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Whatsapp Username Feature। Govt. on Whatsapp Username Feature। व्हाट्सअप यूजरनेम फीचर भारत...

नई दिल्ली. भारत सरकार ने सोशल मीडिया दिग्गज मेटा को एक बड़ा झटका दिया है. सरकार ने व्हाट्सएप पर आने वाले नए यूजरनेम फीचर के रोल-आउट पर फिलहाल पूरी तरह रोक लगा दी है. सूत्रों के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को एक आधिकारिक नोटिस जारी कर इस फीचर पर तीन दिन के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण और जवाब देने का सख्त निर्देश दिया है. सरकार का साफ कहना है कि जब तक इस संवेदनशील मामले पर पूरी तरह से विचार-विमर्श और कानूनी समीक्षा पूरी नहीं हो जाती, तब तक भारत में इस फीचर को रोल-आउट नहीं किया जाएगा. दरअसल, बिना फोन नंबर के सिर्फ यूजरनेम के जरिए चैटिंग वाले इस फीचर से साइबर धोखाधड़ी, फेक अकाउंट और पहचान चोरी जैसे गंभीर सुरक्षा खतरे बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. सरकार को सता रहा टेलीग्राम वाला डरव्हाट्सएप के नए यूजरनेम फीचर पर रोक लगाने के पीछे सरकार को टेलीग्राम जैसा बड़ा सुरक्षा खतरा सता रहा है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बिना फोन नंबर के सिर्फ यूजरनेम से चैटिंग होने पर पहचान छिपाकर की जाने वाली धोखाधड़ी और साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं. चूंकि भारत में व्हाट्सएप का इस्तेमाल बिजनेस, डिजिटल पेमेंट्स और कॉमर्स के लिए बड़े पैमाने पर होता है, इसलिए यह रिस्क और ज्यादा गंभीर हो जाता है. अधिकारियों को डर है कि इस फीचर के बाद साइबर अपराधों की जांच करना बेहद मुश्किल हो जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे ठीक वैसी ही चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं, जैसी टेलीग्राम के कारण पेपर लीक, संगठित धोखाधड़ी और ड्रग तस्करी के नेटवर्क की जांच में आती हैं. व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर से जुड़े 5 सवाल 1. भारत सरकार ने मेटा को किस नए व्हाट्सएप फीचर को लेकर नोटिस जारी किया है? भारत सरकार ने व्हाट्सएप पर आने वाले नए यूजरनेम फीचर के रोल-आउट को लेकर मेटा को नोटिस जारी किया है और इस पर फिलहाल पूरी तरह से रोक लगा दी है. 2. सरकार ने मेटा को जवाब देने के लिए कितना समय दिया है और तब तक क्या निर्देश लागू रहेंगे? इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को विस्तृत स्पष्टीकरण देने के लिए तीन दिन का समय दिया है. जब तक इस संवेदनशील मामले पर पूरी कानूनी समीक्षा और विचार-विमर्श खत्म नहीं हो जाता, तब तक भारत में यह फीचर रोल-आउट नहीं किया जा सकेगा. 3. व्हाट्सएप के यूजरनेम फीचर से सरकार को किस तरह के सुरक्षा खतरों की आशंका है? इस फीचर के आने से बिना फोन नंबर के सिर्फ यूजरनेम के जरिए चैटिंग संभव हो जाएगी. सरकार को आशंका है कि इससे पहचान चोरी, फेक अकाउंट और साइबर धोखाधड़ी जैसे गंभीर सुरक्षा खतरे काफी तेजी से बढ़ सकते हैं. 4. भारत में इस फीचर का जोखिम अन्य देशों के मुकाबले ज्यादा गंभीर क्यों माना जा रहा है? भारत में व्हाट्सएप का इस्तेमाल सिर्फ व्यक्तिगत बातचीत के लिए ही नहीं बल्कि बिजनेस, डिजिटल पेमेंट्स और कॉमर्स के लिए भी बहुत बड़े पैमाने पर होता है. ऐसे में बिना नंबर वाले यूजरनेम से वित्तीय धोखाधड़ी का रिस्क और ज्यादा बड़ा और गंभीर हो जाता है. 5. इस मामले में सरकार को टेलीग्राम जैसा कौन सा बड़ा डर सता रहा है? सरकार को डर है कि यूजरनेम फीचर के बाद साइबर अपराधों की जांच करना बेहद मुश्किल हो जाएगा. इससे ठीक वैसी ही चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं जैसी टेलीग्राम के कारण आती हैं, जहां पहचान छिपी होने की वजह से पेपर लीक, संगठित धोखाधड़ी और ड्रग तस्करी के नेटवर्क की जांच करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन जाता है. Source link

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धनबाद पुलिस के हत्थे चढ़ा साइबर ठगी करने वाला पूरा गैंग, गिरफ्तारी...

