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झारखंड

बिना टिकट यात्री पर बढ़ेगा जुर्माना, 250 की जगह 500 रुपए लगेगा

रांची | रेलवे ने बिना टिकट या अनधिकृत यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ सख्ती बढ़ाते हुए जुर्माना राशि में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। यह नया नियम जल्द पूरे देश में लागू होगा। संशोधित प्रावधानों के तहत अब बिना वैध टिकट यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना 250 से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है। रेलवे सूत्रों ने बताया कि यह संशोधन रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 137 और 138 के तहत किया गया है। इसे जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत लागू किया जाएगा। रेलवे के अनुसार, बिना टिकट यात्रा करने, उचित पास के बिना सफर करने या निर्धारित दूरी से अधिक यात्रा करने पर अब कम से कम 500 रुपए का जुर्माना देना होगा। इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों में नियमों के पालन को बढ़ावा देना और बिना टिकट यात्रा की घटनाओं को कम करना है। हालांकि, रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अधिकतम दंड प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। Source link

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एयरपोर्ट पर युवती को देख थमीं आंखें, बातें सुन सबकी रुकी सांसें,...

होमताजा खबरदेश एयरपोर्ट: युवती को देख थमीं आंखें, बातें सुन रुकी सांसें, दिल्‍ली तक टेंशन Last Updated:June 20, 2026, 21:36 IST गुवहाटी एयरपोर्ट से पकड़ी गई एक युवती ने असम से लेकर दिल्‍ली तक हड़कंप मचा दिया है. बेंगलुरु जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंची युवती ने ऐसे खुलासे किए हैं, जिसने सेंट्रल सिक्‍योरिटी एजेंसीज की भी टेंशन बढ़ा दी है. इस युवती की निशानदेही पर अब तक 14 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है. क्‍या है पूरा मामला, जानने के लिए पढ़ें आगे… Airport News: यह बात असम के गुवहाटी एयरपोर्ट की है. गुवाहाटी से बेंगलुरु की फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पहुंची एक युवती को देख सुरक्षा एजेंसियों की आंखें थम गईं थी. उसके हावभाव, बातचीत के लहजे और हरकतों को देखने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को पूरा भरोसा हो चुका था कि कुछ ना कुछ गड़बड़ है. लिहाजा, जब इस युवती से मनोवैज्ञानिक तरीके से बातचीत शुरू की गई. बातचीत के दौरान, इस युवती ने जो बातें बताई, उसे सुनने के बाद सभी की सांसें कुछ पलों के लिए थम गईं थीं. आनन फानन मामले की जानकारी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ इंटेलिजेंस ब्‍यूरो और स्‍थानीय पुलिस से भी साझा की गई. इसके बाद, गुवहाटी में एक एक मेगाऑपरेशन की शुरूआत की गई. देखते ही देखते, इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. इस पूरे घटनाक्रम के बाद असम से लेकर दिल्‍ली तक सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मच गई है. दरअसल, पूरा मामला बांग्‍लादेश से भारत में घुसपैठ का है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खुलासे के आधार पर उन लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है, असम के अलग अलग इलाकों में छिपकर बैठे हुए हैं. कैसे पकड़ में आई आरोपी बांग्‍लादेशी महिला सनसनीखेज मामले की शुरुआत गुवाहाटी एयरपोर्ट से हुई, जहां एक युवती बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट पकड़ने आई थी. सुरक्षाकर्मियों को उसकी गतिविधियों पर शक हुआ. जब उसकी सघन तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के होश उड़ गए. महिला के पास से पश्चिम बंगाल के पते पर बना एक आधार कार्ड बरामद किया गया. पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि वह त्रिपुरा के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी. इसके बाद वह कई राज्यों की सीमाओं को चकमा देते हुए असम पहुंची थी. ‘सेफ हाउस’ से अरेस्‍ट हुए 14 बांग्‍लादेशी महिला से मिले इनपुट्स के आधार पर असम पुलिस ने बिना वक्त गंवाए गुवाहाटी के एक ठिकाने पर आधी रात को धावा बोल दिया. इस सीक्रेट ऑपरेशन में पुलिस ने एक ही जगह छिपे 14 अन्य बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में ले लिया गया. जांच में पता चला है कि ये सभी आरोपी बांग्लादेश के ‘खुलना’ जिले के रहने वाले हैं. फिलहाल इन सभी को रूपनगर स्थित पुलिस कैंप में रखकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है. गुवाहाटी बना घुसपैठियों का ‘लॉन्च पैड’ सुरक्षा एजेंसियों की प्रारंभिक जांच में एक बेहद डरावना पैटर्न सामने आया है. घुसपैठिए सबसे पहले पश्चिम बंगाल और मेघालय के दावकी सेक्टर से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करते हैं. सीमा पार करने के बाद वे सीधे गुवाहाटी पहुंचते हैं. गुवाहाटी को एक ‘लॉन्च पैड’ या ट्रांजिट पॉइंट की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, जहां ये लोग कुछ दिन ठहरते हैं, जाली भारतीय दस्तावेज तैयार करवाते हैं और फिर देश के अन्य महानगरों के लिए रवाना हो जाते हैं. देश के कई बड़े शहरों में फैल चुका है नेटवर्क अधिकारियों के मुताबिक, इस नेटवर्क की जड़ें असम, पश्चिम बंगाल, बेंगलुरु और मुंबई जैसे बड़े शहरों तक फैली हुई हैं. यहां से निकले कई घुसपैठिए पहले ही इन महानगरों में जाकर कंस्ट्रक्शन साइट्स, राजमिस्त्री, घरेलू कामकाज और दिहाड़ी मजदूरी के भेष में छिप चुके हैं. अब असम पुलिस की बॉर्डर विंग कानूनी प्रक्रिया के तहत इन सभी की पहचान सत्यापित करने और इन्हें वापस डिपोर्ट करने की कार्रवाई में जुट गई है. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Guwahati,Kamrup Metropolitan,Assam Source link

