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झारखंड

धनबाद निजी अस्पताल में शव रोकने पर हंगामा:परिजनों ने गलत इलाज का...

धनबाद के बरटांड़ स्थित जलान अस्पताल में शुक्रवार को एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने बकाया बिल का भुगतान न होने के कारण शव देने से इनकार कर दिया। उन्होंने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही और गलत उपचार का भी आरोप लगाया। गिरिडीह निवासी मिथलेश पासवान 20 जून को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए जलान अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने बताया कि इलाज पर करीब चार लाख रुपए खर्च हो चुके थे। इसके बावजूद, अस्पताल प्रबंधन 50 हजार रुपए का बकाया भुगतान करने के बाद ही शव सौंपने की बात कह रहा था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मरीज को हृदय संबंधी कोई समस्या नहीं थी। इसके बावजूद, किसी अन्य मरीज की रिपोर्ट के आधार पर उनका गलत इलाज किया गया, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सी राजन ने परिजनों के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में मरीज के सिर में गंभीर चोट लगी थी और इलाज के दौरान संक्रमण बढ़ने के कारण उनकी मौत हुई। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि हंगामे की सूचना पर पुलिस को बुलाया गया और शव पुलिस को सौंप दिया गया। धनबाद थाना के एएसआई प्रेमानंद ने पुष्टि की कि पुलिस मौके पर पहुंची थी और मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Source link

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पलामू में जली नवविवाहिता की 16 दिनों बाद मौत:सात माह पहले हुई...

पलामू जिले के तरहसी थाना क्षेत्र के कसमार में जली नवविवाहिता की रिम्स में 16 दिनों तक चले इलाज के बाद शुक्रवार को मौत हो गई। परिजनों ने शव के साथ तरहसी थाना पहुंचकर पति पवन कुमार और ससुर महेंद्र राम के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि दहेज के बकाया 70 हजार रुपए नहीं मिलने पर नवविवाहिता को पेट्रोल डालकर जला दिया गया। थाना प्रभारी आनंद राम ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है और केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार, चतरा जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र के चौनपुर गांव निवासी बबलू राम ने अपनी 20 वर्षीय पुत्री नेहा कुमारी की शादी पिछले साल 25 नवंबर को तरहसी के पदमा सूर्य मंदिर में कसमार के पवन कुमार से की थी। बकाया रुपयों के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था: परिजन शादी के समय डेढ़ लाख रुपए दहेज देने की बात तय हुई थी, जिसमें से 80 हजार रुपए दिए जा चुके थे और 70 हजार रुपए बकाया था। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही नेहा को दहेज के बकाया रुपयों के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। नेहा की मां, पिता और मौसी समेत अन्य परिजनों ने आरोप लगाया है कि 10 जून को पति और ससुर ने नेहा पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। घटना की सूचना मिलने पर पिता ने बेटी का इलाज पहले मेदिनीनगर के एक निजी अस्पताल में कराया। स्थिति गंभीर होने पर नेहा को रांची ले जाया गया, जहां एक निजी अस्पताल में इलाज के बाद उसे रांची रिम्स में भर्ती कराया गया। 25 जून को रिम्स के डॉक्टरों ने नेहा को जवाब दे दिया और परिजनों को उसे घर ले जाने की सलाह दी। 26 जून की देर रात करीब 2 बजे घर लौटते समय रास्ते में ही नेहा की मौत हो गई। पति ने आरोपों को निराधार बताया इस मामले में नेहा के पति पवन कुमार ने आरोपों से इनकार किया है। उसने कहा कि उसे जानकारी नहीं है कि पेट्रोल डालकर किसने आग लगाई। पवन के अनुसार, जलने की जानकारी मिलने पर वह बचाने गया था और इलाज में भी साथ रहा। उसने आरोपों को बेबुनियाद और निराधार बताया है। Source link

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केतन अग्रवाल मामले में 26/11 केस के हीरो उज्ज्वल निकम की एंट्री,...

