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महिलाओं ने तैयार किया पशुओं का खास तेल, एक चम्मच पिला दें,...

होमताजा खबरकृषि महिलाओं ने तैयार किया पशुओं का खास तेल, एक चम्मच पिला दें, बीमारी रहेंगी दूर Last Updated:June 20, 2026, 12:53 IST Ranchi Women Makes Desi Oil Mix For Animal Health: रांची के अंगढा गांव की महिलाएं एक खास देसी मिक्स ऑयल बनाती हैं. इसे पशुओं को दिया जाता है और उन्हें बहुत फायदा मिलता है. यह ऑयल सरकार से अप्रूव है और खास विधि से तैयार किया जाता है. इसके सेवन से पशुओं को कई बीमारियों में मदद मिलती है. ख़बरें फटाफट रांची. झारखंड की राजधानी रांची के अंगढा गांव की महिलाओं ने खासतौर पर एक तेल बनाया है. इसका नाम है मिक्स ऑयल. इसमें अजवाइन, मंगरेला, लहसुन, सरसों का तेल व कई सारी चीजें होती हैं. इसे आप अपने पशु को एक चम्मच पिला सकते हैं. चाहे गाय, बकरी, भैंस, कोई भी पशु आप घर पर पालते हैं, आप उसको पिला सकते हैं. इससे बुखार, चेचक, शरीर में जो समस्या होती है, उसमें फायदा मिलता है. गांव वालों का कहना है कि यह शरीर के लिए रामबाण है. सरकार ने भी इस तेल को अप्रूव किया है. अलबेला एक्का बताती हैं, हम महिलाएं मिलकर इसे बनाते हैं और यह एंटीबैक्टीरियल और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण से भरपूर है. खास बात यह है कि इसमें किसी तरह का कोई केमिकल मिला नहीं होता है, यह एकदम देसी है. ऐसे बनाकर करते हैं तैयारअलबेला बताती हैं, सबसे पहले हम लोग सरसों का तेल लेते हैं. सरसों के तेल में विटामिन ए, बी, सी, फोलिक एसिड और कई सारे जरूरी मिनरल्स होते हैं. इसमें हम लोग अजवाइन, मंगरेला, लहसुन, तुलसी का पत्ता, यह सारी चीजें डालकर अच्छे से मिलाते हैं. मतलब मान लीजिए, अगर 1 लीटर सरसों का तेल है तो हम लोग आग में तब तक पकाते हैं, जब तक यह आधा लीटर में तब्दील न हो जाए. उसके बाद इसको हम लोग पैकेजिंग भी करते हैं. इसके पैकेजिंग के लिए हमें पशुपालन विभाग की तरफ से ट्रेनिंग मिलती है और फिर इंडियामार्ट और पलाश स्मार्ट के जरिए इसकी बिक्री होती है. यह आपको सिर्फ हमारे पास ही मिलेगा. इसे एकदम शुद्ध तरीके से घर में तैयार किया जाता है. आपके घर में कोई भी पशु हो, चाहे गाय, भैंस, बकरी, मुर्गी, कोई भी, उसको खाने में यह एक चम्मच मिलाकर दे देना है. शरीर में सूजन से लेकर कई बीमारियों से निजात दिलाता हैदरअसल, ये एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल के तौर पर काम करता है. इसीलिए पशु के शरीर में अगर कहीं पर सूजन है, कहीं खुजली, चेचक, बुखार व जितनी भी चमड़े वाली बीमारियां होती हैं, उन सभी चीजों में इसका बस एक चम्मच रामबाण माना जाता है. हमारे पास से हर दिन बल्क में इसके ऑर्डर आते हैं. आप चाहें तो इसे घर पर भी बना सकते हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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JPSC released APP PT result, 2515 candidates were successful.

