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झारखंड

बोकारो स्टेशन पर रेस्क्यू:हटिया से पटना जा रही ट्रेन से 11 नाबालिग...

पुणे ले जाने की थी योजना, आरपीएफ ने बच्चों को सीडब्ल्यूसी को सौंपा हटिया से पटना जा रही ट्रेन से मंगलवार रात बोकारो रेलवे स्टेशन पर 11 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया। सभी बच्चों की उम्र 12 से 17 वर्ष के बीच है। आरपीएफ ने बच्चों को ट्रेन से उतारकर बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सौंप दिया। फिलहाल उन्हें बाल गृह में रखा गया है, जहां उनकी काउंसिलिंग की जा रही है। जानकारी के अनुसार, सभी बच्चे बिहार के अररिया जिले के रामपुर कुदरकट्टी गांव के रहने वाले हैं। वे अररिया से रांची पहुंचे थे और वहां से हटिया-पटना एक्सप्रेस से धनबाद जा रहे थे। बताया जा रहा है कि धनबाद से उन्हें पुणे ले जाने की योजना थी। बच्चों के साथ मनोज नाम का एक संदिग्ध व्यक्ति भी था, जिस पर काम दिलाने के बहाने उन्हें ले जाने का आरोप है। आरपीएफ की कार्रवाई के दौरान वह मौके से फरार हो गया। बच्चों के साथ कुछ वयस्क मजदूर भी यात्रा कर रहे थे। आरपीएफ ने वयस्कों को जाने दिया, जबकि सभी नाबालिगों को सुरक्षा के लिए उतार लिया। सीडब्ल्यूसी… बच्चे काफी घबराए हुए हैं, अलग-अलग जानकारी दे रहे सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष लीला देवी ने बताया कि बच्चे काफी घबराए हुए हैं और स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। कोई पढ़ाई के लिए जाने की बात कह रहा है, तो कोई धनबाद या पुणे जाने की। कई बच्चे अपना पूरा पता भी नहीं बता पा रहे हैं। फिलहाल उनकी काउंसिलिंग की जा रही है। यदि जांच में मानव तस्करी की पुष्टि होती है, तो आगे की कार्रवाई के लिए आरपीएफ को अनुशंसा की जाएगी। Source link

झारखंड

NIA Cases Ranchi RSS Office Petrol Bomb Attack

रांची के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित निवारणपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रांतीय कार्यालय श्री निकेतन पर 16 जून की देर रात हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। . घटना की संवेदनशीलता और संभावित अंतरराष्ट्रीय आतंकी कनेक्शन की आशंका को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है। गृह मंत्रालय के अवर सचिव विमल कुमार शुक्ला की शिकायत के आधार पर एनआईए ने रांची थाने में आरसी-01/2026/एनआईए आरएनसी के तहत मामला पुनः दर्ज किया है। आरोपी पैदल ही RSS दफ्तर तक आए थे। इस केस में भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। अब एनआईए पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि हमले के पीछे असली साजिश क्या थी। अंतरराज्यीय नेटवर्क और विदेशी कनेक्शन की जांच अब तक की जांच में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों के तार झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मुंबई से जुड़े पाए गए हैं। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपियों का कुछ संदिग्ध लोगों से संपर्क रहा है। उन्होंने विदेश यात्राएं भी की हैं। गिरफ्तार आरोपी सैफ थाने के शौचालय की खिड़की तोड़कर वहां से भाग निकला था। जिसे पुलिस ने हाफ एनकाउंटर कर पकड़ा। इन इनपुट्स के आधार पर एनआईए अब आरोपियों की ट्रैवल हिस्ट्री, कॉल डिटेल्स और डिजिटल नेटवर्क की गहन पड़ताल कर रही है। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हमले के पीछे किसी संगठित आतंकी मॉड्यूल की भूमिका थी। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि हमले के लिए फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट कहां से मिला। एटीएस से एनआईए को सौंपी गई केस डायरी इस मामले की प्रारंभिक जांच झारखंड एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) कर रही थी, जिसने 17 जून को चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की थी। अब एटीएस द्वारा जुटाए गए सभी साक्ष्य, केस डायरी और दस्तावेज एनआईए को सौंप दिए गए हैं। प्राथमिकी के अनुसार, 16 जून की रात 12:36 बजे दो अज्ञात हमलावर चेहरे ढककर आए और कार्यालय परिसर पर पेट्रोल बम फेंककर फरार हो गए। इस मामले की प्रारंभिक जांच झारखंड एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) कर रही थी, जिसने 17 जून को चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की थी। उस समय परिसर में लगभग 20 स्वयंसेवक मौजूद थे, हालांकि इस हमले में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। पुलिस ने इस मामले में लोहरदगा के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी सैफ अंसारी पुलिस हिरासत से फरार हो गया था, जिसे बाद में मुठभेड़ के दौरान दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। अब एनआईए इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। ——————————————– इसे भी पढ़ें…. रांची RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला:घटना में शामिल तीन आरोपी गिरफ्तार, भागने के दौरान पुलिस से मुठभेड़ में एक जख्मी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना को अंजाम देने के बाद फरार हुए दोनों आरोपियों सैफ अंसारी और अमन अंसारी उर्फ गोलू को एसआईटी ने बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, आरोपी स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस से भागने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, दोनों आरोपियों ने पुलिस को घटना में सायम सुजान के शामिल होने की बात बताई। इसके बाद सायम को रांची से गिरफ्तार किया गया। पूरी खबर यहां पढ़ें… Source link