झारखंड

विधवा महिलाओं का परिवार बसाने में सरकार कर रही है मदद, पुनर्विवाह...

Last Updated:June 20, 2026, 21:36 IST इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी का झारखंड का मूल निवासी होना आवश्यक है. महिला विधवा हो तथा उसकी आयु विवाह योग्य होनी चाहिए. जहां पुनर्विवाह के बाद उसका पति केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम अथवा किसी सरकारी संस्था में स्थायी कर्मचारी नहीं होना चाहिए और न ही आयकरदाता होना चाहिए. ख़बरें फटाफट पलामू: इन दिनों शादी-विवाह का सीजन चल रहा है. चारों तरफ शहनाइयों की गूंज सुनाई दे रही है और नए जोड़े वैवाहिक जीवन की शुरुआत कर रहे हैं. इसी बीच झारखंड सरकार उन महिलाओं के जीवन में भी खुशियों का रंग भरने का प्रयास कर रही है, जिन्होंने किसी कारणवश अपने जीवनसाथी को खो दिया है. बता दें कि विधवा महिलाओं को सामाजिक सम्मान और नई जिंदगी की शुरुआत के लिए प्रोत्साहित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है. इस योजना के तहत पुनर्विवाह करने वाली महिलाओं को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है. कई बार सामाजिक दबाव और आर्थिक परेशानियों के कारण महिलाएं पुनर्विवाह का निर्णय नहीं ले पाती हैं. ऐसे में सरकार की यह पहल उन्हें नया जीवन शुरू करने का अवसर प्रदान कर रही है. योजना के तहत मिलने वाली राशि सीधे लाभुक के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे वे अपने नए जीवन को आर्थिक रूप से मजबूत आधार दे सकें. जिला समाज कल्याण पदाधिकारी पलामू नीता चौहान ने लोकल18 को बताया कि राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है. इस योजना के तहत पुनर्विवाह करने वाली विधवा महिला को विवाह के एक वर्ष के भीतर आवेदन करना होता है. यहां आवेदन स्वीकृत होने के बाद लाभुक को एकमुश्त 2 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है. उन्होंने बताया कि पलामू जिले को इस योजना के तहत पांच पुनर्विवाह का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसमें एक आवेदन पूर्ण हो चुका है. अन्य पात्र महिलाएं भी आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकती हैं. इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी का झारखंड का मूल निवासी होना आवश्यक है. महिला विधवा हो तथा उसकी आयु विवाह योग्य होनी चाहिए. जहां पुनर्विवाह के बाद उसका पति केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम अथवा किसी सरकारी संस्था में स्थायी कर्मचारी नहीं होना चाहिए और न ही आयकरदाता होना चाहिए. इसके लिए स्व-घोषणा पत्र भी जमा करना अनिवार्य है. आवेदन की प्रक्रिया नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, सीडीपीओ कार्यालय या जिला समाज कल्याण कार्यालय के माध्यम से पूरी की जा सकती है. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

झारखंड

मांडर में 115 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन का बिना रजिस्ट्री ही...

