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झारखंड

Monsoon Active, Trough Line Causes Rainfall Forecast

राज्य में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम में और उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड के अधिकांश हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं . इधर झारखंड में शनिवार की दोपहर मौसम में अचानक से बदलाव देखने को मिला। राजधानी रांची सहित गिरिडीह, हजारीबाग, चतरा, जामताड़ा, जमशेदपुर में झमाझम बारिश हुई। इस दौरान हवा की रफ्तार 40-50 किमी प्रतिघंटे के आसपास रही। राजधानी रांची सहित गिरिडीह, हजारीबाग, चतरा, जामताड़ा, जमशेदपुर में झमाझम बारिश हुई। बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से जामताड़ा में अलग-अलग जगहों पर एक बैल, तीन भेड़ें और दो बकरियों की मौत हो गई। इस दौरान वहीं पर मौजूद एक महिला और उसका बेटा घायल हो गया। बात तापमान की करें तो जारी आंकड़े के मुताबिक बीते 24 घंटे में डालटेनगंज राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चार दिन मिला-जुला रहेगा मौसम 24 जून तक राज्य में मौसम का मिजाज मिला-जुला रहेगा। इस दौरान अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 23 और 24 जून को विशेष रूप से उत्तर-पश्चिमी और मध्य भागों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है। इसके बाद 25 और 26 जून को भी राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। 20 और 21 जून को पूर्वी और मध्य भागों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। वहीं 22 से 26 जून के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से गढ़वा, पलामू, चतरा, गिरिडीह, हजारीबाग और कोडरमा जैसे जिलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ट्रफ लाइन की वजह से बारिश के आसार मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक झारखंड में मानसून धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है। पंजाब से बिहार तक ट्रफ लाइन बनी हुई है, जिससे राज्य में मौसम प्रभावित हो रहा है। साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश से आंध्र प्रदेश तक एक अन्य ट्रफ भी सक्रिय है, जिससे झारखंड में बारिश की स्थिति बन रही है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 23 जून तक मानसून राज्य के और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 23 जून तक मानसून राज्य के और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में झारखंड के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रह सकती है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान। किसानों के लिए यह मौसम लाभकारी हो सकता है, लेकिन अत्यधिक बारिश से कुछ क्षेत्रों में परेशानी भी बढ़ सकती है। 20 दिन में राज्य में 61% कम बारिश राज्य में 1 जून से 20 जून तक रांची में सबसे अधिक 100.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि यह सामान्य (97.2 मिमी) से थोड़ा अधिक यानी 3% ज्यादा है, लेकिन राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम रही है। पूरे झारखंड में इस अवधि में औसतन 36.4 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 92.5 मिमी है। यानी राज्य में कुल मिलाकर 61% की भारी कमी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में झारखंड के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रह सकती है। गढ़वा में एक भी मिमी बारिश नहीं हुई है। चतरा में 96%, साहिबगंज में 97% और पलामू में 90% तक वर्षा की कमी रही। बोकारो, देवघर, पूर्वी सिंहभूम और लोहरदगा जैसे जिलों में भी 60% से अधिक की कमी देखी गई है। दुमका में केवल 17% की कमी रही, जबकि रामगढ़ में 30% की कमी दर्ज की गई। Source link