होमताजा खबरदेश केतन अग्रवाल केस में नई हलचल, 26/11 केस के हीरो उज्ज्वल निकम की एंट्री Last Updated:June 26, 2026, 18:36 IST पुलिस के अनुसार, सिया गोयल (20) और चेतन चौधरी (22) के खिलाफ केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने का आरोप है. इन दोनों के आपस में प्रेम संबंध थे. आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में अग्रवाल को एक चट्टान से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी गई. ख़बरें फटाफट आरोप है कि सिया गोयल और उसके ब्वॉयफ्रेंड ने मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या कर दी. पुणे: लोनावला में मंगेतर और उसके कथित प्रेमी के हाथों हुई केतन अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या के मामले ने अब राजनीतिक और कानूनी स्तर पर बड़ा मोड़ ले लिया है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को केतन अग्रवाल के परिवार से मुलाकात कर भरोसा दिलाया कि इस जघन्य हत्याकांड के दोषियों को कानून के तहत सबसे कड़ी सजा दिलाई जाएगी. मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने अपने बेटे के लिए न्याय की मांग करते हुए इस मामले में देश के चर्चित वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर) नियुक्त करने की मांग रखी. मुख्यमंत्री फडणवीस ने परिवार की इस मांग को स्वीकार कर लिया. मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि पुणे में हुई इस मुलाकात के दौरान केतन के पिता ने पूरे मामले की निष्पक्ष और तेज सुनवाई की मांग की. फडणवीस ने परिवार को आश्वस्त किया कि सरकार इस हत्याकांड को पूरी गंभीरता से देख रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. इस मामले में फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और उज्ज्वल निकम को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने की उनकी मांग को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तुरंत मान लिया और कानून एवं न्याय विभाग के सचिव को इस बारे में निर्देश जारी किए. सीनियर वकील उज्ज्वल निकम ने भी इस मामले में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के तौर पर काम करने के लिए अपनी सहमति दे दी है. इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम की एंट्री को बेहद अहम माना जा रहा है. निकम देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों की पैरवी कर चुके हैं और 26/11 मुंबई आतंकी हमले जैसे हाई-प्रोफाइल केस में विशेष लोक अभियोजक की भूमिका निभा चुके हैं. मुंबई हमले में गिरफ्तार इकलौते आतंकी को फांसी की सजा दिलाने में उज्ज्वल निकम का अहम रोल था. ऐसे में अब उनकी नियुक्ति से केतन अग्रवाल हत्याकांड की कानूनी लड़ाई और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Mumbai,Maharashtra Source link

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मजदूरी छोड़कर शुरू किया मुर्गा पालन, अब 1 लाख महीना हो रही...