मांडर अंचल के राजस्वकर्मी ने रिटायरमेंट से महज चार माह पहले किया यह कारनामा रांची में जमीन घोटाला थम नहीं रहा है। जमीन के सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर और छेड़छाड़ कर सैकड़ों एकड़ सरकारी, आदिवासी जमीन की बंदरबांट की जा रही है। इसी बीच मांडर अंचल में नया घोटाला सामने आ गया है। मांडर अंचल के राजस्व कर्मचारी पुना उरांव ने रिटायरमेंट से महज 4 माह पहले गैर मजरुआ खाता की 14.34 एकड़ जमीन का बिना रजिस्ट्री के ही अवैध तरीके से म्यूटेशन कर दिया। यह वही जमीन है, जिसके घोटाले की जांच सीआईडी की एसआईटी कर रही है। इस खुलासे के बाद मांडर सीओ चंचला कुमारी ने मांडर थाने में पुना उरांव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रही है। रांची-लोहरदगा एनएच पर मांडर टोल प्लाजा के पास स्थित इस बेशकीमती जमीन का म्यूटेशन सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ करके की गई। राजस्व कर्मी ने पंजी टू में छेड़छाड़ करके मौजा हेसमी के खाता संख्या- 152, प्लॉट संख्या -1163 के रकबा 14.34 एकड़ जमीन नारायण मिस्त्री, पिता नंदलाल मिस्त्री के नाम से कर दिया। ऑफलाइन पंजी टू में छेड़छाड़ के साथ ऑनलाइन पंजी टू में भी छेड़छाड़ करके गैर मजरुआ जमीन को रैयती बना दिया गया। इसके लिए न तो सीआई और न सीओ से अनुमति ली गई। जिस जमीन का अवैध म्यूटेशन किया गया है उसका बाजार वैल्यू करीब 8 लाख रुपए प्रति डिसमिल है। ऐसे में 14.34 डिसमील जमीन की कीमत करीब 115 करोड़ रुपए आंकी गई है। एसआईटी को एक साल पहले भेजी रिपोर्ट में सब सही, 8 माह में हुआ खेल मांडर सीओ ने सीआईडी के डीएसपी तारामणि बाखला को 21 अगस्त 2025 को इस जमीन की जांच रिपोर्ट भेजी थी। इसमें कहा गया था कि मौजा हेसमी के खाता संख्या 152, प्लॉट संख्या 1163 गैर मजरुआ जमीन है। इस का किस्म परती कदीम दर्ज है। मूल पंजी -2 के अनुसार लुकस उरांव के नाम से जमाबंदी था, जिसे पेन से घेर कर राजेश जेराल्ड एक्का का नाम दर्ज किया गया है। इस जमीन पर राजेश की प|ी सरोज लकड़ा द्वारा कंटीले तार से घेराबंदी कराने का जिक्र है। लेकिन अब पंजी टू में नारायण मिस्त्री, बलदेव प्रसाद शर्मा, रामेश्वर राम दुबे के नाम से दर्ज है। इससे साफ है कि मात्र 8 माह के दौरान अवैध तरीके से जमाबंदी की गई है। डीसीएलआर को 4 साल पहले अवैध जमाबंदी रद्द करने का भेजा था पत्र मांडर के तत्कालीन सीओ ने 31 मार्च 2022 को पत्रांक 414 के द्वारा रांची के डीसीएलआर को एक पत्र लिखा था। इसके माध्यम से उक्त खाता-प्लॉट के रैयत जेराल्ड एक्का, पिता जेम्स एरिक एक्का के नाम से चल रही जमाबंदी को बिहार भूमि सुधार अधिनियम, 1950 की धारा 4 (एच) के तहत कार्रवाई के लिए भेजा गया था। कहा गया था कि इस एक्ट के तहत जमीन का फर्जी या दुर्भावनापूर्ण हस्तांतरण को रद्द किया जाता है। लेकिन, इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उक्त जमीन पर कंटीले तार से घेराबंदी भी हो गई। लेकिन अंचल के अधिकारी भी चुप्पी साधे रहे। राजस्व कर्मचारी ने किया इनकार, सीओ ने दर्ज कराई प्राथमिकी मांडर सीओ के पास जब उक्त जमीन के अवैध म्यूटेशन की शिकायत मिली तो उन्होंने राजस्व उप निरीक्षक से मौखिक पूछताछ की और लिखित स्पष्टीकरण मांगा। राजस्व उप निरीक्षक पुना उरांव ने अपने जवाब में कहा कि मूल पंजी में जमाबंदी दर्ज करने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। लेकिन, सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार 22 दिसंबर 2025 को राजस्व उप निरीक्षक सदानंद ने उक्त हलका का प्रभार पुना उरांव को सौंपा था। इससे साफ है कि पुन्न उरांव ने ही पंजी टू में छेड़छाड़ की है। इसके बाद सीओ ने मांडर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। Source link