रांची20 घंटे पहले कॉपी लिंक झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने शुक्रवार को सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) के 134 पदों के लिए आयोजित प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा (पीटी) का परिणाम जारी कर दिया। आयोग की ओर से घोषित परिणाम में 2515 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। अब ये अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे। एपीपी की प्रारंभिक परीक्षा पिछले वर्ष 20 दिसंबर को दो पालियों में आयोजित की गई थी। 134 पदों के लिए 2515 अभ्यर्थियों के सफल होने से मुख्य परीक्षा में प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी हो गई है। औसतन एक पद के लिए करीब 19 अभ्यर्थी दावेदार हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम झारखंड हाईकोर्ट में लंबित विभिन्न याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। साथ ही, यदि परिणाम में किसी प्रकार की तकनीकी या टंकण संबंधी त्रुटि पाई जाती है, तो उसे सुधारने का अधिकार आयोग के पास सुरक्षित रहेगा। एपीपी पद के लिए अभ्यर्थियों के पास झारखंड से मान्यता प्राप्त कंप्यूटर साइंस का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

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सुबह-सुबह बरसे मेघ, आज से 5 दिन बारिश के आसार

राजधानी रांची समेत झारखंड के कई हिस्सों में शुक्रवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। सुबह 7 बजे बादल इतने घने थे कि अंधेरा छा गया। लाइटें फिर से जल उठीं। हालांकि घने बादलों और तेज वर्षा से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं और अगले 5 दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के रांची केंद्र ने राज्य के पूर्वी एवं निकटवर्ती मध्य भागों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा, देवघर, दुमका, सरायकेला-खरसावां तथा पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में कहीं-कहीं मेघ गर्जन, वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। बारिश के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में राज्य में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 55 मिमी बारिश नामकुम में दर्ज की गई। Source link

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Aaj ka Dhanu Rashifal: पैसों के मामले में बरतें सावधानी, परिवार में...

Last Updated:June 21, 2026, 00:04 IST Aaj ka Dhanu Rashifal 21 june 2026: धनु राशि के जातकों को आज यानी 21 जून 2026 को कैसा रहेगा? ज्योतिशाचार्य के अनुसार आज आर्थिक निवेश से बचना चाहिए. पैसा फंस सकता है. रिश्तों में तनाव दूर होगा, परिवार में खुशियां आएंगी. सूर्य की आराधना करें, तांबे के लोटे में जल अर्पित करना शुभ रहेगा. शुभ अंक 6 है. जानें राशिफल जमुई: आज 21 जून 2026 के दिन कई बड़े ज्योतिषीय बदलाव देखने को मिलेंगे. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज मंगल देव वृषभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं. साथ ही आज चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करेंगे. इस कारण आज के दिन इन ज्योतिषीय घटनाओं का असर विभिन्न राशि के जातकों पर पड़ेगा. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज के दिन धनु राशि के जातकों को काफी सावधानीपूर्वक अपना दिन व्यतीत करना चाहिए. खासकर अगर आप किसी तरह की योजना बना रहे हैं, कोई आर्थिक निवेश करने वाले हैं, या कहीं पैसा लगाने वाले हैं तो आज काफी धैर्य और काफी समझदारी से आपको अपना पैसा लगाना चाहिए, नहीं तो उसके फंसने की संभावना बढ़ जाएगी. हालांकि आज के दिन सूर्य देव और बुध मिथुन राशि में रहेंगे जिसका असर आपके व्यक्तित्व पर पड़ेगा. आज आपके व्यक्तित्व से प्रभावित होंगे लोग ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातकों को आज सूर्य और बुध के कारण आपको अपने व्यक्तित्व को निखारने का मौका मिलेगा. उन्होंने बताया कि आज इन दोनों ग्रहों के कारण आपके व्यक्तित्व से लोग प्रभावित होंगे. आज मंगल आपकी राशि से छठे भाव में गोचर करेंगे जो रोग शत्रु और अरुण का क्षेत्र माना जाता है. ऐसे में आज आपको कुछ चीजों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. हालांकि आज अगर आप थोड़ी समझदारी से काम लें और आर्थिक योजनाएं बना लें, तो इससे आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आ सकता है. अगर आप काम करते हैं तो वहां आज आपकी मेहनत रंग लाएगी. आपके कार्यों से आपके वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित हो सकते हैं, जिसका फायदा आपको अपने करियर में देखने को मिल सकता है. प्यार में आज मिटने वाली है दूरियां ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातक अगर किसी के साथ रिलेशनशिप में हैं और आपके रिलेशनशिप में किसी बात को लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा है, तो आज वह दूर होने वाला है. आज आप अपने पार्टनर से अपने मन की बात कह सकते हैं. आप दोनों के बीच चली आ रही सभी तरह की खींचतान आज समाप्त हो जाएगी. परिवार में भी आज खुशियों से भरा हुआ माहौल रहेगा. आज आपकी मुलाकात लंबे समय के बाद किसी ऐसे शख्स से हो सकती है जिसके कारण आपके परिवार में खुशियों का आगमन हो सकता है. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातकों को आज के दिन भगवान सूर्य की आराधना करनी चाहिए तथा उन्हें तांबे के लोटे में जल अर्पित करना चाहिए. ऐसा करना आपके लिए शुभ रहेगा. आज के दिन के लिए आपका शुभ अंक 6 रहने वाला है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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मचान विधि से उगाई बरबटी, बोकारो के भरत महतो ने 50 डिसमिल...

