वा जिले के बालेखांड़ गांव के निवासी हैं और रेड़मा में उत्तम दुबे के मकान में किराए पर रहते थे। पुलिस ने चंदा देवी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका पति उपेन्द्र फरार है। पुलिस पूछताछ में चंदा देवी ने बताया कि वह अपने पति के साथ मिलकर महिलाओं को घर लाकर उनसे देह व्यापार करवाती थी। घटना 22 अप्रैल की है, जब चंदा ने देह व्यापार के लिए लाई गई महिला से पहले लिए गए मोबाइल और 1000 रुपये वापस मांगे। इस बात पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद पति-पत्नी ने मिलकर महिला की हत्या कर दी। हत्या के बाद दंपती ने शव को कमरे में छिपाकर ताला लगा दिया और फरार हो गए। दो दिन बाद 24 अप्रैल की रात को वे वापस लौटे और शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। उन्होंने शव को कमरे से निकालकर बाउंड्री के बाहर फेंक दिया, जिस पर लोगों की नजर पड़ी और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। एसपी ने एसडीपीओ राजीव रंजन के नेतृत्व में इस हत्याकांड के उद्भेदन के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। मृत महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। आरोपी चंदा देवी भी उसकी पहचान नहीं बता पा रही है। पुलिस मृतका की पहचान के लिए सीआईजी प्रकाशन करवाएगी। फरार आरोपी उपेन्द्र कुमार गौतम का आपराधिक इतिहास भी लंबा है। उसके खिलाफ गढ़वा के रंका, डंडई, रमकंडा और पलामू के रामगढ़ में आर्म्स एक्ट, अपहरण और पॉक्सो एक्ट के कई मामले पहले से दर्ज हैं। इस कार्रवाई में एसडीपीओ राजीव रंजन, शहर थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार सहित कई पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल शामिल थे। Source link

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मजदूर दिवस 2026: कब है लेबर डे? जानें भारत में इसका इतिहास...

वह पसीना जिसने गगनचुंबी इमारतों की नींव रखी. वह हाथ जिन्होंने तपती धूप में पत्थर तोड़कर सड़कों का जाल बिछाया और वह जज्बा जिसने कारखानों के शोर के बीच राष्ट्र की आर्थिक प्रगति का मौन संगीत लिखा. उन्हीं हाथों के सम्मान का दिन आने वाला है. लेबर डे यानी वह महापर्व जो लाल झंडे की क्रांति और शिकागो की गलियों से शुरू हुए संघर्ष की गूंज है. यह महज एक तारीख नहीं बल्कि उन करोड़ों बेनाम चेहरों की विजयगाथा है जिन्होंने अपने खून-पसीने से विकास की इबारत लिखी है. आइए जानते हैं कैसे 15 घंटे की गुलामी की जंजीरें टूटीं और 8 घंटे के हक का उदय हुआ. भारत में पहली बार कब मना लेबर डे? भारत में लेबर डे मनाने की परंपरा करीब एक सदी पुरानी है. देश में पहली बार 1 मई, 1923 को मद्रास (अब चेन्नई) में लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान द्वारा इसे मनाया गया था. उस समय पहली बार ‘लाल झंडे’ का इस्तेमाल किया गया था जो श्रमिकों के संघर्ष और एकता का प्रतीक बना. दुनिया भर में इस दिन की शुरुआत 19वीं सदी के अंत में अमेरिका के शिकागो में हुए हेमार्केट मामले से हुई थी, जहां मजदूरों ने काम के घंटे 15-15 घंटे से घटाकर 8 घंटे करने की मांग को लेकर आंदोलन किया था. लेबर डे की दुनिया भर में क्‍या है तारीख? भारत सहित दुनिया के लगभग 80 से अधिक देशों में श्रमिक दिवस 1 मई को ही मनाया जाता है. हालांकि, अलग-अलग देशों में इसके समय और नाम में विविधता देखी जाती है: · भारत और चीन: यहां 1 मई को सार्वजनिक अवकाश होता है और इसे मजदूरों के सम्मान में बड़े स्तर पर मनाया जाता है. · अमेरिका और कनाडा: इन देशों में लेबर डे मई में नहीं, बल्कि सितंबर के पहले सोमवार को मनाया जाता है. · ऑस्ट्रेलिया: यहां अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तारीखों पर मजदूर दिवस मनाया जाता है, जो मुख्य रूप से मार्च या अक्टूबर में पड़ता है. लेबर डे का सांस्‍कृतिक महत्‍व भारत जैसे विकासशील देश में लेबर डे का सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व बहुत गहरा है. यह सिर्फ एक छुट्टी का दिन नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान का पर्व है. 1. मजदूरों के अधिकारों का जश्न: यह दिन इस बात की याद दिलाता है कि किसी भी उद्योग या व्यापार की सफलता के पीछे श्रमिकों का पसीना होता है. सामाजिक रूप से यह दिन मजदूरों को उनके कानूनी अधिकारों, उचित वेतन और कार्यस्थल पर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का अवसर है. 2. वर्ग भेद को मिटाना: सांस्कृतिक रूप से मई दिवस समाज में फैले ऊंच-नीच के भेदभाव को कम करने का संदेश देता है. यह सिखाता है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता और हर हाथ जो श्रम करता है, वह सम्मान का पात्र है. 3. आर्थिक प्रगति की रीढ़: भारत की जीडीपी और बुनियादी ढांचे के विकास में असंगठित और संगठित दोनों क्षेत्रों के मजदूरों का बड़ा योगदान है. सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और श्रम कानूनों के प्रति जागरूकता फैलाना इस दिन का मुख्य उद्देश्य होता है. सवाल-जवाब भारत में लेबर डे कब मनाया जाता है? भारत में हर साल 1 मई को लेबर डे (मई दिवस) मनाया जाता है. साल 2026 में यह शुक्रवार के दिन पड़ेगा. भारत में पहली बार लेबर डे कहां मनाया गया था? भारत में पहली बार 1 मई 1923 को मद्रास (चेन्नई) में लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान द्वारा लेबर डे मनाया गया था. लेबर डे का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसका मुख्य उद्देश्य श्रमिकों के योगदान को सम्मान देना और उनके अधिकारों व कार्यस्थलों पर काम के घंटों (8 घंटे) के प्रति जागरूकता फैलाना है. Source link