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Re NEET UG Result 2026: 20 जुलाई तक आ सकता है नीट...

Last Updated:July 02, 2026, 17:00 IST Re-NEET UG Result 2026: नीट यूजी परीक्षा में शामिल हुए लाखों स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी री-नीट यूजी परीक्षा का रिजल्ट 20 जुलाई तक घोषित करने की तैयारी में है. अच्छी बात यह है कि परीक्षा दोबारा होने के बावजूद एमबीबीएस का नया सेशन समय पर शुरू होगा. NEET UG 2026 Result: नीट यूजी रिजल्ट इसी महीने जारी होने की उम्मीद है नई दिल्ली (Re-NEET UG Result 2026). नीट यूजी पेपर लीक के आरोपों के बाद दोबारा परीक्षा देने वाले लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के लिए बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि री-नीट यूजी 2026 परीक्षा का रिजल्ट 20 जुलाई तक घोषित कर दिया जाएगा. एजेंसी ने अभी किसी फिक्स तारीख का ऐलान नहीं किया है. हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नीट यूजी रिजल्ट को समय पर या उससे पहले जारी किया जा सकता है. कई स्टूडेंट्स और पेरेंट्स यह सोचकर परेशान थे कि विवादों और नीट यूजी पेपर लीक के कारण कहीं एमबीबीएस का नया सेशन शुरू करने में देरी न हो जाए. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि री-एग्जामिनेशन की वजह से हुई देरी का असर मेडिकल कॉलेजों के नए सत्र की शुरुआत पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा. नीट यूजी रिजल्ट जारी होते ही काउंसलिंग, एडमिशन और फिर नया सत्र.. यानी सब कुछ अपने तय शेड्यूल के हिसाब से ही चलेगा. बहुत जल्द चेक हो जाएंगी नीट यूजी की कॉपियां एनटीए से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया कि एजेंसी रिजल्ट तैयार करने में जुटी हुई है. उन्होंने कहा- हम अभी कोई पक्की तारीख नहीं बताना चाहते, लेकिन इतना तय है कि रिजल्ट 20 जुलाई तक हर हाल में आ जाएगा. आमतौर पर नीट जैसी बड़ी परीक्षा के नतीजे आने में करीब 45 दिनों का समय लगता है, लेकिन इस बार एनटीए रिकॉर्डतोड़ समय में काम कर रहा है. री-नीट की परीक्षा 21 जून को हुई थी. अगर 20 जुलाई तक रिजल्ट आता है तो यह महज 1 महीने के अंदर ही जारी हो जाएगा. 10 हजार आपत्तियों का हो रहा निपटारा नीट यूजी रिजल्ट जारी करने से पहले एनटीए के सामने एक बड़ी चुनौती आपत्तियों की जांच करना है. एजेंसी ने 25 जून को प्रोविजनल आंसर-की जारी की थी और 28 जून तक इस पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया था. एनटीए के मुताबिक, देशभर से लगभग 10,000 चैलेंज या आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं. नीट यूजी रिजल्ट को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए उनकी टीम हर आपत्ति को बारीकी से देख रही है, उनके साथ लगाए गए सबूतों की जांच कर रही है. इसके बाद ही फाइनल आंसर-की और स्कोरकार्ड जारी किया जाएगा. एमबीबीएस का नया सत्र नहीं होगा लेट नीट यूजी उम्मीदवारों के मन में सबसे बड़ा डर यह था कि क्या इस साल डॉक्टरी की पढ़ाई यानी एमबीबीएस सत्र देर से शुरू होगा? इस पर एनटीए ने साफ कर दिया है कि री-एग्जाम की वजह से एमबीबीएस का कैलेंडर नहीं बदलेगा. आमतौर पर भारत में मेडिकल का नया सत्र अगस्त या सितंबर में शुरू होता है. इस बार भी नीट यूजी काउंसलिंग की प्रक्रिया को तेज करके इसे समय पर ही शुरू कराया जाएगा. नीट यूजी रिजल्ट के बाद काउंसलिंग कैसे होगी? री-नीट यूजी का रिजल्ट आते ही मेडिकल काउंसलिंग कमेटी अपनी वेबसाइट पर काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर देगी. इसके तहत 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ), एम्स (AIIMS), जिपमर (JIPMER) और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज की सीटों के लिए काउंसलिंग होगी. वहीं, बची हुई 85% सीटों के लिए राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर काउंसलिंग करेंगी. काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा, फीस भरनी होगी और अपने पसंदीदा कॉलेज की चॉइस लॉक करनी होगी. इसके बाद रैंक के आधार पर सीटें आवंटित की जाएंगी. About the Author Deepali PorwalSenior Sub Editor Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