होमफोटोकृषि मचान विधि से उगाई बरबटी, बोकारो के भरत महतो ने 50 डिसमिल में कमाए 1.22 लाख Last Updated:June 20, 2026, 13:08 IST Yardlong bean cultivation in Bokaro: कम जमीन और सीमित संसाधनों के बावजूद आज के किसान आधुनिक और स्मार्ट खेती के जरिए बेहतर कमाई कर रहे हैं. इसका बेहतरीन उदाहरण हैं बोकारो जिले के कसमार प्रखंड के पुरनी बगयारी गांव के भरत महतो. जिन्होंने मात्र 50 डिसमिल कि जमीन में मचान विधि से बरबटी की खेती कर तीन गुना अधिक आमदनी हासिल की है. खास बातचीत में किसान भरत महतो ने बताया कि ‌वह‌ इससे पहले मुख्य रूप से धान की खेती किया करते थे, लेकिन धान की खेती में सीमित मुनाफा होने के कारण उन्होंने सब्जियों की आधुनिक खेती करने का फैसला लिया और गांव के अन्य प्रगतिशील किसानों और यूट्यूब पर उपलब्ध आधुनिक खेती के वीडियो से प्रेरणा लेकर सब्जी की खेती शुरू की, जिससे उन्हें आज बेहतर आर्थिक लाभ मिल रहा है. आगे उन्होंने बताया कि मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में बरबटी की बुवाई की गई थी. यह फसल लगभग 50 से 60 दिनों के भीतर तैयार हो जाती है और बरबटी की खासियत यह है कि एक बार फसल तैयार होने के बाद कई महीनों तक लगातार तुड़ाई कर बाजार में बिक्री की जा सकती है, जिससे किसानों को नियमित आमदनी मिलता है. वहीं, 50 डिसमिल क्षेत्र में बरबटी की खेती करने में करीब 30 हजार रुपये की लागत आती है. उचित देखभाल और प्रबंधन के जरिए इससे आराम से 30 से 35 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google वर्तमान में कसमार बाजार में बरबटी की औसत कीमत लगभग 35‌ से 40 रुपये प्रति किलोग्राम है. इस हिसाब से 35 क्विंटल उत्पादन होने पर लगभग 1 लाख 22 हजार 500 रुपये तक की आमदनी कमा सकते हैं जो लागत का तीन गुना है. हालांकि बरबटी की खेती में कुछ चुनौतियां भी हैं. किसान भरत बताते हैं कि फसल में पत्तों पर कीट लगने की समस्या आमतौर पर देखने को मिलती है. ऐसे में समय पर कीटनाशकों और जैविक घोल का उपयोग कर फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है. Source link

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त्रिस्तरीय कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर 2 बजे से परीक्षा:रांची में रविवार...