Last Updated:July 01, 2026, 19:55 IST धनबाद पुलिस ने इस मामले में साइबर अपराध थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली है. अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. साथ ही, उनके नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है. धनबाद में साइबर गैंग का खुलासा धनबाद: झारखंड के धनबाद में पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. गुप्त सूचना के आधार पर सरायढेला थाना क्षेत्र स्थित होटल न्यू हरि-इन में छापेमारी कर पुलिस ने नौ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया. आरोपियों के पास से 50 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और बैंक खातों से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं. पुलिस के अनुसार, होटल के कमरा नंबर 103 और 108 में साइबर अपराधी ठहरे हुए थे. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने दोनों कमरों में छापेमारी की और सभी आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार लोगों में बिहार के आशीष कुमार, मिथिलेश ठाकुर, मो. आबिद आलम, आशुतोष कुमार आनंद और मनंजर शेर आलम शामिल हैं. वहीं, धनबाद के रोहित दॉ और महफुज आलम, ओडिशा के चन्द्रकांत परिदा तथा झारखंड के गोड्डा निवासी मो. गुफरान आलम को भी गिरफ्तार किया गया है. छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 12 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 17 सिम कार्ड बरामद हुए. इसके साथ 17 एटीएम कार्ड, बैंक खातों से जुड़े क्यूआर कोड, दो चेकबुक, एक पासबुक और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं. पुलिस ने बरामद सभी सामान को जब्त कर जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह साइबर ठगी करने वाले अपराधियों और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े लोगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करता था. आरोपी अलग-अलग लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे. साथ ही, उन्हीं खातों के जरिए साइबर ठगी से हासिल रकम का लेनदेन कराया जाता था. इससे ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजकर जांच एजेंसियों से बचने की कोशिश की जाती थी. धनबाद पुलिस ने इस मामले में साइबर अपराध थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली है. अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. साथ ही, उनके नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है. साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क के तार किन-किन राज्यों तक फैले हैं. अब तक कितने लोगों को इसका शिकार बनाया गया है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Dhanbad,Jharkhand Source link

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धनबाद में साइबर गैंग का खुलासा, 9 अपराधी गिरफ्तार:होटल से 50 हजार...

धनबाद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सरायढेला थाना क्षेत्र के होटल न्यू हरि-इन के कमरा नंबर 103 और 108 में छापेमारी कर 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 50 हजार रुपये नगद सहित साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बिहार के आशीष कुमार, मिथिलेश ठाकुर, मो. आबिद आलम, आशुतोष कुमार आनंद और मनंजर शेर आलम शामिल हैं। धनबाद से रोहित दॉ और महफुज आलम को पकड़ा गया है। इसके अतिरिक्त, ओडिशा के चन्द्रकांत परिदा और झारखंड के गोड्डा के मो. गुफरान आलम भी गिरफ्तार हुए हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 17 सिम कार्ड, 17 एटीएम कार्ड, बैंक खातों से जुड़े क्यूआर कोड, दो चेकबुक, एक पासबुक और 50 हजार रुपए नगद बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े व्यक्तियों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। आरोपी विभिन्न लोगों के नाम पर खुले बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध से संबंधित वित्तीय लेनदेन के लिए करते थे। इस मामले में साइबर अपराध थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब गिरोह के मुख्य सरगना और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े अन्य व्यक्तियों तक पहुंचने के लिए सबूत जुटा रही है। Source link

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देवघर में डबल मर्डर का 24 घंटे में खुलासा:बहू ने की प्रेमी...