होमफोटोकृषि मजदूरी छोड़कर शुरू किया मुर्गा पालन, अब 1 लाख महीना हो रही कमाई Last Updated:June 26, 2026, 16:33 IST Poultry Farming: जिले के डोमचांच प्रखंड के मसनोडीह निवासी सुमन लाल मेहता आज ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं. कभी दूसरे राज्यों में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले सुमन ने गांव लौटकर स्वरोजगार का रास्ता चुना और मुर्गा पालन के व्यवसाय से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर ली. आज वह सभी खर्च निकालने के बाद हर महीने करीब एक लाख रुपये की आमदनी कर रहे हैं. सुमन लाल मेहता बताते हैं कि पहले मजदूरी करने पर उन्हें हर महीने केवल 15 से 20 हजार रुपये की आय होती थी, जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल था. इसी दौरान उन्होंने कृषि एवं पशुपालन विभाग द्वारा बरही के गौरियाकर्मा में आयोजित आठ दिवसीय मुर्गा पालन प्रशिक्षण में हिस्सा लिया. प्रशिक्षण से मिली जानकारी ने उन्हें इस व्यवसाय को अपनाने के लिए प्रेरित किया. प्रशिक्षण के बाद उन्होंने गांव की खाली जमीन पर करीब 15 हजार वर्ग फीट का शेड तैयार किया और व्यावसायिक स्तर पर मुर्गा पालन शुरू किया. वर्तमान में उनके शेड में लगभग 10 हजार मुर्गे तैयार हो रहे हैं. उनके अनुसार एक चूजे को बाजार से करीब 35 रुपये में खरीदा जाता है और उसे तैयार होने में 35 से 40 दिनों का समय लगता है. इस दौरान मुर्गे के दाने, दवा और देखभाल सहित प्रति चूजा करीब 100 रुपये का खर्च आता है. Add News18 as Preferred Source on Google तैयार होने पर एक मुर्गे का वजन एक किलो या उससे अधिक हो जाता है, जिसकी बिक्री करीब 110 रुपये प्रति किलो के हिसाब से होती है. खास बात यह है कि उन्हें बाजार में बिक्री के लिए भटकना नहीं पड़ता, बल्कि मुर्गी फार्म संचालक खुद उनके शेड पर आकर मुर्गे खरीदकर ले जाते हैं. सुमन ने बताया कि सभी खर्चों को निकालने के बाद उन्हें प्रति मुर्गा लगभग 10 रुपये का शुद्ध लाभ होता है. इस हिसाब से 10 हजार मुर्गों के पालन पर उन्हें करीब एक लाख रुपये की मासिक आय होती है. यह आमदनी उनके पुराने मजदूरी के काम से कई गुना अधिक है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि रोजगार के लिए सिर्फ शहरों की ओर पलायन करने के बजाय सरकार की योजनाओं और प्रशिक्षण का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाएं. Source link

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सड़क हादसे में दो युवकों की मौत:बहन की शादी का कार्ड देने...

गोड्डा जिले के पथरगामा थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क दुर्घटना में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा तेज रफ्तार और ओवरटेक की होड़ के कारण हुआ, जिसमें एक बाइक पर सवार तीन युवक चपेट में आ गए। यह घटना पथरगामा थाना क्षेत्र के गांधीग्राम के समीप निस्तारा गांव के पास फोर लेन NH 133 पर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक पिकअप और एक स्कॉर्पियो तेज रफ्तार में एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे, तभी उनकी चपेट में बाइक आ गई और जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उस पर सवार तीनों युवक सड़क पर गिर पड़े। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। 1 जुलाई को है बहन की शादी इस दुर्घटना में नगर थाना क्षेत्र के कुरमन निवासी चंदन कुमार राय और महागामा के फिरोजपुर निवाशी संजीव राय की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बताया गया है कि दोनों मृतक आपस में रिश्तेदार थे। मृतक चंदन के पिता अर्जुन राय ने बताया कि एक जुलाई को बेटी काजल कुमारी की 1 जुलाई को शादी है और बेटा निमंत्रण देने महागामा की ओर जा रहा था। कुरमन लम्बाटीकर के रहने वाले सन्नी कुमार राय गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोड्डा सदर अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। Source link

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पाकुड़ के चापा गांव में पेयजल संकट गहराया:ग्रामीण झरने से लाते हैं...

पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड की कर्माटांड़ पंचायत के चापा गांव में स्वच्छ पेयजल का गंभीर संकट बना हुआ है। लगभग 200 आदिम जनजाति आबादी वाला यह गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां के निवासियों को पीने के पानी के लिए डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित एक झरने पर निर्भर रहना पड़ता है। यह स्थिति इसलिए चिंताजनक है क्योंकि ग्रामीण जिस झरने का पानी इस्तेमाल करते हैं, उसी स्रोत से जानवर भी पानी पीते हैं। गांव के तीनों टोलों में स्वच्छ पेयजल की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। पानी पूरी तरह से सुरक्षित और शुद्ध नहीं इस कारण महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे प्रतिदिन लंबी दूरी तय कर पानी लाने को मजबूर हैं, जिससे उनके दैनिक कार्य और आजीविका भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि झरने का पानी पूरी तरह से सुरक्षित और शुद्ध नहीं है। फिर भी मजबूरी में उन्हें यही पानी पीना पड़ रहा है। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों ने सरकार के विकास संबंधी दावों पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और विकास की योजनाएं धरातल पर नहीं दिखतीं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधि इस समस्या पर पूरी तरह से मौन हैं। रमेश पहाड़िया, छोटा मैसा पहाड़िया, अर्जुन पहाड़िया, सजनी पहाड़ीन, देवी पहाड़ीन, सुरजी पहाड़ीन, डोंबा पहाड़िया (प्रधान) और गोली पहाड़ीन सहित अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से गांव में जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। सोलर आधारित वाटर पंप लगाया जाएगा: उपविकास आयुक्त इधर, पाकुड़ के उपविकास आयुक्त अरविंद कुमार लाल ने बताया कि लिट्टीपाड़ा के पहाड़ी क्षेत्र में बोरिंग वाहन नहीं पहुंच पाता है। इस कारण काफी समस्याएं सामने आ रही है। फिलहाल जिला प्रशासन झरने के पानी को संरक्षित कर उसे ग्रामीण क्षेत्र के टोला में पहुंचने के लिए सोलर आधारित वाटर पंप अधिष्ठापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी टोला का सर्वे किया जा रहा है। जल्द ही सर्वे रिपोर्ट आ जाएगी और इसके बाद पीएचडी विभाग द्वारा इसको लेकर डीपीआर बनाकर दिया जाएगा और उसके बाद आगे इसका क्रियान्वयन करवाया जाएगा। Source link

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गोरखपुर बन रहा भोजपुरी इंडस्ट्री का नया हब, स्थानीय कलाकारों को मिल...

Last Updated:June 26, 2026, 17:29 IST गोरखपुर तेजी से भोजपुरी मनोरंजन हब बन रहा है, शूटिंग से एडिटिंग तक सुविधाएं यहीं, स्थानीय कलाकारों को रोजगार, रवि किशन की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा बनी गोरखपुर: कभी सिर्फ धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाने वाला गोरखपुर अब धीरे-धीरे भोजपुरी मनोरंजन जगत का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है. शहर में लगातार भोजपुरी गानों की शूटिंग, रिकॉर्डिंग और लॉन्चिंग का सिलसिला बढ़ रहा है. पहले जहां कलाकारों को अपने प्रोजेक्ट के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब अधिकांश काम गोरखपुर में ही आसानी से हो रहा है. गोरखपुर के ‘राजघाट’ पर एक भोजपुरी गाने की शूटिंग के दौरान स्थानीय कलाकारों की टीम नजर आई, कलाकारों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में शहर का माहौल भोजपुरी इंडस्ट्री के लिए काफी अनुकूल हुआ है. प्राकृतिक लोकेशन, आधुनिक तकनीकी संसाधन और स्थानीय सहयोग के कारण अब निर्माता और कलाकार गोरखपुर को प्राथमिकता देने लगे हैं. रवि किशन बने रोल मॉडल कलाकारों के मुताबिक, अब गानों की शूटिंग से लेकर एडिटिंग और डिजिटल लॉन्चिंग तक की सुविधाएं गोरखपुर में उपलब्ध हैं. इससे समय और लागत दोनों की बचत हो रही है. सबसे बड़ी बात यह है कि स्थानीय कलाकारों, कैमरामैन, एडिटर, मेकअप आर्टिस्ट और अन्य तकनीकी कर्मचारियों को भी शहर में ही रोजगार के अवसर मिलने लगे हैं. भोजपुरी कलाकारों का मानना है कि गोरखपुर से सांसद और भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अभिनेता रवि किशन की सफलता भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है. रवि किशन ने भोजपुरी फिल्मों से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और बाद में बॉलीवुड व राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई. उनकी सफलता से गोरखपुर के युवा कलाकारों को विश्वास मिलता है कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर बड़े मंच तक पहुंचा जा सकता है. गोरखपुर बन रहा भोजपुरी का हब सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव ने भी भोजपुरी संगीत को नई उड़ान दी है. अब स्थानीय कलाकार अपने गानों को सीधे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लॉन्च कर रहे हैं, जिससे उन्हें व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है. गोरखपुर अब केवल भोजपुरी संस्कृति का केंद्र ही नहीं, बल्कि भोजपुरी संगीत और मनोरंजन उद्योग के उभरते हब के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है. यदि इसी तरह स्थानीय प्रतिभाओं को मंच और संसाधन मिलते रहे, तो आने वाले समय में गोरखपुर भोजपुरी इंडस्ट्री के प्रमुख प्रोडक्शन सेंटर के रूप में स्थापित हो सकता है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Gorakhpur,Uttar Pradesh Source link