रांची: राजधानी रांची में नीट-यूजी (NEET-UG) पुनर्परीक्षा रविवार को शहर के 21 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। परीक्षा को लेकर सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था की गई है। पिछले वर्षों में पेपर लीक जैसे विवादों के बाद, इस बार प्रश्नपत्र की सुरक्षा, परीक्षा प्रक्रिया, केंद्रों की निगरानी और अभ्यर्थियों की जांच को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। यह परीक्षा एक पाली में दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। परीक्षा के लिए वायुसेना के विमान से प्रश्नपत्र रांची पहुंच चुका है, जिसे डाकघर के सुपुर्द कर दिया गया है। परीक्षा के दिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रश्नपत्रों को सभी केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा लागू परीक्षा के कदाचार मुक्त संचालन के लिए सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू रहेगी। यह आदेश रविवार को दोपहर 12:00 बजे से रात 8:00 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने, ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के उपयोग, और अस्त्र-शस्त्र या अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा में इस बार कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं: अतिरिक्त समय: परीक्षा कुल 195 मिनट की होगी, जो पहले से 15 मिनट अधिक है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के अनुसार, यह अतिरिक्त समय हस्ताक्षर और निगरानी संबंधी औपचारिकताओं में लगने वाले समय की भरपाई के लिए दिया गया है। रफ वर्क के लिए जगह: प्रश्न पुस्तिका (क्वेश्चन बुकलेट) में रफ वर्क के लिए पन्नों की संख्या 2 से बढ़ाकर 4 कर दी गई है। लेफ्ट हैंडेड (बाएं हाथ से लिखने वाले) अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो पन्ने प्रश्न पुस्तिका की शुरुआत में और दो अंत में दिए जाएंगे। ऐसे होगी कड़ी निगरानी: मुख्य गेट पर सघन जांच: सभी परीक्षार्थियों का प्रवेश से पहले बायोमैट्रिक सत्यापन और कड़ी शारीरिक जांच होगी। मोबाइल, स्मार्टवॉच या किसी भी अन्य संदिग्ध सामग्री के साथ केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिकाओं की त्रिस्तरीय सुरक्षा: प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं (ओएमआर शीट) को स्ट्रॉन्ग रूम तक ले जाने की पूरी प्रक्रिया पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे में संपन्न होगी। फ्लाइंग स्क्वॉड की गश्त: सभी केंद्रों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरों से लाइव निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही, विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड की टीमें परीक्षा के दौरान लगातार गश्त करेंगी। Source link

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Land rates in rural areas will increase by 10%, registration at the...