देवघर जिले के सोनारायठाड़ी थाना क्षेत्र के उपर नावाडीह गांव में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि मृतका की बहू ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर सास और देवर की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने बहू शबाना खातून (19) और उसके प्रेमी ईरशाद अंसारी (19) को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 30 जून 2026 को उपर नावाडीह गांव में हुई थी, जहां मां-बेटे की निर्मम हत्या कर दी गई थी। सोनारायठाड़ी थाना में कांड संख्या 33/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर कुलदीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल कॉल डिटेल्स और वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लिया। विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके आधार पर मृतका की बहू शबाना खातून और उसके प्रेमी ईरशाद अंसारी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि प्रेम प्रसंग के चलते दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। बहू ने अकेले मारा, प्रेमी फोन पर दे रहा था निर्देश वारदात के समय ईरशाद अंसारी लगातार मोबाइल फोन के जरिए शबाना के संपर्क में था और उसे निर्देश दे रहा था। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और हथौड़ा भी बरामद कर लिया गया है। घटनास्थल से रक्त के नमूने, आरोपियों के खून से सने कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है और वैज्ञानिक तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। Source link

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akhilesh yadav kala chasma | cm yogi adityanath

Last Updated:July 01, 2026, 19:41 IST UP Chunav 2027: समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उस वक्त ठहाके गूंज उठे, जब अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद काला चश्मा लगाकर पहुंचे. अखिलेश यादव ने जब चुटकी ली, तो अवधेश प्रसाद ने सीधे 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर ऐसा जवाब दिया कि सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है. अखिलेश यादव ने अवधेश प्रसाद पर ली चुटकी. लखनऊ. यूपी चुनाव 2027 से पहले गंभीर बयानों और तीखे पलटवारों के बीच कभी-कभी ऐसे मजेदार पल भी आ जाते हैं, जो सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक छा जाते हैं. ऐसा ही एक दिलचस्प नजारा समाजवादी पार्टी के दफ्तर में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देखने को मिला. मौका तो गंभीर राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा का था, लेकिन जैसे ही फैजाबाद (अयोध्या) के सांसद अवधेश प्रसाद ने आंखों पर काला चश्मा चढ़ाए हुए एंट्री ली, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद को रोक नहीं पाए. उन्होंने भरी महफिल में अवधेश प्रसाद की चुटकी लेना शुरू कर दिया, जिसके बाद ठहाकों के बीच सीधे साल 2027 के ‘मिशन यूपी’ का रास्ता साफ होता दिखाई दिया. ‘काला चश्मा बहुत शुभ रहता है…’ प्रेस कॉन्फ्रेंस में जैसे ही मीडिया के कैमरों की फ्लैश चमकी, अखिलेश यादव की नजर अवधेश प्रसाद के काले चश्मे पर गई. अखिलेश ने बेहद मजाकिया लहजे में तंज कसते हुए कहा, “आइए आइए… आंख का ऑपरेशन कराया आपने? ओ हो ओ हो… एक चश्मा हमें भी मिला है ऐसा. वैसे बता दूं कि काला चश्मा बहुत शुभ रहता है.” अखिलेश यादव का यह अंदाज देखकर वहां मौजूद सभी पत्रकार और पार्टी कार्यकर्ता अपनी हंसी नहीं रोक पाए. जब अयोध्‍या के सांसद ‘काला चश्‍मा’ लगाकर अख‍िलेश यादव की PC में पहुंचे. • अख‍िलेश ने कहा- काला चश्‍मा शुभ होतो है. • अयोध्‍या के सासंद- आपने जब लगाया था तो मुख्‍यमंत्री बन गए थे. pic.twitter.com/g4Q8T3sCFY Source link

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जसीडीह होकर चलेगी श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन, बिहार-झारखंड-बंगाल के कांवरियों को लाभ