बोकारो के किसान कार्तिक महतो का फॉर्मूला, 50 डिसमिल में खीरा ओल...

होमफोटोकृषि बोकारो के किसान कार्तिक महतो का गजब फॉर्मूला, एक खेत-दो फसल और डबल मुनाफा Last Updated:July 02, 2026, 17:07 IST Double Income From One Field: एक ही खेत से दो फसलों की खेती कर किसान अपनी आमदनी दोगुनी कर सकते हैं. बोकारो जिले के पेटरवार प्रखंड के किसान कार्तिक महतो इसका सफल उदाहरण पेश कर रहे हैं. उन्होंने महज 50 डिसमिल जमीन में खीरा और ओल की मिश्रित खेती कर न सिर्फ उत्पादन बढ़ाया है, बल्कि कम समय और लंबी अवधि की फसल को जोड़कर लाखों का मुनाफा भी कमा रहे हैं. किसान कार्तिक महतो ने बताया कि उन्हें एक ही खेत में दोनों फसलों की खेती करने का आइडिया खुद के अनुभव से मिला है. उनका मानना है कि इस तरीके से खेती करने पर जमीन का बेहतर उपयोग होता है और समय व संसाधनों की भी बचत होती है. उन्होंने आगे बताया कि अप्रैल महीने में खीरा और ओल की बुवाई की थी. खीरा की फसल जहां 35 से 40 दिनों में तैयार होकर बाजार में बिकने लगती है, वहीं ओल की फसल तैयार होने में चार से पांच महीने का समय लेती है. ओल की फसल जमीन के नीचे विकसित होती है, जबकि खीरा बेल के रूप में ऊपर बढ़ता है. ऐसे में दोनों फसलें एक-दूसरे की मदद करती हैं और किसान एक ही खेत से दो अलग-अलग समय पर उत्पादन पा सकते हैं. वहीं खीरा की फसल खत्म होने के बाद ओल की बिक्री से अतिरिक्त आय होती है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ती है. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने बताया कि 50 डिसमिल में खीरा और ओल की एक साथ खेती पर लगभग 80 हजार रुपये की लागत आती है. 50 डिसमिल में खीरा का उत्पादन वैरायटी के अनुसार 50 से 60 क्विंटल तक पाया जा सकता है, वहीं ओल का उत्पादन करीब 100 क्विंटल तक हो जाता है. बाजार में खीरा और ओल दोनों की अच्छी मांग रहती है. वर्तमान में ओल और खीरा का औसत बाजार मूल्य लगभग 20 रुपये प्रति किलोग्राम है. इससे किसान खीरा से आसानी से 1.20 लाख रुपये और ओल से 3 लाख रुपये तक की आमदनी कर सकते हैं. ऐसे में किसान लागत हटाकर लगभग 3.40 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं. ओल और खीरा की खेती में मल्चिंग और सिंचाई व्यवस्था की बेहतर देखभाल की जरूरत पड़ती है. इससे छोटे और सीमांत किसान भी इस मॉडल को अपनाकर कम जमीन में अधिक आय अर्जित कर सकते हैं. एक साथ दो फसल का यह मॉडल किसी भी किसान के लिए उपयोगी साबित हो सकता है. एक ही बार में दोनों फसलों की देखभाल भी हो जाती है और जब बिक्री होती है तो मुनाफा डबल हो जाता है. Source link