झारखंड

know gumla palkot nagvanshi kings palace 52 kothri 53 darwaza history and...

Last Updated:April 30, 2026, 17:52 IST Gumla 52 kothi 53 darwaza Dharohar: झारखंड का गुमला जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है. जिसमें पालकोट प्रखंड नागवंशी राजाओं का प्रमुख गढ़ रहा है. यहां का ’52 कोठरी 53 दरवाजा’ महल अपनी अद्भुत वास्तुकला के लिए मशहूर है. लेकिन वर्तमान में यह ऐतिहासिक धरोहर देखरेख के अभाव में खंडहर बन रही है. जानिए इस महल और पालकोट के अन्य रहस्यमयी स्थलों का गौरवशाली इतिहास. ख़बरें फटाफट गुमला: गुमला जिला चारों ओर जंगल पेड़ पौधे पहाड़ ऐतिहासिक स्थल, धार्मिक स्थल व पर्यटन स्थलों से भरा पड़ा है. इसी में से जिले का पालकोट प्रखंड है. जो नागवंशी राजाओं का गढ़ हुआ करता था. यहां देखने व घूमने लायक एक से बढ़कर एक धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल से भरा पड़ा है. यहां नागवंशी काल के समय का प्राचीन मां दशभुजी मंदिर, सुग्रीव गुफा, शीतलपुर, मलमल पुर, निर्झर, पंपापुर, गोब्बरसिल्ली, वॉच टावर आदि एक से बढ़कर ऐतिहासिक व रहस्यमई चीजें मौजूद हैं. उसी में से एक है 52 कोठी 53 दरवाजा. जानिए इसका इतिहास. पानी कहां से आता है यह आजतक रहस्यमयीयहां मौजूद सभी चीजों का अपना धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व है. यहां ऊंचे पहाड़ों से होकर पानी गिरता है लेकिन पानी कहां से आता है यह आजतक रहस्य बना हुआ है. चाहे कितनी भी गर्मी क्यों न पड़े यहां का पानी कभी नहीं सूखता है व पानी भी बहुत मीठा व टेस्टी होता है. गोबर सिल्ली पत्थर के ऊपर बड़ा पत्थर ऐसा लगता है मानो किसी ने सजा के रखा है. मान्यता है कि इसके ऊपर से ठेला या पत्थर फेंककर मन्नत मांगने से वह जरूर पूर्ण होती है. इसी में से एक है नागवंशी काल का 52 कोठरी 53 दरवाजा का अद्भुत व अनोखा महल. जिसे देखने के लिए सैलानियों का आना जाना लगा रहता है. लेकिन देखरेख व रखरखाव के कारण यह अनोखा महल खंडहर बन गया है. आज अपने अस्तित्व का लड़ाई लड़ रहा है. यह नागवंशी राजाओं का खास महल स्थानीय विवेक कुमार मिश्रा ने लोकल 18 को बताया कि गुमला जिले के पालकोट प्रखंड प्राकृतिक संपदाओं से भरा पड़ा है. यहां देखने व घूमने लायक एक से बढ़कर एक धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल है. इसी में से एक है हमारे प्रखंड के लालगढ़ में स्थित 52 कोठरी 53 दरवाजा का ऐतिहासिक महल. यह नागवंशी राजाओं का महल है. यहां नागवंशी राजा अपने शासन काल के समय यहां रहा करते थे. वहीं महल से कुछ दूरी में मां दशभुजी मंदिर आज भी है. वहीं यह उनके काल का बना हुआ अद्भुत व अनोखा महल था. लेकिन देखरेख  के अभाव में यह अब खंडहर में तब्दील होते जा रहा है. वहीं उन्होंने आगे कहा कि नागवंशी राजा यहां अपनी बैठक, सभा आयोजित करते थे. लेकिन यह ऐतिहासिक धरोहर अब खंडहर बन चुकी है ,इसकी संरक्षण की आवश्यकता है ताकि आने वाले समय में हमारी आने वाली पीढ़ी इसकी बनावट व संरचना को देख सकते हैं. इस तरह से पहुंचे यह ऐतिहासिक महल उन्होंने आगे बताया किया गुमला शहर से लगभग 28 किलोमीटर की दूरी में स्थित है. यहां जाने के लिए आपको गुमला से पालकोट रोड पकड़ के पहले गोबर सिल्ली पहुंचना होगा. उसके बाद पश्चिम की ओर एक रास्ता जाता है. उस रास्ता में लगभग 2 से 3 किलोमीटर जाने पर आप यह ऐतिहासिक स्थल पहुंच जाएंगे. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Gumla,Jharkhand First Published : April 30, 2026, 17:52 IST Source link