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चतरा पुलिस ने मुठभेड़ के बाद 6 ग्रामीणों को छुड़ाया:MCC बनकर फिरौती...

चतरा के सिमरिया क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अपहरणकर्ताओं के चंगुल से 6 ग्रामीणों को सुरक्षित मुक्त करा लिया। घटना 18 जून की रात करीब 10:30 बजे की है, जब हथियारबंद अपराधियों ने तेलियाडीह और गोवदा गांव के 6 ग्रामीणों का अपहरण कर लिया था। अपराधी खुद को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन एमसीसी का सदस्य बताकर ग्रामीणों के परिजनों से 1 लाख रुपए की फिरौती मांग रहे थे। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। फायरिंग के बाद बदमाशों ने छोड़े बंधक गुप्त सूचना के आधार पर चतरा एसपी के निर्देश पर सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊसाहेब के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम में सिमरिया थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस टीम रात के अंधेरे में टूंटीलावा से हेसातु जाने वाले मार्ग के हड़गड़ी जंगल में पहुंची। यहां सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही पुलिस टीम अपहृतों के करीब पहुंची, अपराधियों ने खुद को घिरता देख फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। पुलिस के दबाव में अपराधी अपहृत ग्रामीणों को मौके पर छोड़कर भागने लगे। जिसके बाद सभी 6 ग्रामीणों को पुलिस ने बरामद किया। घेराबंदी कर 5 अपराधी गिरफ्तार अपहृतों को सुरक्षित करने के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर तेजी से कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल 6 में से 5 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में टंडवा निवासी रमेश कुमार गंझू और सतीश कुमार गंझू मुख्य रूप से शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से 3 देसी भराठी बंदूकें, एक पिस्टल जैसा दिखने वाला लाइटर, एक बड़ी गुप्ती (चाकू) और पीड़ितों से लूटे गए 3 ओप्पो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा भागने के दौरान छूटा एक रियलमी मोबाइल भी जब्त किया गया है। पुलिस ने सिमरिया थाना में मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है। फरार एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। Source link

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ट्रेनिंग से रणभूमि तक: 3650 अग्निवीर बने सेना की नई ताकत, नासिक...