झारखंड

व्यापारियों की समस्याओं पर 24 को विशेष कैंप, होगा मंथन

​भास्कर न्यूज|गुमला व्यापारियों को कर संबंधी प्रक्रियाओं में आ रही समस्याओं के समाधान और सरकारी नियमों के अनुपालन को सुगम बनाने के उद्देश्य से चेंबर ऑफ कॉमर्स का एक प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार को वित्त विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मिला। इस बैठक में व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। ​चेंबर अध्यक्ष राजेश लोहानी ने बताया कि व्यापारियों की सुविधा को देखते हुए 24 जून, बुधवार को एक विशेष कैंप का आयोजन किया जाएगा। यह कैंप बस स्टैंड स्थित सिद्धि विनायक होटल के चेंबर ऑफ कॉमर्स कार्यालय में सुबह से संचालित होगा। इस कैंप में वित्त विभाग के पदाधिकारी और कर्मचारी सीधे व्यापारियों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। आवश्यक पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करेंगे। बैठक के दौरान विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया कि झारखंड राज्य के जिन व्यापारियों के पास जीएसटी नंबर है, उनके लिए जेपीटी (झारखंड व्यवसाय कर) नंबर लेना अनिवार्य है। इसके लिए वार्षिक शुल्क ₹2500 निर्धारित किया गया है। व्यापारियों को राहत देते हुए यह सुविधा दी गई है कि कैंप के दौरान जो व्यापारी जेपीटी नंबर लेंगे, वे शुल्क का भुगतान अगले वर्ष निर्धारित समय पर कर सकेंगे। जीएसटी पंजीकरण पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा विभाग ने इस बात पर जोर दिया कि जिन व्यापारियों का वार्षिक टर्नओवर ₹40 लाख से अधिक है, उनके लिए जीएसटी पंजीकरण कराना अनिवार्य है। जो व्यापारी अभी तक जीएसटी पंजीकरण नहीं करा पाए हैं, वे भी इस विशेष कैंप में पहुंचकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं और विभागीय नियमों की बारीकियों को समझ सकते हैं।​चेंबर अध्यक्ष राजेश लोहानी ने सभी संबंधित व्यापारियों से इस कैंप का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। साथ में दस्तावेज भी लाने को कहा गया है। Source link

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जब भारत को दिशा चाहिए थी, बंगाल ने रास्ता दिखाया; PM मोदी...