व्यापार

Bussines Idea: सिर्फ 100000 में शुरू करें ये बिजनेस, घर बैठे होगी...

Last Updated:November 03, 2025, 10:45 IST Business Ideas: भारत में घर पर बेकिंग व्यवसाय पिछले 10 सालों में तेजी से बढ़ा है. सोशल मीडिया, विविध मेनू और सही लाइसेंस से कम लागत में सफल बेकरी शुरू की जा सकती है. इससे बढ़िया कमाई भी की जा सकती है. पिछले 10 सालों में भारत में बेकिंग संस्थानों में काफ़ी बदलाव आया है. आजकल घर पर बेकिंग उद्योग को आजकल सबसे ज़्यादा कमाई करने वाले और सबसे सफल उद्योगों में से एक माना जाता. बेकरी शुरू करने के लिए पाककला कौशल, व्यावसायिक समझ और स्वादिष्ट कुकीज़, केक, कपकेक और कई अन्य चीज़ें बनाने का सच्चा जुनून ज़रूरी है. अपनी बेकिंग क्षमता और बेकिंग व्यवसाय के प्रबंधन की चुनौती को संभालने की अपनी क्षमता का मूल्यांकन करें. सिर्फ़ जुनून ही काफ़ी नहीं हो सकता है. उपभोक्ताओं की पसंद, बाज़ार के रुझान और बुनियादी वित्तीय अवधारणाओं शुरुआती खर्च में ओवन, मिक्सर, मोल्ड्स और कुछ बेसिक सामग्री लगती है. जो मिलाकर लगभग 1 लाख रुपये के अंदर आ जाती है. अगर आप सोशल मीडिया पर अपने प्रोडक्ट्स को प्रमोट करते हैं और अच्छी पैकिंग के साथ डिलीवरी शुरू करते हैं, तो ग्राहक आसानी से मिल सकते हैं. लोकल ऑर्डर से शुरू करके आप ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google एप्रन पहनने से पहले, घर पर बेकिंग का व्यवसाय शुरू करने से पहले कुछ अतिरिक्त कानूनी आवश्यकताओं पर विचार करना ज़रूरी है. कुछ राज्यों में घर पर बेकरी चलाने के लिए व्यावसायिक लाइसेंस की आवश्यकता हो सकती है. आपके राज्य के आधार पर, आपको स्वास्थ्य एजेंसी से खाद्य प्रबंधक लाइसेंस की भी आवश्यकता हो सकती है. एक बार जब आपको पता चल जाए कि आप क्या बेक करने वाले हैं, तो आप अपनी जरूरत की हर चीज तैयार कर सकते हैं. ऐसे में सुनिश्चित करें कि आपके पास सब कुछ तैयार हो, जिसमें पाइपिंग बैग, टिप्स, कपकेक रैपर, केक टिन और विभिन्न केक या मफिन टिन शामिल हैं. आपके पास इन सब को रखने के लिए एक जगह भी होनी चाहिए. एक ऐसा मेनू बनाए रखना ज़रूरी है, जिसमें विविधता हो और जिसमें कई तरह की चीज़ें हों. बेहतर कौशल और तरीके घर-आधारित बेकिंग व्यवसायों के बेहतर प्रसार का कारण बनते हैं. बुनियादी बातों से शुरुआत करें, जिनमें आप हमेशा कुशल होते हैं और जिनका आपको प्रत्यक्ष अनुभव होता है. कार्यशालाओं या पाठों में भाग लेकर, आप धीरे-धीरे अपने कौशल में सुधार कर सकते हैं और ज़्यादा रेसिपी, स्वादिष्ट केक और बेकरी उत्पादों की कई वैरायटी शामिल कर सकते हैं. एक अच्छी तरह से डिज़ाइन किया गया मेनू ग्राहकों के लिए कई विकल्पों को ब्राउज़ करना और ऑर्डर देना आसान बनाता है. बेकरी व्यवसाय योजना का अगला महत्वपूर्ण चरण मार्केटिंग और प्रचार है. जब रेसिपी, सामग्री और उपकरण चुन लिए जाते हैं. आप थोड़ी मार्केटिंग और विज्ञापन से लोगों को आस-पास के किसान बाज़ार में अपने स्टॉल के प्रति उत्साहित कर सकते हैं. आप अपने खूबसूरत आइस्ड केक और पेस्ट्री की तस्वीरें और वीडियो इंस्टाग्राम जैसी किसी विज़ुअल सोशल नेटवर्किंग साइट पर प्रकाशित कर सकते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : November 03, 2025, 10:45 IST Source link