रांची18 घंटे पहले कॉपी लिंक रांची: रांची जिले के ग्रामीण क्षेत्र की जमीन एक अगस्त से महंगी हो जाएगी। जिले के 1300 से अधिक गांवों की जमीन की सरकारी कीमत (सर्किल रेट) बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार सरकारी कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि की जाएगी। जिन गांवों में सरकारी योजनाओं के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाना है या प्रस्तावित है, वहां की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी होगी। लेकिन जिन गांवों में अभी जमीन की कीमत अधिक है, वहां की दरें 10 प्रतिशत तक बढ़ेंगी। नई दरें एक अगस्त 2026 से लागू होंगी। राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश के बाद रांची में जमीन का नया वैल्यूएशन निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नई दरें लागू होने के बाद गांवों में जमीन या घर की रजिस्ट्री कराने के लिए खरीदारों को अधिक स्टांप शुल्क और कोर्ट फीस देनी होगी। जमीन की सरकारी कीमत बढ़ने से जहां एक ओर सरकार का राजस्व बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर खरीदारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। नया वैल्यूएशन लागू होने के बाद रिंग रोड के दोनों तरफ और राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) के आस-पास की जमीनों की कीमतें सबसे अधिक बढ़ेंगी। इसमें नगड़ी, खिजरी, सिमलिया, झिरी, मेसरा, पिर्रा, नामकुम और अनगड़ा के दर्जनों गांव शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आवासीय जमीन के मुकाबले व्यावसायिक जमीन की कीमत दोगुनी होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में मौजावार प्रस्तावित दरें (रुपये प्रति डिसमिल में) मौजा आवासीय (वर्तमान रेट) आवासीय (प्रस्तावित रेट) व्यावसायिक (वर्तमान रेट) व्यावसायिक (प्रस्तावित रेट) चतरा 1,26,308 1,38,939 2,27,238 2,49,962 नेवरी 1,24,574 1,37,031 2,24,116 2,46,528 दुबलिया 1,56,606 1,72,267 2,81,746 3,09,921 खटंगा 92,038 1,01,242 1,65,583 1,82,141 सहेदा 2,02,608 2,22,869 3,64,505 4,00,956 हरदाग 1,29,620 1,42,582 2,33,197 2,56,517 सिल्वे 1,22,594 1,34,853 1,63,458 1,79,804 चुटुपालू 14,742 16,216 22,113 24,324 करमा 1,76,144 1,93,758 3,16,966 34,8663 सिमलिया 4,02,348 4,42,583 7,23,845 7,96,230 झिरी 2,34,912 2,58,403 4,22,619 4,64,881 होटवासी 86,134 94,747 1,54,960 1,70,456 मखमंदरो 86,134 94,747 1,54,960 1,70,456 मेसरा 1,87,930 2,06,723 3,38,095 3,71,905 नगड़ी 2,78,030 3,05,833 5,00,191 5,50,210 जयपुर 1,51,832 1,67,015 2,73,189 3,00,508 सिदरौल 1,04,346 1,14,781 1,87,726 2,06,499 खिजरी 2,71,476 2,98,624 4,88,400 5,37,240 चंदवे, कांके 1,85,972 2,04,569 3,34,576 3,68,034 पिर्रा, रातू 5,08,952 5,59,847 9,15,675 10,07,243 जमीन की रजिस्ट्री के लिए चुकाने होंगे अधिक पैसे ग्रामीण क्षेत्र में जमीन खरीदने वालों को उसकी रजिस्ट्री कराने के लिए अधिक पैसे खर्च करने होंगे, क्योंकि रजिस्ट्री के लिए सरकारी वैल्यूएशन का 4 प्रतिशत स्टांप शुल्क और 3 प्रतिशत कोर्ट फीस देनी पड़ती है। उदाहरण के तौर पर:रातू के पिर्रा में अभी व्यावसायिक जमीन की सरकारी कीमत 9,15,675 रुपये प्रति डिसमिल है। इसमें 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने पर यह कीमत 10,07,243 रुपये प्रति डिसमिल हो जाएगी। वर्तमान में वहां 10 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री पर करीब 6.40 लाख रुपये स्टांप शुल्क और कोर्ट फीस लग रही है, लेकिन नई दर लागू होने के बाद इसी जमीन की रजिस्ट्री पर लगभग 7.05 लाख रुपये लगेंगे। यानी खरीदार को लगभग 65 हजार रुपये अधिक चुकाने होंगे। वर्ष 2024 में बढ़ाई गई थीं ग्रामीण क्षेत्र की जमीन की कीमतें जमीन और फ्लैट की सरकारी कीमत को बाजार मूल्य के बराबर रखने के लिए प्रत्येक दो वर्ष के अंतराल पर पुनर्मूल्यांकन का नियम है। इसके तहत एक साल ग्रामीण तो दूसरे साल शहरी क्षेत्र की जमीनों का मूल्यांकन किया जाता है। रांची में इससे पहले वर्ष 2024 में ग्रामीण क्षेत्र की जमीन की कीमतें बढ़ाई गई थीं, इसलिए इस बार नए सिरे से वैल्यूएशन तय किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में डीलक्स अपार्टमेंट, आरसीसी छत और एस्बेस्टस वाले घरों की सरकारी कीमतों में भी बढ़ोतरी होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

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ज़ॉम्बी सिटी से लेकर स्कैरी एस्केप तक, हैदराबाद में शुरू हुआ देश...

हैदराबाद में इन दिनों मैजिक डिस्ट्रिक्ट नाम का मनोरंजन केंद्र पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह खुद को भारत का पहला मल्टी-कॉन्सेप्ट एक्सपीरिएंशियल एंटरटेनमेंट ज़ोन बताता है। पारंपरिक पार्कों से अलग, यहाँ एक ही छत के नीचे हॉरर, सस्पेंस, पहेलियाँ, भ्रम और शानदार कहानियों का ऐसा अनोखा तालमेल तैयार किया गया है जो बच्चों से लेकर वयस्कों तक, हर उम्र के लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। Source link

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बारिश में भी नहीं घटेगा गाय-भैंस का दूध, बस अपना लें यह...