Last Updated:July 01, 2026, 19:38 IST देवघर श्रावणी मेले में जाने वाले शिवभक्तों के लिए पूर्व रेलवे स्पेशल ट्रेन चलाएगा. यह गाड़ी हावड़ा और नटेसर के बीच दौड़ेंगी. यह ट्रेन जसीडीह, मधुपुर और आसनसोल होकर गुजरेगी. इसमें जनरल, स्लीपर और एसी कोच होंगे. इस रूट के कांवरियों को यात्रा में सीधा लाभ और बड़ी राहत मिलेगी. ख़बरें फटाफट AI से तैयार श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन की फोटो हावड़ा/देवघर: देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में लगने वाला विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला देश भर के शिवभक्तों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है. इस पावन अवसर पर हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबाधाम पहुंचते हैं. यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं. श्रद्धालुओं के सफर को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक बनाने के लिए पूर्व रेलवे ने हावड़ा और नटेसर के बीच विशेष ‘श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन’ चलाने का बड़ा फैसला किया है. जानिए क्या है ट्रेन का पूरा शेड्यूलरेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में कुल 38-38 फेरे लगाएगी. ट्रेन संख्या 03001 (हावड़ा – नटेसर स्पेशल): यह ट्रेन 5 जुलाई 2026 से 29 सितंबर 2026 तक चलेगी. यह हर रविवार, मंगलवार और शुक्रवार को रात 23:50 बजे हावड़ा से रवाना होगी. अगले दिन दोपहर 12:00 बजे यह नटेसर पहुंचेगी. ट्रेन संख्या 03002 (नटेसर – हावड़ा स्पेशल): यह वापसी ट्रेन 6 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक संचालित होगी. यह हर सोमवार, बुधवार और शनिवार को दोपहर 13:00 बजे नटेसर से खुलेगी. अगले दिन सुबह 04:30 बजे यह हावड़ा पहुंचेगी. इन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहरावकांवरियों और आम यात्रियों की सुविधा के लिए इस स्पेशल ट्रेन का ठहराव मुख्य स्टेशनों पर दिया गया है. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में अपने मार्ग में दुर्गापुर, आसनसोल, चित्तरंजन, मधुपुर और जसीडीह स्टेशनों पर रुकेगी. जसीडीह स्टेशन उतरकर श्रद्धालु आसानी से बाबाधाम मंदिर पहुंच सकते हैं. इस ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए सभी श्रेणियों के कोच उपलब्ध रहेंगे. इसमें सामान्य द्वितीय श्रेणी (General), शयनयान श्रेणी और वातानुकूलित कोच शामिल किए गए हैं. शिवभक्त समय रहते इस स्पेशल ट्रेन में अपनी टिकट बुक कराकर भीड़भाड़ से बच सकते हैं. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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ट्रेन की चपेट में आने से छात्रा की मौत:पलामू में टीसी लेने...

पलामू के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र में बुधवार को एक 18 वर्षीय छात्रा की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। छात्रा अपने स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) लेने के लिए घर से निकली थी। मृतका की पहचान हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के सोनपुरवा गांव निवासी सतेंद्र मेहता की पुत्री बबिता कुमारी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (आईपीएस) दिव्यांश शुक्ला, थाना प्रभारी चंदन कुमार और जपला रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से मिले एडमिट कार्ड के आधार पर छात्रा की पहचान की। परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद वे घटनास्थल पर पहुंचे। आसपास के ग्रामीणों की भीड़ भी मौके पर जुट गई। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह एक हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के कारणों पर स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा। इस घटना से सोनपुरवा गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि बबिता पढ़ाई को लेकर गंभीर थी और भविष्य के लिए कई सपने संजोए हुए थी। Source link

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पटना-चर्लपल्ली, धनबाद-शकूर बस्ती स्पेशल ट्रेनों का विस्तार:यात्रियों की सुविधा के लिए परिचालन...

धनबाद रेल मंडल ने यात्रियों की सुविधा के लिए दो स्पेशल ट्रेनों के परिचालन अवधि में विस्तार करने की घोषणा की है। इन ट्रेनों में धनबाद-शकूर बस्ती-धनबाद स्पेशल और पटना-चर्लपल्ली-पटना एक्सप्रेस शामिल हैं। धनबाद रेल मंडल के वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक सह वरीय जनसंपर्क अधिकारी मनीष सौरव ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए इन ट्रेनों का विस्तार किया जा रहा है। ट्रेन संख्या 03639 (धनबाद-शकूर बस्ती) स्पेशल 17 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को चलेगी। इसी तरह, ट्रेन संख्या 03640 (शकूर बस्ती-धनबाद) स्पेशल का परिचालन 18 जुलाई से 1 अगस्त तक प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को होगा। इन ट्रेनों का समय और ठहराव मौजूदा 03639/03640 ट्रेनों के समान रहेगा। परिचालन 20 जुलाई से 29 जुलाई तक किया जाएगा इसके अतिरिक्त, पटना से चलने वाली 03253/54 (पटना-चर्लपल्ली-पटना) स्पेशल ट्रेनों के परिचालन में भी विस्तार किया गया है। ट्रेन संख्या 03253 (पटना-चर्लपल्ली) का परिचालन 20 जुलाई से 29 जुलाई तक किया जाएगा। ट्रेन संख्या 03254 (चर्लपल्ली-पटना) 22 जुलाई से 29 जुलाई तक प्रत्येक बुधवार को चलेगी, जबकि ट्रेन संख्या 03255 (चर्लपल्ली-पटना) 24 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रत्येक शुक्रवार को परिचालित होगी। इन ट्रेनों का समय और ठहराव भी मौजूदा 03253/03254/03255 पटना-चर्लपल्ली-पटना स्पेशल ट्रेनों के समान रहेगा। इन सभी स्पेशल ट्रेनों के परिचालन से झारखंड के धनबाद, गोमोह, बोकारो, मुरी, रांची, हटिया, पारसनाथ और कोडरमा के यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा। दिल्ली और चर्लपल्ली की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण होगी। Source link