झारखंड

जमशेदपुर में 3 जुलाई को बंद का आह्वान:भाजपा ने बुलाया बंद, विधायक...

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जमशेदपुर में बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ती आपराधिक घटनाओं के विरोध में 3 जुलाई को शहर बंद का आह्वान किया है। इस बंद से पहले गुरुवार शाम विभिन्न मंडलों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। यह जानकारी साकची स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता में दी गई। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा कि शहर में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या, लूट, छिनतई और महिलाओं के साथ स्नैचिंग जैसी घटनाओं में वृद्धि हुई है। आम नागरिकों से बंद को सफल बनाने की अपील: भाजपा अभय सिंह ने हाल ही में हुई हिमांशु सिंह की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना ने शहरवासियों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस अपराध नियंत्रण के बजाय अक्सर समझौते की कोशिशें करती है। उन्होंने सभी व्यापारियों, उद्योगों, स्कूल प्रबंधन और आम नागरिकों से बंद को सफल बनाने की अपील की। वहीं, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि कभी सुरक्षित शहर के रूप में जाना जाने वाला जमशेदपुर अब अपराधियों के बढ़ते हौसलों से जूझ रहा है। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराध और चापड़बाजी जैसी घटनाओं को चिंताजनक बताया। पूर्णिमा साहू ने पुलिस गश्ती बढ़ाने, नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करने और अपराध नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। भाजपा के जिलाध्यक्ष संजीव सिंह ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से इस आंदोलन में भाग लेकर बंद को सफल बनाने का आग्रह किया। Source link

झारखंड

बोकारो में अंतरराज्यीय चेन छिनतई गिरोह का भंडाफोड़:सरगना समेत 5 आरोपी गिरफ्तार,...

बोकारो पुलिस ने महिलाओं को निशाना बनाने वाले एक अंतरराज्यीय चेन छिनतई गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। तीन विशेष जांच टीमों (एसआईटी) ने आठ दिनों के अभियान में यह सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 48 हजार रुपए नगद, बिना नंबर की बाइक, सोने जैसा एक लॉकेट और एक जियो मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना 30 वर्षीय भोला दास ओडिशा के जाजपुर का रहने वाला है। उसके खिलाफ झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में धनबाद के राणा उर्फ रजनीश (18), बिट्टू सिंह (24), श्रवण सिन्हा (18) और परमानंद वर्मा (52) शामिल हैं। राणा के खिलाफ चास और धनबाद में भी चार मामले दर्ज बताए गए हैं। गिरोह बोकारो, धनबाद, गिरिडीह और रामगढ़ में सक्रिय था पुलिस जांच में पता चला है कि यह गिरोह बोकारो, धनबाद, गिरिडीह और रामगढ़ जिलों में सक्रिय था। ये मुख्य रूप से महिलाओं को निशाना बनाकर चेन छिनतई की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपी बिना नंबर की बाइक का इस्तेमाल कर वारदात के बाद तेजी से फरार हो जाते थे। बरामद लॉकेट को विशेषज्ञों के पास जांच के लिए भेजा गया है, ताकि लूटे गए आभूषणों की खरीद-बिक्री के माध्यमों का पता लगाया जा सके। बोकारो के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह एक अंतरप्रांतीय गिरोह है और इसके पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है। पुलिस सुनारों और चोरी के आभूषण खरीदने वाले संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। Source link