Last Updated:June 20, 2026, 20:40 IST परेड ग्राउंड पर नए शामिल हुए जांबाज सैनिकों को राष्ट्र के प्रति उनके कर्तव्यों की शपथ दिलाई गई. उन्हें मुख्य रूप से संबोधित करते हुए कमांडेंट मेजर जनरल एनआर पांडे ने सभी अग्निवीरों को उनके दृढ़ संकल्प, गजब की सहनशक्ति और कठिन ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए बधाई दी. ख़बरें फटाफट नासिक आर्टिलरी सेंटर से 3,650 अग्निवीर पास हुए. मुंबई. महाराष्ट्र के नासिक के आर्टिलरी सेंटर से 3,650 अग्निवीर पास आउट हुए हैं. कड़ी मिलिट्री ट्रेनिंग के बाद ये सभी भारतीय सेना में शामिल होने को तैयार हैं. इसी को लेकर सेंटर ने 19 और 20 जून को अग्निवीर बैच 08/26 की अटेस्टेशन परेड (सत्यापन परेड) आयोजित की, जिसमें अग्निवीरों की ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी हुई. यह समारोह भारतीय सेना में उनकी औपचारिक एंट्री और देश की सेवा समर्पण, अनुशासन और सम्मान के साथ करने की उनकी तैयारी का प्रतीक था. परेड का निरीक्षण नासिक के आर्टिलरी सेंटर के कमांडेंट मेजर जनरल एनआर पांडे (सीएसएम) ने किया. इस कार्यक्रम में बेहतरीन ड्रिल मूवमेंट, मिलिट्री के तौर-तरीके और सटीकता दिखाई गई, जो भारतीय सेना के प्रमुख ट्रेनिंग सेंटरों में से एक में दी जाने वाली ट्रेनिंग के उच्च मानकों को दर्शाती है. यह शानदार प्रदर्शन अग्निवीरों और उनके इंस्ट्रक्टरों दोनों की प्रतिबद्धता, लगन और पेशेवर दक्षता का सबूत था. नए शामिल हुए सैनिकों को संबोधित करते हुए मेजर जनरल एनआर पांडे ने अग्निवीरों को उनके दृढ़ संकल्प, सहनशक्ति और ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के लिए बधाई दी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे भारतीय सेना की बेहतरीन परंपराओं और मूल्यों को बनाए रखते हुए देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. कमांडेंट ने युवा रिक्रूट्स को अनुशासित और युद्ध के लिए तैयार सैनिकों में बदलने के लिए इंस्ट्रक्टरों और ट्रेनिंग स्टाफ की भी तारीफ की. समारोह के दौरान चुने गए अग्निवीरों के माता-पिता को ‘गौरव पदक’ दिए गए, ताकि देश की सेवा के लिए अपने बेटों को समर्पित करने में उनके योगदान को सम्मान दिया जा सके. इस दौरान रिव्यूइंग ऑफिसर ने माता-पिता से बातचीत भी की और उनके सहयोग और त्याग के लिए उनकी सराहना की. अटेस्टेशन परेड अग्निवीरों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है और एक अत्यधिक प्रेरित, कुशल और अनुशासित सेना तैयार करने के भारतीय सेना के कमिटमेंट को फिर से पक्का करती है. जैसे ही ये युवा सैनिक अपने मिलिट्री करियर की शुरुआत करते हैं, वे नासिक के आर्टिलरी सेंटर में ट्रेनिंग के दौरान सिखाए गए साहस, वफादारी, निस्वार्थ सेवा और देश के प्रति अटूट कमिटमेंट के मूल्यों को आगे बढ़ाते हैं. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Nashik,Maharashtra Source link

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पलामू टाइगर रिजर्व में जंगली के साथ पालतू हाथियों की विरासत, पर्यटकों...