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के स्थापना दिवस (20 जून) पर राज्य के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नाम एक शुभकामना संदेश लिखा है, जिसमें उन्होंने देश के इतिहास में बंगाल के महत्व को बताया है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में लिखा कि पश्चिम बंगाल दिवस के इस विशेष और ऐतिहासिक अवसर पर आपको और पश्चिम बंगाल की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं. मुझे यह बताते हुए भी खुशी हो रही है कि मैं इस दिन को राज्य के अपने भाई-बहनों के बीच, और वह भी तारकेश्वर में मना रहा हूं. यह स्थान 20 जून और पश्चिम बंगाल की स्थापना के लिए विशेष महत्व रखता है. उन्होंने लिखा कि आज पश्चिम बंगाल दिवस पर, हम इतिहास के एक महत्वपूर्ण दिन को याद कर रहे हैं और साथ ही उस संस्कृति का जश्न मना रहे हैं जिसके योगदान ने भारत की बौद्धिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आध्यात्मिक नींव को आकार दिया है. यह दिन पश्चिम बंगाल की जनता के जज्बे और भारत की सामूहिक यात्रा में उनकी अटूट भूमिका की सराहना करने का दिन है. सीएम सुवेंदु अधिकारी को संबोधित पत्र में पीएम मोदी ने कहा कि हमारे इतिहास के किसी भी कालखंड को ले लीजिए, विशेषकर आधुनिक काल को. जीवन के किसी भी क्षेत्र को ले लीजिए. आपको पश्चिम बंगाल और इस धरती से पोषित महान लोगों का व्यापक प्रभाव दिखाई देगा. जब भी भारत ने नए विचारों की तलाश की, पश्चिम बंगाल ने उन्हें प्रदान किया. जब भी भारत ने विचार के पुनर्जागरण की तलाश की, पश्चिम बंगाल ने मार्ग प्रशस्त किया. जब भी भारत ने कलात्मक परिष्कार, साहित्यिक उत्कृष्टता या सामाजिक जागृति की लालसा की, पश्चिम बंगाल ने अद्वितीय जोश और कल्पनाशीलता के साथ उत्तर दिया. जब भारत ने सीमाओं से परे एक आध्यात्मिक संदेश की आकांक्षा की, पश्चिम बंगाल ने ऐसे संत और विचारक पैदा किए जिनकी शिक्षाएं मानवता को प्रेरित करती रहती हैं. उन्होंने कहा कि उन्नीसवीं शताब्दी के महान जागरण में बंगाल अग्रणी रहा. बंगाल पुनर्जागरण ने हमारे राष्ट्र की चेतना को ही बदल दिया. जब भारत को बौद्धिक पुनरुत्थान की आवश्यकता थी, तब पश्चिम बंगाल ने हमें ऐसे विद्वान, दार्शनिक, सुधारक और वैज्ञानिक दिए जिन्होंने मानवीय समझ के क्षितिज को विस्तृत किया. जब भारत के लोग औपनिवेशिक शासन से पीड़ित थे, तब बंगाल से ही ‘वंदे मातरम’ का जन्म हुआ, जिसने एक सशक्त संदेश दिया और प्रत्येक भारतीय की भावना को समाहित किया. इस वर्ष हम वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मना रहे हैं और इस प्रकार मातृभूमि के प्रति भक्ति के इस शाश्वत आह्वान का जश्न मना रहे हैं. मैं अभी स्लोवाकिया से लौटा हूं, जहां स्लोवाकियाई गायकों ने इस गीत को खूबसूरती से गाया. यह वंदे मातरम की वैश्विक लोकप्रियता को दर्शाता है! आज पश्चिम बंगाल दिवस पर, मैं पश्चिम बंगाल के उन सभी महान व्यक्तित्वों को नमन करता हूं जिन्होंने विभिन्न तरीकों से भारत को समृद्ध किया है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के इतिहास की बात करें तो 20 जून का विशेष महत्व है. मैं आपको और पश्चिम बंगाल सरकार को इस दिन को राज्य स्थापना दिवस के रूप में मनाने के निर्णय के लिए बधाई देना चाहता हूं, जिससे युवाओं के साथ इस राज्य के इतिहास का जुड़ाव और गहरा होगा. 20 जून एक लोकतांत्रिक निर्णय का सम्मान करता है जिसने भारत के भीतर पश्चिम बंगाल की अनूठी भाषाई, सांस्कृतिक और सभ्यतागत पहचान को संरक्षित किया. यह हमें उस निर्णायक क्षण की याद दिलाता है जब इतिहास एक चौराहे पर खड़ा था और दूरदर्शी नेतृत्व ने यह सुनिश्चित किया कि लाखों लोग भारत के साथ अपने प्रिय संबंध को बनाए रखें. इस संदर्भ में, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया जाना चाहिए. अनिश्चितता और उथल-पुथल के समय में, उन्होंने उन लोगों की आकांक्षाओं को व्यक्त किया जो भारत का अभिन्न अंग बने रहना चाहते थे. पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल दिवस मनाने का निर्णय लोकतांत्रिक इच्छाशक्ति, संवैधानिक प्रक्रियाओं और विभाजन से प्रभावित अनगिनत परिवारों के बलिदानों को श्रद्धांजलि है. यह इस बात की याद दिलाता है कि इतिहास को ईमानदारी, संवेदनशीलता और कृतज्ञता के साथ याद किया जाना चाहिए. यह युवा पीढ़ी को उन परिस्थितियों को समझने का अवसर भी प्रदान करता है जिन्होंने समकालीन पश्चिम बंगाल को आकार दिया और यहां के लोगों द्वारा प्रदर्शित साहस की सराहना करने का अवसर देता है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष अप्रैल-मई में, पश्चिम बंगाल की जनता ने एक ऐसा चुनावी जनादेश दिया है जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा. एक ऐसे चुनाव में जिसमें रिकॉर्ड मतदान के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं की भारी भागीदारी देखी गई, पश्चिम बंगाल की जनता ने हमारी पार्टी को अपना आशीर्वाद दिया. उनकी एक सरल अपेक्षा थी कि पश्चिम बंगाल आशा, सुशासन और विकास की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करेगा. जनता चाहती थी कि पश्चिम बंगाल अपने बीते दिनों के गौरव को पुनः प्राप्त करे, जो दुर्भाग्य से अप्रचलित विचारधाराओं द्वारा नष्ट कर दिया गया था. एक सुखद संयोग से, यह आदेश ऐसे समय आया है जब हम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मना रहे हैं. मुझे बेहद खुशी है कि पिछले महीने पश्चिम बंगाल सरकार ने उल्लेखनीय गति और करुणा के साथ काम किया है. मैं इन प्रयासों के लिए आपको और आपकी टीम को बधाई देना चाहता हूं. पश्चिम बंगाल द्वारा आयुष्मान भारत योजना को अपनाते हुए देखकर प्रसन्नता हुई, जिससे करोड़ों परिवारों को लाभ होगा. आखिरकार, जरूरतमंदों को उच्च गुणवत्ता वाला और किफायती इलाज उपलब्ध कराना हमारा कर्तव्य है. पश्चिम बंगाल सरकार का सीमा बाड़बंदी और सुरक्षा के लिए भूमि उपलब्धता में तेजी लाने का निर्णय भी उतना ही सराहनीय है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने महिलाओं के लिए बस यात्रा, अन्नपूर्णा योजना का शुभारंभ और मां आहार योजना के विस्तार से संबंधित कदमों की सराहना की है. जैसा कि मैंने कहा, यह प्रशासन का करुणामय चेहरा दर्शाता है. वर्षों से सरकारी कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है. अब, सातवें वेतन आयोग को लाने के आपके प्रयास भी प्रशंसा के पात्र हैं. पश्चिम बंगाल सरकार ने बहुत कम समय में, निवेश को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया

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घर पर ऐसे बाएं सोया बिरयानी, भूल जाएंगे रेस्टोरेंट का टेस्ट, उंगली...

Last Updated:June 20, 2026, 11:20 IST घर पर खास तरीके से सोया बिरयानी बनाना अब बेहद आसान है. गृहणी राधिका प्रजापति ने रेस्टोरेंट जैसा स्वाद पाने का अनोखा तरीका बताया है. कुछ आसान ट्रिक्स से चावल एकदम खिले-खिले और खुशबूदार बनते हैं. मेहमान उंगलियाँ चाटते रह जाएंगे. इस समर वेकेशन में यह सीक्रेट रेसिपी हर किसी को ज़रूर आज़मानी चाहिए. ख़बरें फटाफट कोडरमा: अगर आप शाकाहारी हैं और प्रोटीन से भरपूर स्वादिष्ट बिरयानी का आनंद लेना चाहते हैं. तो सोया बिरयानी एक शानदार विकल्प है. यह खाने में लाजवाब होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होती है. गृहणी राधिका प्रजापति ने बताया कि कुछ आसान सामग्रियों और सही तरीके से पकाने पर घर में ही रेस्टोरेंट जैसी खुशबूदार सोया बिरयानी तैयार की जा सकती है. उन्होंने बताया कि सोया बिरयानी बनाने की शुरुआत बिरयानी चावल से होती है. सबसे पहले बिरयानी चावल को अच्छी तरह धोकर ठंडे पानी में लगभग एक घंटे के लिए भिगो दें. इससे चावल पकने के बाद लंबे और खिले-खिले बनते हैं. इस दौरान 7 से 8 प्याज को बारीक काट लें और अदरक-लहसुन का ताजा पेस्ट तैयार कर लें. सोयाबीन बरी को बनाएं मुलायमउन्होंने बताया कि इसके बाद अपनी पसंद के अनुसार आलू को उबालकर उसके छिलके हटा दें. उबले हुए आलू को हल्का सुनहरा होने तक तेल में फ्राई करके अलग रख लें. वहीं सोयाबीन बड़ी को गर्म पानी में 10 से 20 मिनट तक भिगोकर मुलायम कर लें और बाद में उसका अतिरिक्त पानी अच्छी तरह निचोड़कर अलग रख दें. इसके बाद एक गहरे बर्तन में कुकिंग ऑयल गर्म करें. इसमें 2 से 3 हरी मिर्च डालें और फिर कटा हुआ प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें. इसके बाद तेज पत्ता, लौंग, इलायची और दालचीनी डालकर मसालों की खुशबू आने तक पकाएं. फिर अदरक-लहसुन का पेस्ट मिलाकर कुछ मिनट तक भूनें. मसाले को अच्छी तरह भूनेंउन्होंने बताया कि मसाला तैयार होने पर इसमें आधी कटोरी दही डालकर अच्छी तरह मिलाएं और पकने दें. जब दही और मसाला अच्छी तरह से तेल छोड़ने लगे. तब इसमें हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और कश्मीरी मिर्च पाउडर डालकर धीमी आंच पर भूनें. अब इस मसाले में पहले से फ्राई किए हुए आलू और स्वादानुसार नमक डालें. इसके बाद भीगे हुए सोयाबीन को मिलाकर तब तक पकाएं जब तक सोया मसालों का स्वाद पूरी तरह सोख न ले. आखिर में भीगे हुए बिरयानी चावल डालकर सभी सामग्री को हल्के हाथों से मिलाएं और बर्तन को ढककर मध्यम आंच पर 15 से 20 मिनट तक पकने दें. मध्यम आंच पर 10 से 15 मिनट तक पकाएं राधिका ने बताया कि बिरयानी बनाते समय आंच तेज न रखें, क्योंकि तेज आंच पर चावल और मसाला नीचे से जल सकते हैं. लगभग 10 से 15 मिनट बाद ढक्कन हटाकर चावल को जांच लें. यदि चावल पूरी तरह पक चुके हों और मसालों की खुशबू चारों ओर फैलने लगे, तो आपकी सोया बिरयानी तैयार है. गरमा-गरम सोया बिरयानी को ताजे दही के रायते, सलाद और पापड़ के साथ परोसें. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kodarma,Jharkhand Source link