झारखंड

महुआडांड़ में स्कूली बच्चों से भरा टेंपो पलटा:हादसे में एक छात्र की...

लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक सड़क हादसा हुआ। बांसकरचा–लुरगुमी मुख्य पथ पर मौनाडीह गांव के पास स्कूली बच्चों से भरा एक टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में सातवीं कक्षा के एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 17 बच्चे घायल हो गए।इनमें से पांच छात्राओं की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें लातेहार रेफर किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टेंपो में क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। तेज रफ्तार के कारण चालक दीपक टोप्पो वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और टेंपो सड़क किनारे पलट गया। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। मृतक छात्र की पहचान 12 वर्षीय अंकुर मिंज के रूप में हुई है, जो संत मिखाईल स्कूल का सातवीं कक्षा का छात्र था। गंभीर रूप से घायल अनुरूपा एक्का, अनुज कुमार, कॉतिक बाड़ा, साक्षी कुमारी और नेहा कुमारी को प्राथमिक उपचार के बाद लातेहार रेफर किया गया है। अन्य घायल बच्चों में आरसु मिंज, गोरीतिका केरकेट्टा, अनुज उरांव, रेशमा केरकेट्टा, सलमा बेक, अंशु मिंज, तुन एक्का, आस्था तिर्की, दिपासी केरकेट्टा, सोनू एक्का, अवेशव कुजूर और शुभम खलखो शामिल हैं। इन सभी का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ में डॉ. अमित खलखो और उनकी टीम द्वारा किया जा रहा है। सभी बच्चे संत मिखाईल स्कूल महुआडांड़ के छात्र-छात्राएं हैं। फरार चालक की तलाश जारी इधर, घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी शिवपूजन बहेलिया और थाना प्रभारी मनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया गया है और फरार चालक की तलाश जारी है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूली बच्चों के परिवहन के लिए सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। Source link

शिक्षा

सहायक कृषि अधिकारी भर्ती-5 मई से भर सकेंगे डिटेल आवेदन-फॉर्म:एग्जाम में 166...