Last Updated:June 20, 2026, 19:49 IST बेतला में हाथी सफारी का भी लंबा इतिहास रहा है. एक समय सुबह और शाम चार-चार पर्यटकों को हाथी पर बैठाकर जंगल भ्रमण कराया जाता था. हाथी सफारी के माध्यम से पर्यटक जंगल और वन्यजीवों को करीब से देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त करते थे. इससे बेतला पर्यटन को भी नई पहचान मिली थी. ख़बरें फटाफट पलामू: झारखंड का पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) का इतिहास केवल बाघों और घने जंगलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां पालतू हाथियों की भी एक समृद्ध विरासत रही है. इनमें सबसे चर्चित नाम रजनी हथिनी का रहा है, जिसे आज भी पुराने वनकर्मी और स्थानीय लोग भावुक होकर याद करते हैं. जहां की वर्ष 1976-77 के आसपास गुमला क्षेत्र से एक हाथी के बच्चे को बचाकर बेतला लाया गया था. उसका नाम रजनी रखा गया. छोटी उम्र से ही रजनी सभी की चहेती बन गई थी. वनकर्मियों, महावतों और आसपास के बच्चों के साथ उसका विशेष लगाव था. फॉरेस्ट गार्ड राजेंद्र प्रसाद के पास तो वह दौड़ती हुई पहुंच जाती थी. रजनी की मासूमियत और मिलनसार स्वभाव ने उसे बेतला की पहचान बना दिया था. वर्ष 1980 के आसपास उसकी मृत्यु हो गई, लेकिन उसकी यादें आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं. जंगल प्रबंधन में हाथियों की रही अहम भूमिकावाइल्ड लाइफ के जानकर डॉ० डी एस श्रीवास्तव ने लोकल18 को बताया कि एक समय पलामू के जंगलों में लकड़ी, लाह और बीड़ी पत्ता जैसे वनोपज का बड़ा कारोबार होता था. छिपादोहर में रेल हेड, लकड़ी डिपो और प्रशिक्षण केंद्र संचालित होते थे. उस दौर में घने बांस के जंगल हाथियों का प्रमुख बसेरा हुआ करते थे. वन क्षेत्र में आवागमन और निगरानी के लिए हाथियों का उपयोग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता था. जहां वाहन नहीं पहुंच पाते थे, वहां वनकर्मी हाथियों के सहारे गश्ती अभियान चलाते थे. हाथियों की मदद से जंगल की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण का कार्य आसान हो जाता था. हाथी सफारी रही पर्यटकों की पहली पसंदबेतला में हाथी सफारी का भी लंबा इतिहास रहा है. एक समय सुबह और शाम चार-चार पर्यटकों को हाथी पर बैठाकर जंगल भ्रमण कराया जाता था. हाथी सफारी के माध्यम से पर्यटक जंगल और वन्यजीवों को करीब से देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त करते थे. इससे बेतला पर्यटन को भी नई पहचान मिली थी. वर्तमान में चार पालतू हाथियों की देखभालउन्होंने बताया कि वर्तमान में पलामू टाइगर रिजर्व में जूही, राखी, सीता और मुर्गेश नामक चार पालतू हाथी हैं. इनमें मुर्गेश नर हाथी है, जिसे कर्नाटक के बंडीपुर टाइगर रिजर्व से बेतला को उपहार स्वरूप दिया गया था. राखी को बचाव अभियान के दौरान लाया गया था. उसकी मां की मौत आकाशीय बिजली गिरने से हो गई थी. वहीं सीता भी उपहार स्वरूप मिली हथिनी है. इन हाथियों की देखभाल के लिए विशेष शेड बनाए गए हैं. साथ ही वन्यजीवों और हाथियों के उपचार के लिए कराल और अन्य सुविधाओं का विकास किया जा रहा है. पर्यटकों की रुचि को देखते हुए हाथियों के बारे में जानकारी देने के लिए सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं. वन विभाग का प्रयास है कि भविष्य में इन सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाए, ताकि पर्यटक पलामू टाइगर रिजर्व की इस अनूठी विरासत को करीब से देख और समझ सकें. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

झारखंड

लोहरदगा में सड़क हादसे में भाई-बहनों की मौत:ट्रक ने स्कूटी सवार तीनों...

लोहरदगा में शुक्रवार देर रात हुए एक सड़क हादसे में स्कूटी सवार भाई और दो बहनों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान लोहरदगा शहरी क्षेत्र के बरवाटोली निवासी मुकेश साहू के पुत्र रोहित कुमार साहू (28) तथा बेटियों सपना कुमारी (24) और सृष्टि कुमारी (14) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रोहित, सपना और सृष्टि एक ही स्कूटी से लोहरदगा-सेन्हा रोड स्थित कृषि मार्केट के पास तेली धर्मशाला में आयोजित एक विवाह समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान सेन्हा की ओर से लोहरदगा आ रहे एक बॉक्साइट ट्रक ने मिशन चौक के पास उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक स्कूटी को कुछ दूर तक घसीटता ले गया, जिससे स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल तीनों को ट्रक के नीचे से निकालकर इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। हादसा लोहरदगा-गुमला मुख्य मार्ग पर मिशन चौक के पास हुआ है। दोनों बहनों ने घटनास्थल पर ही तोड़ दिया दम हालांकि हादसे के बाद ही सपना और सृष्टि की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल रोहित कुमार साहू को इलाज के लिए लोहरदगा सदर अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक रत्नेश मोहन ठाकुर ने बताया कि दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शवों को कब्जे में लेकर शनिवार को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। Source link

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देवघर में किराए के मकान से महिला का शव बरामद:पति पर हत्या...