होमताजा खबरकृषि बारिश में भी नहीं घटेगा गाय-भैंस का दूध, बस अपना लें यह छोटा सा उपाय Last Updated:June 20, 2026, 13:12 IST मानसून में कीचड़ और गंदगी के कारण गाय-भैंसों में खुर सड़ने का संक्रमण तेजी से फैलता है. इससे पशु दर्द के कारण चारा कम खाते हैं और दूध उत्पादन घट जाता है. इससे बचने के लिए पशुशाला को सूखा रखें, नियमित चूने का छिड़काव करें और खुरों को साफ पानी से धोएं. यह आसान उपाय पशुओं को हमेशा तंदुरुस्त रखेगा. ख़बरें फटाफट देवघर: बरसात का मौसम शुरू होते ही किसानों की चिंता सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पशुओं की देखभाल भी बड़ी चुनौती बन जाती है. बारिश के दिनों में गांवों में जगह-जगह कीचड़, गंदगी और पानी जमा हो जाता है.ऐसे माहौल का सबसे ज्यादा असर गाय और भैंस के खुरों पर पड़ता है. पशु चिकित्सक के अनुसार मानसून में खुर सड़ने की बीमारी तेजी से फैलती है.गांव में कई किसान इसे सामान्य चोट या कांटा चुभने की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही बाद में बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है. इस बीमारी की वजह से पशु को चलने-फिरने में काफी तकलीफ होती है और दूध देने वाले पशुओं का दूध भी कम होने लगता है. क्या कहती हैं पशु चिकित्सक?देवघर कृषि विज्ञान केंद्र मे पदस्थापित पशु चिकित्सक डॉ. पूनम सोरेन ने लोकल 18 को बताया कि जब गाय या भैंस लगातार गीली और कीचड़ वाली जगह पर खड़ी रहती है तो खुरों के बीच की चमड़ी गलने लगती है.धीरे-धीरे वहां संक्रमण हो जाता है और खुर सड़ने की समस्या शुरू हो जाती है. शुरुआत में पशु हल्का लंगड़ाता है, लेकिन किसान अक्सर इस पर ध्यान नहीं देते. कुछ दिनों बाद पशु एक पैर को ऊपर उठाकर खड़ा रहने लगता है, चलने में दर्द महसूस करता है और बार-बार बैठने की कोशिश करता है.कई बार खुरों के बीच सूजन दिखाई देने लगती है और वहां से बदबू भी आने लगती है.यदि समय रहते इलाज नहीं कराया गया तो घाव गहरा हो सकता है और पशु पूरी तरह से लंगड़ा भी हो सकता है. दूध उत्पादन में आती है कमी उन्होंने बताया कि इस बीमारी का सीधा असर पशु की सेहत और दूध उत्पादन पर पड़ता है.जब पशु दर्द में रहता है तो वह ठीक से चारा नहीं खाता.चारा कम खाने से शरीर कमजोर होने लगता है और दूध की मात्रा भी घट जाती है.कई किसानों को लगता है कि बारिश में दूध अपने आप कम हो गया है, जबकि असली वजह खुरों में होने वाला संक्रमण भी हो सकता है. इसलिए मानसून में पशुओं के खुरों पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है. बीमारी से बचने के लिए अपनाये ये घरेलू उपाय घरेलू बचाव के बारे में डॉ. पूनम सोरेन कहती हैं कि सबसे पहले पशुशाला को साफ और सूखा रखना चाहिए. जहां पशु बांधे जाते हैं वहां पानी जमा नहीं होने देना चाहिए.यदि फर्श कच्चा है तो उस पर समय-समय पर सूखी मिट्टी या बालू डालनी चाहिए ताकि नमी कम रहे.पशुशाला और आसपास के इलाके में चूना छिड़कना भी फायदेमंद होता है. इससे गंदगी और संक्रमण फैलाने वाले जीवाणुओं की संख्या कम होती है.पशुओं के खुरों को सप्ताह में दो से तीन बार साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाना चाहिए.कई किसान खुरों की सफाई पर ध्यान नहीं देते, जबकि यही सबसे आसान और असरदार बचाव का तरीका है. पशुओ को देते रहे हरा चारा सोरेन बताती हैं कि बरसात के दिनों में पशुओं को बहुत ज्यादा कीचड़ वाले स्थानों पर चराने से बचना चाहिए.यदि चराने के बाद खुरों में मिट्टी या गोबर चिपक गया हो तो उसे तुरंत साफ कर देना चाहिए. साथ ही पशुओं को संतुलित आहार देना भी जरूरी है ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे. हरा चारा, सूखा चारा और खनिज मिश्रण सही मात्रा में देने से पशु कई बीमारियों से लड़ने में सक्षम रहता है. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