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से सहायक कृषि अधिकारी (कृषि विभाग) भर्ती-2024 के तहत पात्रता जांच के लिए 400 कैंडिडेट्स की सूची जारी कर दी है। ये भर्ती 125 पदों के लिए थी। ऑनलाइन डिटेल आवेदन फॉर्म भरने के लिए 5 से 11 मई 2026 (रात्रि 11.59) तक लिंक खोला जाएगा। परीक्षा में 10% से ज्यादा प्रश्नों में पांच विकल्पों में से कोई भी विकल्प नहीं भरने के कारण 166 अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित किया है। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि सहायक कृषि अधिकारी के प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा 12 अक्टूबर एवं द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा का आयोजन 13 अक्टूबर 2025 को किया गया था। अंतिम रूप से सफल अभ्यर्थियों की सूची कृषि विभाग की ओर से दस्तावेज सत्यापन कराए जाने के बाद आयोग द्वारा जारी की जाएगी। कृषि विभाग करेगा डॉक्यूमेंट्स वैरीफिकेशन कैंडिडेट्स अपने एसएसओ आईडी के माध्यम से रिक्रूटमेंट पोर्टल पर माय रिक्रूटमेंट-डीटेल्ड फॉर्म कम स्क्रूटनी- अप्लाई नाउ का चयन कर अपना विस्तृत आवेदन पत्र ऑनलाइन भरें। विस्तृत आवेदन-पत्र व दस्तावेजों की जांच संबंधित विभाग (कृषि विभाग) की ओर से ही की जाएगी। इसलिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने और सबमिट करने के बाद प्रिंट ऑप्शन पर जाकर सम्पूर्ण विस्तृत आवेदन-पत्र को 2 प्रतियों में प्रिंट कर अपने पास संभाल कर रखें। कृषि विभाग की सूचना के अनुसार निर्धारित दिनांक, समय व स्थान पर कैंडिडेट्स को उपस्थित होना होगा। संबंधित विभाग की ओर से ही उचित माध्यम से अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए सूचित किया जाएगा। विभाग की ओर से दस्तावेज सत्यापन के लिए निर्धारित तिथि को उपस्थित नहीं होने पर अभ्यर्थी को अपात्र मानते हुए परिणाम में शामिल नहीं किया जायेगा। अभ्यर्थियों की पात्रता जांच विज्ञापन की शर्तों व नियमों के अनुसार की जाएगी। पात्रता की समस्त शर्तें नियमानुसार पूर्ण नहीं करने वाले अभ्यर्थियों की पात्रता आयोग द्वारा रद्द कर दी जाएगी। Source link

झारखंड

रामगढ़ में 4 साइबर अपराधी गिरफ्तार:बैंक खाते से संदिग्ध लेनदेन का खुलासा,...

रामगढ़ में चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में सोनू कुमार झा, रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना, रवि कुमार वर्मा(34) और राहुल कुमार गुप्ता(37) शामिल है। ये अपराधी भारतीय स्टेट बैंक के एक खाते के माध्यम से संदिग्ध लेनदेन में शामिल थे। पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), रामगढ़-सह-थाना प्रभारी, साइबर अपराध थाना, रामगढ़ ने इस सूचना पर संहा दर्ज कर 28 अप्रैल 2026 को जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि भारतीय स्टेट बैंक का खाता संख्या 444616958956 भारत सरकार की एमएसएमई योजना के तहत उद्यम पंजीकरण के लिए ‘श्री गणेश इंटरप्राइजेज’ के नाम से खोला गया था। इस खाते के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में अवैध राशि हस्तांतरण से संबंधित कुल 274 शिकायतें दर्ज थीं। खाते के तीन प्रोपराइटर थे। राहुल गुप्ता , रवि कुमार वर्मा और अजय शर्मा। पूछताछ में राहुल गुप्ता और रवि कुमार वर्मा ने बताया कि उन्होंने रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना और सोनू कुमार झा के कहने पर स्टेट बैंक में करंट अकाउंट खुलवाया था। इसके बदले उन्हें सोनू कुमार झा से 1,20,000 रुपए मिले थे। आगे की पूछताछ में राहुल गुप्ता और रवि कुमार वर्मा ने नए खाते खोलने के एवज में पैसे लेने, रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना और सोनू कुमार झा द्वारा ओटीपी उपलब्ध कराने, मोबाइल बैंकिंग चालू करवाने और खाते को व्हाट्सएप ग्रुप व टेलीग्राम के माध्यम से साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पकड़े गए व्यक्तियों के मोबाइल डेटा की जांच में विभिन्न मोबाइल सिम कार्ड, बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, स्कैनर (क्यूआर कोड), आधार कार्ड, पैन कार्ड और लेनदेन से संबंधित व्हाट्सएप संदेश पाए गए हैं। Source link

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