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पेंशन-मंईयां योजना के लाभुकों को तीन माह से नहीं मिली राशि

भास्कर न्यूज| गुमला जिले में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभुकों को तीन माह से राशि नहीं मिली है। लाभुकों का सत्यापन होना था, जो 30 मई को पूरा हो गया। लेकिन स्क्रूटनी और एंट्री नहीं होने के कारण 1.75 लाख से अधिक लाभुकों को पिछले तीन माह से राशि का भुगतान नहीं हुआ है। दोनों योजनाओं की कुल बकाया राशि 121 करोड़ 96 लाख रुपए से अधिक हो गई है। बड़ी संख्या में लाभुक सत्यापन पूरा होने के बावजूद अब तक राशि नहीं मिलने से परेशान हैं। वे बैंक से लेकर सरकारी कार्यालयों तक के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। सबसे अधिक प्रभावित मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुक हैं। जिले में इस योजना के करीब 1.54 लाख लाभुकों का लगभग 115 करोड़ 50 लाख रुपए बकाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इस सहायता राशि पर निर्भर हैं। लगातार तीन माह से भुगतान नहीं होने के कारण लाभुकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई महिलाओं का कहना है कि घरेलू जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक खर्चों के लिए यह राशि महत्वपूर्ण सहारा होती है। भुगतान में हो रही देरी से आर्थिक संकट गहरा गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जिले के 21,547 से अधिक वृद्ध, विधवा, दिव्यांग लाभुकों को पिछले तीन माह से पेंशन नहीं मिली है। इससे बकाया राशि बढ़कर 6 करोड़ 46 लाख 41 हजार रुपए से अधिक पहुंच गई है। केंद्र सरकार की पेंशन योजनाओं के 21 हजार से अधिक लाभुक भी राशि से वंचित हैं। राज्य सरकार के अधीनस्थ लाभुकों को जून 2026 तक का भुगतान कर दिया गया है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभुकों का भौतिक सत्यापन 30 मई तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। प्रारंभिक तौर पर सत्यापन की अंतिम तिथि 20 मई तय की गई थी। कार्य पूरा नहीं होने के कारण इसे 10 दिन बढ़ाकर 30 मई कर दिया गया था। सत्यापन की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी सेविकाओं, नगर निगम क्षेत्र में वार्ड पार्षदों, ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सचिवों सहित अन्य कर्मियों को दी गई थी। उन्होंने सत्यापन संबंधी दस्तावेज प्रखंड कार्यालयों में जमा कर दिए हैं। फिलहाल इन दस्तावेजों की स्क्रूटनी की जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जांच में सही पाए जाने वाले लाभुकों की ऑनलाइन प्रविष्टि पूरी होने के बाद ही भुगतान प्रक्रिया शुरू की जाएगी।लाभुकों का कहना है कि पेंशन ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में लगातार तीन माह तक भुगतान नहीं होने से दवा, भोजन और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। Source link