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झुमरी तिलैया का केसरिया कलाकंद, अमित शाह और राजनाथ सिंह चख चुके...

होमफोटोलाइफ़फूड झुमरी तिलैया का केसरिया कलाकंद, अमित शाह और राजनाथ सिंह चख चुके हैं स्वाद Last Updated:June 26, 2026, 17:05 IST Jhumri Tilaiya Kesariya Kalakand: झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया की पहचान अब सिर्फ अभ्रक नगरी के रूप में नहीं रहेगी. यहां की करीब 71 वर्ष पुरानी प्रसिद्ध केसरिया कलाकंद मिठाई को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिल गया है. इसके साथ ही यह झारखंड का पहला खाद्य उत्पाद बन गया है, जिसे यह प्रतिष्ठित पहचान हासिल हुई है. जीआई टैग मिलने से स्थानीय मिठाई कारोबारियों और लोगों में खुशी का माहौल है. उन्हें उम्मीद है कि इससे केसरिया कलाकंद की पहचान और मांग देश ही नहीं, विदेशों में भी बढ़ेगी. देश के विभाजन के बाद पाकिस्तान से झुमरी तिलैया आकर बसे भाटिया परिवार ने वर्ष 1955 में झंडा चौक के पास भाटिया मिष्ठान नाम से दुकान शुरू की थी. इसी दुकान में पहली बार कलाकंद तैयार किया गया. अपने अलग स्वाद और मुलायम दानेदार बनावट के कारण यह मिठाई जल्द ही लोगों की पसंद बन गई और धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता पूरे क्षेत्र में फैल गई. आनंद विहार के संचालक संजीव खेतान उर्फ लड्डू खेतान बताते हैं कि वर्ष 1965 में आदर्श जलपान की स्थापना के बाद यहां के कलाकंद को नई पहचान मिली. बाद में इस प्रतिष्ठान का नाम बदलकर आनंद विहार कर दिया गया. उस समय आदर्श जलपान और छाबड़ा स्वीट्स के कलाकंद की काफी मांग रहती थी. इसके बाद कन्हैया मिष्ठान सहित कई अन्य दुकानों ने भी इस परंपरा को आगे बढ़ाया. कोडरमा का प्रसिद्ध कलाकंद स्थानीय दूध से तैयार किया जाता है. सबसे पहले दूध को तेज आंच पर लंबे समय तक उबालकर गाढ़ा किया जाता है. इसके बाद विनेगर मिले पानी का हल्का छिड़काव कर उसे दानेदार बनाया जाता है. तैयार मिश्रण को ट्रे में फैलाकर ठंडा किया जाता है और फिर उसके ऊपर केसर तथा ड्राई फ्रूट्स से सजावट की जाती है. शुरुआत में यहां केवल सफेद कलाकंद बनाया जाता था, लेकिन समय के साथ केसरिया कलाकंद ने लोगों के बीच विशेष पहचान बना ली. Add News18 as Preferred Source on Google संजीव खेतान के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी कोडरमा के केसरिया कलाकंद का स्वाद चख चुके हैं और इसकी सराहना कर चुके हैं. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के पारिवारिक आयोजनों में भी यह मिठाई भेजी जाती रही है. वहीं, तेजस्वी यादव की शादी में आनंद विहार से 300 किलो केसरिया कलाकंद विशेष ऑर्डर पर भेजा गया था. उन्होंने बताया कि अमेरिका, थाईलैंड और ब्रिटेन सहित कई देशों तक इस मिठाई की सप्लाई की जा चुकी है. पहले इसे मिट्टी के बर्तनों में भेजा जाता था, बाद में कार्टन पैकिंग शुरू हुई और अब प्लास्टिक कंटेनरों में सुरक्षित तरीके से भेजा जाता है. सामान्य तापमान में यह मिठाई लगभग 72 घंटे तक ताजा बनी रहती है. संजीव खेतान ने बताया कि कोडरमा के पूर्व उप विकास आयुक्त और बाद में उपायुक्त रहे आईएएस ऋतुराज के प्रयासों से केसरिया कलाकंद को जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया सफल हो सकी. वर्तमान में इसकी कीमत लगभग 480 रुपये प्रति किलो है. उन्होंने यह भी बताया कि अपने कारीगरों के माध्यम से दिल्ली में भी इस कलाकंद को तैयार करने की कोशिश की गई. लेकिन कोडरमा जैसा दानेदार और मलाईदार स्वाद नहीं मिल सका. इसके पीछे यहां के पानी की विशेष गुणवत्ता को एक प्रमुख कारण माना जाता है. अब जीआई टैग मिलने के बाद कोडरमा के केसरिया कलाकंद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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कोडरमा के बलिमहरी में कथित धर्म परिवर्तन का मामला:प्रार्थना सभा की सूचना...