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Modi Cabinet Reshuffle: हवा का रुख बदले तो हैरत कैसी? सियासत में...

Modi Cabinet Reshuffle: ‘हवा का रुख बदले तो हैरत कैसी? सियासत में मौसम रोज बदलते हैं, आज जो सफ (कतार) में आगे हैं, कल वो भी पीछे निकलते हैं.’ राजनीति भी एक मौसम की तरह है, कब हवा का रुख बदल जाए पता ही नहीं चलता. इस सियासत में कब कौन आगे निकल जाए, कौन पीछे रह जाए इसकी कल्पना कोई नहीं कर सकता. देश की वर्तमान राजनीति की स्थिति भी कुछ ऐसी ही नजर आ रही है. मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के बीच कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं तेज हैं. नेताओं से लेकर आम जनता तक सभी के मन में बस एक ही प्रश्न है कि आखिर कैबिनेट फेरबदल कब होगी, कौन दोबारा अपनी कुर्सी पर रहेगा और किसे अपनी गद्दी छोड़नी पड़ेगी.इसी कड़ी में न्यूज 18 हिंदी वेबसाइट के प्रधान संपादक और वरिष्ठ पत्रकारों की पैनल ने कुछ ऐसी घटनाएं एवं किस्सों का जिक्र किया है जिससे आपको अंदाजा हो जाएगा कि आखिर कैबिनेट फेरबदल में क्या होने वाला है. तो आइए जानते हैं कि पैनल में क्या चर्चा हुई… बंगाल में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद के समीकरण, बिहार में भारत भूषण तिवारी की हत्या से उपजा सियासी उबाल, अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे को लेकर उठा विवाद और पंजाब में अकाल तख्त की हलचल, इन सभी घटनाओं का सीधा असर आगामी कैबिनेट विस्तार और बीजेपी की चुनावी रणनीति पर पड़ने वाला है. आपको बता दें की इस चर्चा में न्यूज 18 हिंदी वेबसाइट के प्रधान संपादक आलोक कुमार, और वरिष्ठ पत्रकार पायल, पल्लवी, मधुपर्णा और अमित पांडे शामिल हैं. सबने मिलकर इन मुद्दों पर अपनी राय रखी. आइए, ‘पंचायत’ के इस विशेष विश्लेषण में विस्तार से समझते हैं कि आखिर पर्दे के पीछे क्या पक रहा है? मोदी का ‘सरप्राइज’ फैक्टर और कैबिनेट रीशफल का आधार पिछले कुछ हफ्तों से लगातार यह अटकलें लगाए जा रहे थे कि फेरबदल आज होगा या कल होगा… इस पर पैनलिस्ट पायल ने बड़े विस्तार से मौसम के साथ तुलना करते हुए बताया कि जिस तरह हम ये अनुमान नहीं लगा सकते कि कब बारिश होगी, कब गर्मी ज्यादा रहेगी ठीक वैसे ही मोदी सरकार को लेकर आप चाहे जितने भी कयास लगा लें, उनके फैसलों का सटीक अनुमान लगाना असंभव है. फेरबदल की चर्चाओं से मंत्रियों में डर बैठ गया है कि कई नेता मंदिरों में दर्शन करते नजर आते हैं तो कई किसी ज्योतिष के पास बैठे हुए. इसके बाद वरिष्ठ पत्रकार पल्लवी ने बताया कि आमतौर पर जातीय (Caste) और क्षेत्रीय (Regional) समीकरणों पर ध्यान देकर फेरबदल किया जाता है लेकिन पीएम मोदी का स्टाइल हमेशा से स्थापित राजनीतिक ढांचों से परे रहा है. इस बार इकॉनमी, एआई (AI) और बड़े रिफॉर्म्स पर जोर है. मंत्रियों का बकायदा एक रिपोर्ट कार्ड तैयार किया गया है. जिस भी नेता ने उम्मीद के मुताबिक काम नहीं किया है, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. सरकार अब एक ‘यंग और डायनेमिक लुक’ देने की तैयारी में है. बंगाल का ‘खेला’: टीएमसी से आए नेताओं को मिलेगा इनाम या होगा इंतजार? अब बात करें पश्चिम बंगाल