देवघर के नगर थाना क्षेत्र के बरमसिया गांधी नगर में एक किराए के मकान से रितिका रानी देवी नामक महिला का शव बरामद हुआ है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला की हत्या की आशंका जताई जा रही है और उसका पति अजय कुमार घटना के बाद से फरार है। मृतका की मां मंजू देवी ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मृतिका की मां को पुलिस ने दी सूचना मंजू देवी ने बताया कि रितिका की यह दूसरी शादी थी और उसकी एक छोटी बच्ची भी है। उन्हें शुक्रवार को पुलिस से बेटी की मौत की सूचना मिली थी, जिसके बाद वह तत्काल सदर अस्पताल पहुंचीं। मकान मालिक सोनू कुमार ने बताया कि सुबह उन्होंने कमरे की लाइट जलती देखी। जब मृतका की मां वहां पहुंचीं, तो बच्ची रो रही थी। बच्ची ने बताया कि उसके पिता रात में घर आए थे और मां के साथ झगड़ा व मारपीट करने के बाद वहां से चले गए। नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और फरार पति की तलाश में जुट गई है। हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Source link

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Ajit Doval BRICS meeting Delhi। BRICS NSA meeting India 2026। NSA अजीत...

होमताजा खबरदेश चीन, रूस, ईरान… दिल्ली में जमा हो रहे सारे धुरंधर, क्या है अजीत डोभाल का प्लान Last Updated:June 20, 2026, 19:49 IST Ajit Doval BRICS meeting Delhi: दिल्ली में 22-23 जून को होने वाली ब्रिक्स NSA बैठक में ‘सुपर कॉप’ अजीत डोभाल अपनी रणनीतिक बिसात बिछाएंगे. डोभाल की अध्यक्षता में चीन के वांग यी और रूस के सर्गेई शोइगु जैसे दिग्गज कूटनीतिज्ञ साइबर हमलों और आतंकवाद जैसे अदृश्य वैश्विक खतरों पर महामंथन करेंगे. इस बैठक के जरिए भारत पश्चिमी और विरोधी देशों के बीच संतुलन बनाकर दुनिया में अपना कूटनीतिक दबदबा साबित करेगा. अजीत डोभाल के नेतृत्‍व में यह बैठक होने जा रही है. (File Photo) भारत के सबसे अचूक रणनीतिकार और ‘सुपर कॉप’ NSA अजीत डोभाल ने दिल्ली की सरजमीं पर एक ऐसा कूटनीतिक जाल बुना है जिसकी गूंज दुनिया भर में है. डोभाल ने ब्रिक्स देशों के उन धुरंधरों को दिल्ली बुलाया है जिनके एक इशारे पर दुनिया की सेनाएं हिल जाती हैं. चीन के वांग यी और रूस के सर्गेई शोइगु जैसे महाशक्तियों के सिपहसालार डोभाल की बिछाई बिसात पर बैठने आ रहे हैं. इस बार एजेंडा का एजेंडा भी तगड़ा है. बंद कमरों में पारंपरिक मिसाइलों की नहीं बल्कि एआई (AI), साइबर वॉरफेयर और डीपफेक जैसे अदृश्य वैश्विक खतरों को कुचलने का महा-प्लान तैयार हो रहा है. आगामी 22 और 23 जून को भारत की सरजमीं पर ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की महाबैठक होने जा रही है. विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा शनिवार को की गई इस आधिकारिक घोषणा के बाद वैश्विक कूटनीति के गलियारों में हलचल मच गई है. अजीत डोभाल की टेबल पर इस बार दुनिया के वो सबसे खतरनाक और अदृश्य खतरे होंगे जो बिना किसी पारंपरिक युद्ध के भी पूरी मानवता को घुटनों पर ला सकते हैं. इस महाबैठक का मुख्य फोकस ‘गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां’ रखा गया है. सितंबर में होने वाले मुख्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले अजीत डोभाल की यह बिसात पूरी दुनिया की राजनीति को हिलाने का दम रखती है. ब्रिक्स NSA बैठक की 5 मुख्य बातें • अजीत डोभाल करेंगे अध्यक्षता: दिल्ली में 22 और 23 जून को आयोजित होने वाली 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक की कमान भारतीय NSA अजीत डोभाल संभालेंगे. • दुनिया के दिग्गज रणनीतिकारों का जमावड़ा: इस बैठक में शामिल होने के लिए चीनी विदेश मंत्री वांग