झारखंड

झारखंड को 7600 करोड़ मिले, 31 अगस्त तक सरकारी मीटरों को प्रीपेड...

झारखंड में एटीएंडसी लॉस 24 प्रतिशत, केंद्रीय विद्युत मंत्री ने जताई चिंता; अर्बन चैलेंज फंड के तहत मिलेंगे 7600 करोड़ रुपये केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को रांची में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि देश में औसत एटीएंडसी (ATC) लॉस करीब 15 प्रतिशत है, जबकि झारखंड में यह 24 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसे कम किए बिना बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की वित्तीय स्थिति मजबूत नहीं हो सकती। उन्होंने शहरी विकास के लिए ‘अर्बन चैलेंज फंड’ के तहत झारखंड को 7600 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। बैठक में पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस), डिस्कॉम के परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन, भविष्य की बिजली मांग तथा ट्रांसमिशन नेटवर्क की तैयारियों की समीक्षा की गई। मंत्री ने सरकारी विभागों और संस्थानों पर लंबित बिजली बिलों के समयबद्ध निपटारे पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि 31 अगस्त तक सभी सरकारी उपभोक्ताओं और संस्थानों के पारंपरिक बिजली मीटरों को अनिवार्य रूप से प्रीपेड मीटर में बदला जाए। इस अवसर पर नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी के. श्रीनिवासन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की धीमी प्रगति पर केंद्र ने जताई नाराजगी झारखंड में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू) के तहत चल रही परियोजनाओं की प्रगति को लेकर केंद्र सरकार ने चिंता जताई है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने राज्य में मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए विभिन्न योजनाओं में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। केंद्रीय मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित इस समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने मिशन के तहत अपेक्षाकृत कम व्यय (खर्च) होने पर भी चिंता जताई। बैठक में उपयोग किए गए जल के प्रबंधन (वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट), शौचालय एवं मूत्रालय निर्माण, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) और कचरे से कम्पोस्ट तैयार करने जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में हो रही देरी के कारणों की विस्तृत समीक्षा की गई। जनजातीय क्षेत्रों में बिजली नेटवर्क विस्तार और रूफटॉप सोलर पर जोर ग्रिड बिजली की समीक्षा: बैठक में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ (डीए-जेजीयूए) के तहत जनजातीय परिवारों तक ग्रिड बिजली पहुंचाने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। केंद्र सरकार ने लक्ष्य वाले गांवों और घरों में समयबद्ध तरीके से नए विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार को प्राथमिकता देने की बात कही गई। डीवीसी इंफ्रास्ट्रक्चर: बैठक में दामोदर वैली निगम (डीवीसी) के अधीन आने वाले छह जिलों में ट्रांसमिशन और विद्युत अवसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। इसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती मांग के बीच निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। रूफटॉप सोलर से घटेगा बिजली खरीद का बोझ: केंद्रीय मंत्री ने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ व ‘प्रधानमंत्री कुसुम योजना’ के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने छतों पर बड़े पैमाने पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की सलाह दी, ताकि बिजली खरीद का वित्तीय बोझ कम हो सके। Source link

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