की जहां बीजेपी की जीत और टीएमसी की हार के बाद बड़ा खेला हो चुका है. लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल उन नेताओं का है, जिन्होंने टीएमसी छोड़कर बीजेपी या एनडीए का दामन थामा है. सौगत राय और सुदीप बंदोपाध्याय जैसे दिग्गज नेताओं को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. एक तरफ जहां सौगत राय ने टीएमसी का साथ नहीं छोड़ा, वहीं दूसरी तरफ सुदीप बंदोपाध्याय और काकोली घोष ने नई पार्टी बना कर NDA का समर्थन करना शुरू कर दिया है. तो क्या कैबिनेट में इन्हें कोई जगह मिल सकती है? इस पर पत्रकार मधुपर्णा ने कहा कि यह बताना बेहद मुश्किल है. लेकिन यह भी कहा जा सकता है कि जब 20 नेता बीजेपी में शामिल हुए तो पार्टी कुछ जरूर सोचेगी. वहीं पत्रकार पल्लवी ने सवाल उठाया कि सालों से संघर्ष कर रहे कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर कल आए नेताओं को कैबिनेट में जगह क्यों दी जाए?पत्रकार अमित पांडे ने बताया कि संसद में कुछ महत्वपूर्ण बिलों को पास कराने और संख्या बल को मजबूत करने के लिए इन 20 सांसदों में से कुछ सांसदों का अहम रोल रहा है. ऐसे में कम से कम तीन या चार सांसदों को इनाम मिलने की संभावना है. महाराष्ट्र और पंजाब: टूट-फूट और अंदरूनी कलह का दौर महाराष्ट्र की राजनीति में जो हो रहा है, वह भारतीय राजनीति में शायद पहली बार है. एक ही पार्टी (शिवसेना और एनसीपी) के दो फाड़ हो चुके हैं. चुनाव परिणामों के बाद ‘चेतना जागने’ का दौर जारी है. पत्रकार पायल ने बताया कि सचिन अहीर जैसे नेताओं का सुबह उद्धव गुट छोड़कर दोपहर में सत्ता पक्ष के साथ पर्चा भर देना, यह दिखाता है कि राजनीति में निष्ठाएं कितनी तेजी से बदल रही हैं. वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ पत्रकार पल्लवी ने कहा कि सिर्फ टीएमसी या शिवसेना ही नहीं, पंजाब कांग्रेस में भी भारी उथल-पुथल है. भगवंत मान और बाजपा पर फोकस है, तो कांग्रेस के भीतर 8 से ज्यादा बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अध्यक्ष पद को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है. अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग नाराज होकर छुट्टी पर जाने का मन बना रहे हैं. दलित वोट बैंक खिसकने के बावजूद चरणजीत सिंह चन्नी को अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाएं हैं. ऐसे में कई कांग्रेसी नेताओं की ‘चेतना’ भी जल्द जाग सकती है और वे बीजेपी का रुख कर सकते हैं.पत्रकार अमित पांडे ने आगे बताया कि बीजेपी के बड़े नेता तरुण चुघ का शपथ ग्रहण से पहले संसद की सीढ़ियों को नमन करना, पंजाब के वोटर्स और पार्टी हाईकमान को एक सीधा साइकोलॉजिकल मैसेज था. बिहार का गणित और यूपी का चुनाव: सवर्ण वोट बैंक की चिंता बिहार में हाल ही में सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के फैसले ने यह साबित कर दिया कि बीजेपी अब भी अपने फैसलों से चौंका सकती है. प्रधान संपादक आलोक कुमार ने बताया कि उन्हें भी इसका अंदाजा नहीं था. चर्चा थी कि किसी कैडर के नेता को मौका मिलेगा, न कि आरजेडी से आए किसी व्यक्ति को. लेकिन राजनीति में जो होता है, वह दिखता नहीं है.पत्रकार अमित पांडे ने