यी, रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु और ईरानी सुरक्षा उप-प्रमुख नेज़ामीपोर जैसे वैश्विक सूरमा दिल्ली आ रहे हैं. • अदृश्य खतरों पर होगा महामंथन: बैठक का मुख्य एजेंडा दुनिया के सामने खड़े ‘गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरे’ हैं, जिसमें नई टेक्नोलॉजी के गलत इस्तेमाल और उभरते सुरक्षा जोखिमों पर गहन चर्चा होगी. • आतंकवाद के खिलाफ नया चक्रव्यूह: भारतीय NSA अजीत डोभाल की अगुवाई में ब्रिक्स के काउंटर-टेररिज्म वर्किंग ग्रुप और सूचना-संचार तकनीकों (ICT) के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर तैयार की गई रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी. • सितंबर समिट का राजनीतिक ब्लूप्रिंट: भारत इस साल 11 सदस्यीय ब्रिक्स ब्लॉक की अध्यक्षता कर रहा है. यह बैठक सितंबर में भारत में ही होने वाले मुख्य ब्रिक्स राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन का राजनीतिक आधार तैयार करेगी. डोभाल की बिसात और बदलते ब्रिक्स के मायनेइस बैठक के जरिए भारत और विशेष रूप से NSA अजीत डोभाल दुनिया को एक मजबूत संदेश देने जा रहे हैं. भारत इस समय 11 देशों वाले विस्तारित ब्रिक्स का नेतृत्व कर रहा है, जिसमें जिसमें अब मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई नए मेंबर के तौर पर शामिल हैं. अजीत डोभाल द्वारा इस बैठक को चेयर करना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत एक तरफ पश्चिमी देशों के साथ मजबूत रणनीतिक साझेदारी (जैसे क्वाड) में है तो दूसरी तरफ रूस, चीन और ईरान जैसे अमेरिका-विरोधी धुरियों को भी एक मेज पर लाकर लीड कर रहा है. चीनी राजदूत शू फेईहोंग का यह कहना कि चीन राजनीतिक तैयारी के लिए भारत के साथ समन्वय चाहता है, यह दिखाता है कि एलएसी (LAC) विवाद के बावजूद चीन भारत के कूटनीतिक दबदबे को नजरअंदाज नहीं कर सकता. डोभाल का पूरा फोकस इस बात पर रहेगा कि कैसे आतंकवाद और साइबर थ्रेट्स के मुद्दे पर चीन और रूस को भारत के हितों के अनुकूल मोड़ा जाए. सवाल-जवाबदिल्ली में होने जा रही ब्रिक्स सुरक्षा प्रमुखों की बैठक की अध्यक्षता कौन करेगा और इसका मुख्य विषय क्या है?इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल करेंगे. इस बैठक का मुख्य विषय ‘दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां’ (Non-traditional security challenges) रखा गया है.इस बैठक में कौन-कौन से देशों के प्रमुख रणनीतिकार और सुरक्षा अधिकारी शामिल हो रहे हैं?इस बैठक में भारत के आमंत्रण पर चीनी विदेश मंत्री वांग यी, रूस के NSA सर्गेई शोइगु और ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी नेज़ामीपोर सहित ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं.बैठक के एजेंडे में सुरक्षा के लिहाज से किन विशेष बिंदुओं को शामिल किया गया है?बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के तेजी से बदलते स्वरूप और उभरते सुरक्षा खतरों में नई तकनीकों (जैसे साइबर अटैक, एआई आदि) की भूमिका पर चर्चा होगी. साथ ही काउंटर-टेररिज्म और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सुरक्षात्मक इस्तेमाल से जुड़े जॉइंट वर्किंग ग्रुप के नतीजों की समीक्षा की जाएगी.इस बैठक का सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से क्या संबंध है?भारत के पास इस साल ब्रिक्स की रोटेटिंग प्रेसीडेंसी है. अजीत डोभाल की अध्यक्षता में हो रही यह एनएसए बैठक असल में सितंबर में भारत में ही आयोजित होने वाले मुख्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) के लिए राजनीतिक और सुरक्षात्मक जमीन तैयार करेगी. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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