कोडरमा जिले के सतगावां थाना क्षेत्र के बलिमहरी गांव में कथित धर्म परिवर्तन को लेकर आयोजित एक प्रार्थना सभा पर शुक्रवार को पुलिस ने कार्रवाई की। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से आधा दर्जन से अधिक महिलाओं को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि गांव के एक परिवार के कई सदस्यों के धर्म परिवर्तन की चर्चा के बीच उनके घर में यह प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी। इसकी भनक लगते ही ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सतगावां अंचलाधिकारी केशव प्रसाद चौधरी और थाना प्रभारी बबलू सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। थाना प्रभारी बबलू सिंह ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। हिरासत में ली गई महिलाओं को थाना लाया गया है, जहां उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस प्रार्थना सभा के उद्देश्य और धर्म परिवर्तन के आरोपों की सच्चाई का पता लगाने का प्रयास कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। गौरतलब है कि पिछले दिनों थाना क्षेत्र के कोठियार, गांगडीह, गलवाती, बलिमहरी, सिहास सहित दर्जनों गांवों में प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप सामने आते रहे हैं। इस तरह के मामले सामने आने पर हिंदू धर्मावलंबियों ने गहन जांच और गरीब परिवारों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहनता से छानबीन कर रही है। Source link

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गोड्डा में पति ने की पत्नी की हत्या:घरेलू विवाद के बाद गला...

गोड्डा जिले के राजाभीठा थाना क्षेत्र के अमरपुर गांव में एक पति ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। यह घटना बीती रात हुई, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान होपनमय चौड़े 32 वर्ष के रूप में हुई है, जबकि आरोपी पति का नाम मनु हांसदा है। जानकारी के अनुसार, आरोपी मनु हांसदा नशे का आदी था और अक्सर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। बीती रात भी वह नशे की हालत में घर आया और पत्नी से झगड़ा करने लगा। इसी दौरान उसने धोती से अपनी पत्नी का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। झगड़े की आवाज सुनकर पड़ोसी घर के बाहर जमा हो गए। जब उन्होंने अंदर देखा तो पाया कि मनु हांसदा ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना राजाभीठा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही गोड्डा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आकाश भारद्वाज राजाभीठा थाना प्रभारी योगेश यादव अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और शव को कब्जे में लेकर थाने ले आई। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई धोती भी बरामद कर ली है। आरोपी मनु हांसदा को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। मृतका अपने पीछे 2 बच्चे को छोड़ गई है। पुलिस शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की तैयारी कर रही है। थाना प्रभारी योगेश यादव ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। आरोपी पति का कहना है कि उसने हत्या नहीं की, बल्कि पत्नी ने प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या की होगी। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। Source link

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