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दुधारू पशुओं की खतरनाक बीमारी है एफएमडी, पलामू में लग रही है...

होमताजा खबरकृषि दुधारू पशुओं की खतरनाक बीमारी है एफएमडी, पलामू में लग रही है फ्री वैक्सीन Last Updated:July 02, 2026, 15:43 IST Palamu Cattle FMD Vaccination: पलामू में खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) बीमारी से पशुओं को बचाने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू हुआ है. 1 जुलाई से 29 अगस्त तक 4 लाख दुधारू पशुओं को मुफ्त वैक्सीन लगेगी. इस बीमारी से ग्रस्त होने पर पशु बहुत तकलीफ में आ जाते हैं इसलिए उन्हें वैक्सीन जरूर लगवाएं और अगर समस्या हो जाए तो इस प्रकार उनका ध्यान रखें. ख़बरें फटाफट पलामू. आज के समय में कई किसान पशुपालन कर अच्छी कमाई करते हैं. वहीं कई इलाकों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले दुधारू पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी गंभीर बीमारी हो जाती है जिससे पशु बहुत तकलीफ में आ जाते हैं. इससे बचाने के लिए पलामू में बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है. यह बीमारी पशुओं के लिए गंभीर समस्या है. दरअसल, एफएमडी दुधारू पशुओं की सबसे खतरनाक संक्रामक बीमारियों में गिनी जाती है. इस बीमारी में पशु के मुंह, जीभ और खुर में घाव हो जाते हैं, जिससे उनका खाना-पीना और चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है. बीमारी बढ़ने पर दूध उत्पादन तेजी से घट जाता है और पशु कमजोर होने लगता है. गर्भवती पशुओं में यह बीमारी गर्भपात (एबॉर्शन) का कारण भी बन सकती है, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. शुरू हुआ वैक्सीनेशन अभियानपलामू जिले के जिला पशुपालन पदाधिकारी प्रभाकर सिन्हा ने बताया कि भारत सरकार के एफएमडी राउंड-6 अभियान के तहत 1 जुलाई से 29 अगस्त तक जिले के करीब 4 लाख दुधारू पशुओं को निशुल्क वैक्सीन लगाई जाएगी. टीकाकरण से पहले हर पशु की टैगिंग की जाएगी, ताकि उसका पूरा रिकॉर्ड तैयार हो सके और भविष्य में भी नियमित निगरानी रखी जा सके. सरकार का लक्ष्य इस बीमारी को जड़ से खत्म करना है. खुरपका-मुंहपका से घट जाता है दूध उत्पादनउन्होंने आगे बताया कि इस बीमारी की शुरुआत हल्के बुखार से होती है, जो बढ़कर 105 डिग्री तक पहुंच सकता है. इसमें पशु के मुंह से बहुत अधिक लार निकलने लगती है. वह खाना-पीना और जुगाली करना छोड़ देता है. बाद में जीभ और मुंह में छाले पड़ जाते हैं और खुर में सूजन और सड़न शुरू हो जाती है. समय पर इलाज नहीं मिलने पर घाव गंभीर हो सकते हैं और उनमें संक्रमण भी फैल सकता है. घरेलू उपाय केवल शुरुआती राहत, इलाज जरूरीउन्होंने कहा कि शुरुआती लक्षण दिखने पर एक मग पानी में थोड़ी मात्रा में पोटेशियम परमैंगनेट मिलाकर हल्का गुलाबी घोल तैयार करें और उससे पशु के मुंह व जीभ की सफाई करें. इसके बाद जीभ पर ग्लिसरीन लगाने से कुछ राहत मिलती है. खुर के घाव को पोटेशियम परमैंगनेट या फिटकरी वाले पानी से धोकर साफ किया जा सकता है और प्रभावित स्थान पर हिमेक्स क्रीम लगाने की सलाह दी जाती है. हालांकि, ये केवल प्राथमिक उपाय हैं. सही उपचार के लिए तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है. मुफ्त टीकाकरण का लाभ उठाने की अपीलपशुपालन विभाग ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने गाय, भैंस और दूसरे दुधारू पशुओं का निशुल्क टीकाकरण जरूर कराएं. समय पर लगने वाला यह टीका न केवल पशुओं को गंभीर बीमारी से बचाएगा, बल्कि दूध उत्पादन, पशुओं की सेहत और किसानों की आय को भी सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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देवघर में सड़क किनारे युवक का शव मिला:परिजनों ने जमीन विवाद में...