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how to grow bougainvillea from grafting in monsoon gardening tips

Last Updated:July 01, 2026, 18:42 IST Monsoon Gardening Tips: नर्सरी संचालक कनिष्क कुमार बताते हैं कि जुलाई से सितंबर तक का समय नए पौधों को तैयार करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. क्योंकि इस दौरान वातावरण में नमी अधिक रहती है. पौधों की बढ़वार भी तेज होती है. कलम लगाने के बाद इसे तेज धूप से बचाएं. उन्होंने कहा कि इसमें रोज अधिक पानी देने की जरूरत नहीं होती. जानें एक्सपर्ट टिप्स. ख़बरें फटाफट जमुई: गार्डनिंग करना कई लोगों को पसंद होता है. लोग अपने घर के आसपास तरह-तरह के फूल के पौधे लगाते हैं. जो गार्डनिंग नहीं भी करते हैं वह भी गमले में या घर के दरवाजे के आसपास फूलों का पौधा लगाते हैं. परंतु बाजार में विदेशी फूल के पौधे काफी महंगे मिलते हैं. अगर बोगनबेलिया की बात करें तो इसका एक पौधा 300 से 350 रुपए में मिलता है. जिसे खरीदना और लगाना थोड़ा महंगा पड़ता है. परंतु अगर आप गार्डनिंग करना चाहते हैं और बोगनविलिया से अपने घर को सजाना चाहते हैं तो आप घर पर ही इसे तैयार कर सकते हैं. खासकर मानसून का सीजन इसके लिए सबसे सही माना जाता है. जमुई के नर्सरी संचालक कनिष्क कुमार बताते हैं कि इस मौसम में पौधे की ग्राफ्टिंग करके आप घर पर ही बोगन बेलिया के नए पौधे तैयार कर सकते हैं. एक से डेढ़ महीने में तैयार हो जाएगा पौधाजमुई के नर्सरी संचालक कनिष्क कुमार बताते हैं कि जुलाई से सितंबर तक का समय नए पौधों को तैयार करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. क्योंकि इस दौरान वातावरण में नमी अधिक रहती है. पौधों की बढ़वार भी तेज होती है. सही तरीके से देखभाल करने पर करीब 30 से 45 दिनों में नई कोंपलें निकलने लगती हैं, जबकि दो से तीन महीने में पौधा अच्छी तरह तैयार हो जाता है. कनिष्क ने बताया कि इसके लिए एक बोगनविलिया के स्वस्थ पौधे में से उसकी कुछ डंठल काट लें, फिर इसे अच्छे से मिट्टी से भरे बैग में लगा दें. मिट्टी तैयार करते समय 40 प्रतिशत सामान्य दोमट मिट्टी, 30 प्रतिशत अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद, 20 प्रतिशत नदी की बालू और 10 प्रतिशत नारियल के छिलके का बुरादा या कोकोपीट मिलाने से जड़ों का विकास तेजी से होता है और नमी लंबे समय तक बनी रहती है. यदि नारियल का छिलका उपलब्ध नहीं है तो सूखी पत्तियों की खाद का भी उपयोग किया जा सकता है. इन बातों का रखें ध्यानकनिष्क ने बताया कि कलम लगाने के बाद इसे तेज धूप से बचाएं. उन्होंने कहा कि इसमें रोज अधिक पानी देने की जरूरत नहीं होती. मिट्टी की ऊपरी सतह सूखने लगे तभी हल्का पानी दें, क्योंकि ज्यादा पानी से पौधे खराब हो सकते हैं. कनिष्क ने बताया कि है करीब एक महीने बाद इसमें से नई पत्तियां और टहनियां निकलने लगेंगी. इसके बाद धीरे-धीरे पौधे को आप कहीं भी लगा सकते हैं. कनिष्क बताते हैं कि थोड़ी सावधानी और सही तकनीक अपनाकर कोई भी व्यक्ति घर पर ही बोगनवेलिया का पौधा तैयार कर सकता है. इससे आप पौधों के पीछे पैसा खर्च करने से बचेंगे और आपकी गार्डनिंग काफी सस्ती हो जाएगी. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

जमशेदपुर के स्कूली बच्चों का कमाल! अब पंखा खुद समझेगा कितनी है...

Last Updated:July 01, 2026, 09:13 IST Jamshedpur Smart Fan Device: जमशेदपुर के हिल टॉप स्कूल के कक्षा 9 छात्रों ने टेंपरेचर कंट्रोल स्मार्ट कूलिंग सिस्टम बनाया, जो तापमान के हिसाब से पंखे की स्पीड बदलकर बिजली बचाता है. आइये जानते हैं मार्केट में इसकी क्या कीमत है. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर: झारखंड में जमशेदपुर के हिल टॉप स्कूल के कक्षा 9 के छात्रों ने एक खास “टेंपरेचर कंट्रोल स्मार्ट कूलिंग सिस्टम” तैयार किया है. यह एक ऐसा स्मार्ट डिवाइस है. जो कमरे के तापमान के अनुसार पंखे की स्पीड को अपने आप कम या ज्यादा कर सकता है. छात्रों का दावा है कि इससे बिजली की बचत होगी और पंखे की लाइफ भी बढ़ेगी. जानें प्रोजेक्ट के छात्र ने क्या कहा इस प्रोजेक्ट से जुड़े छात्र अर्जुन मिश्रा ने बताया कि गर्मी के मौसम में लोग अक्सर पंखे को तेज स्पीड पर चलाते रहते हैं. जबकि कई बार इसकी जरूरत नहीं होती है. इससे बिजली ज्यादा खर्च होती है और पंखे के मोटर पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इसी समस्या का समाधान निकालने के लिए उनकी टीम ने यह स्मार्ट डिवाइस बनाया है. तापमान मापने वाला लगा है सेंसर उन्होंने बताया कि इस डिवाइस में तापमान मापने वाला सेंसर लगाया गया है. यह सेंसर कमरे या आसपास के तापमान को लगातार जांचता रहता है. जैसे ही तापमान बढ़ता है, पंखे की स्पीड अपने आप बढ़ जाती है और तापमान कम होने पर पंखे की स्पीड भी कम हो जाती है. इससे लोगों को बार-बार रेगुलेटर चलाने की जरूरत नहीं पड़ती है. इस प्रोटोटाइप को बनाने में छात्रों ने माइक्रोकंट्रोलर, सेंसर और प्रोग्रामिंग तकनीक का इस्तेमाल किया है. यह पूरी तरह से ऑटोमैटिक सिस्टम है, जो तापमान के अनुसार काम करता है. छात्रों का कहना है कि भविष्य में इस तकनीक का उपयोग केवल पंखों में ही नहीं, बल्कि लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कूलिंग सिस्टम में भी किया जा सकता है. डिवाइस से होगी बिजली की बचत इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत बिजली की बचत है. जरूरत के अनुसार ही पंखा चलेगा, जिससे अनावश्यक बिजली खर्च नहीं होगी. साथ ही पंखे की मोटर पर कम दबाव पड़ेगा, जिससे उसकी कार्यक्षमता और उम्र दोनों बढ़ सकती है. छात्रों का मानना है कि यदि इस प्रोटोटाइप को और बेहतर बनाकर बाजार में उतारा जाए, तो इसकी कीमत करीब 1500 रुपये हो सकती है. कम कीमत और उपयोगी तकनीक होने के कारण यह आम लोगों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है. हिल टॉप स्कूल के इन छात्रों की यह पहल दिखाती है कि आज के युवा केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नई तकनीक के जरिए रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान भी खोज रहे हैं. यह प्रोजेक्ट ऊर्जा बचत और स्मार्ट तकनीक की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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