देवघर जिले के जसीडीह थाना क्षेत्र में अंधरीगादर से कोरीडीह जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे एक युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला है। मृतक की पहचान जसीडीह थाना क्षेत्र के जोरमो गांव निवासी पिंटू यादव के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर जसीडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए देवघर सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के पिता विनोद यादव ने बताया कि उनका बेटा पिंटू यादव बिहार में जेसीबी चालक के रूप में काम करता था। वह हर दिन की तरह काम पर गया था, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, जिसके बाद अंधरीगादर से कोरीडीह जाने वाली सड़क के किनारे उसका शव मिला।विनोद यादव ने अपने रिश्तेदार रोहित यादव पर बेटे पिंटू की हत्या का आरोप लगाया है। लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था उन्होंने बताया कि दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। विनोद यादव के अनुसार, इसी विवाद के चलते रोहित यादव अक्सर पिंटू को जान से मारने की धमकी देता था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि इसी रंजिश के कारण पिंटू की हत्या की गई है और उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जसीडीह थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मौत के कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल, पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन छानबीन कर रही है। Source link

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दो महिलाओं ने बच्ची को ढाल बनाकर की चोरी:जमशेदपुर के परसुडीह में...

जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र में संत रॉबर्ट स्कूल के पास एक घर में दिनदहाड़े चोरी की घटना सामने आई है। गुलगुलिया गैंग की दो महिला सदस्यों ने एक मासूम बच्ची को ढाल बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, स्थानीय लोगों की सतर्कता के कारण दोनों महिलाओं को मौके से कुछ ही दूरी पर पीछा कर पकड़ लिया गया। पीड़ित मकान मालिक अमन कुमार ने बताया कि घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर के दूसरे कमरे में मौजूद थे। इसी बीच, दोनों महिलाएं एक छोटी बच्ची के साथ घर में दाखिल हुईं ताकि उन पर किसी को शक न हो। योजना के तहत, एक महिला बाहर निगरानी कर रही थी, जबकि दूसरी महिला चुपके से कमरे में घुस गई और अलमारी से पैसे निकाल लिए। परिजनों को आहट मिलने पर वे कमरे में आए, तब तक महिलाएं चोरी कर भागने लगी थीं। परिजनों के अनुसार, महिलाओं ने अलमारी से 500 रुपए निकाले थे, जो बाद में छानबीन के दौरान उनके पास से बरामद हो गए। भाग रही दोनों महिलाओं को अमन और स्थानीय लोगों ने पीछा कर कुछ ही दूरी पर दबोच लिया। घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों ने लगभग 45 मिनट से अधिक समय तक पुलिस वैन का इंतजार किया, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। देरी होते देख और किसी अप्रिय घटना की आशंका के मद्देनजर ग्रामीणों ने आखिरकार दोनों महिलाओं को छोड़ देना ही उचित समझा। Source link

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