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DSSSB & AIIMS | 6000+ Sarkari Naukri Vacancy This Week 2026

Hindi News Career DSSSB & AIIMS | 6000+ Sarkari Naukri Vacancy This Week 2026 | Top Jobs List 8 मिनट पहले कॉपी लिंक इस हफ्ते निकली हैं DSSSB और एम्स सहित कई विभागों में 6312 पदों पर नौकरियां। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 5 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 5 ग्राफिक्स के जरिए जानिए: ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक . दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… MPPSC ने 949 पदों पर निकाली भर्ती: SBI में प्रोबेशनरी ऑफिसर की 1500 वैकेंसी, सैलरी 57 हजार से लेकर 85 हजार तक जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर दिल्ली में टीचिंग, नॉन टीचिंग के 1979 पदों पर भर्ती: फीस 100 रुपए, सैलरी मिलेगी 1 लाख 44 हजार तक जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर AIIMS के किसी भी संस्थान में भर्ती का मौका: 1484 पद भरे जाएंगे, 1 लाख 42 हजार तक सैलरी जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर Source link

झारखंड

पानी पर पहरा … अवैध कनेक्शन की जांच के लिए घर-घर पहुंचेगी...

भास्कर न्यूज|गुमला गुमला शहर में मकानों की संख्या दस हजार से अधिक है। इनसे होल्डिंग टैक्स की भी वसूली होती है। लेकिन महज 2105 नल के वैध कनेक्शन हैं। टैक्स वसूली करने वाली स्पाइरो संस्था की रिपोर्ट के अनुसार वैध कनेक्शनों के अलावा बड़ी संख्या में नलों के अवैध कनेक्शन भी हैं। ऐसे में अब नप ने अवैध तरीके से नल कनेक्शन चलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। नप ने पानी की चोरी करने वालों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। इस टीम में नप के कर्मियों के अलावा स्पाइरो संस्था के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। यह टीम शहरी क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाएगी। ईओ ने बताया कि विभाग की आंतरिक समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई है कि शहरी क्षेत्र में कई लोगों ने बिना अनुमति अवैध तरीके से नल का कनेक्शन ले रखा है। इतना ही नहीं, कई घरों में सीधे नल में ही मोटर लगाकर पानी खींचा जा रहा है। शहर के कई होटलों, लॉज, अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कमर्शियल दर पर कनेक्शन लेने के बजाय घरेलू नल कनेक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे नगर परिषद को हर महीने बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान हो रहा है। ईओ ने स्पष्ट किया कि टैक्स की इस चोरी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गठित टीम में जेई दीनानाथ भगत, राहुल कुमार, गौरव कुमार, स्पाइरो के प्रकाश विश्वकर्मा, मोहर साहू, ज्ञान, अन्य लोग शामिल हैं। टीम ने शुक्रवार को खड़ियापाड़ा इलाके में कुछ घरों की जांच की। इसमें प्रथम दृष्टया अवैध कनेक्शन की पुष्टि हुई। अब सभी के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। कनेक्शन की भी जांच होगी। जल का कनेक्शन लेने के लिए नागरिकों को अधिकतम 30 हजार तक खर्च करना पड़ता है। इसलिए भी अवैध कनेक्शन वाले इसे वैध कराने में रूचि नहीं दिखाते। एक हजार स्क्वायर तक के मकान पर 7000, 2000 तक के लिए 14000 और तीन हजार से अधिक स्क्वायर के मकान पर 24000 निकाय में खर्च है। इसके अतिरिक्त 1500 वाटर मीटर चार्ज और फिर पाईप व फिटिंग खर्च करना होता है। आवेदन देने के पश्चात टीम के भौतिक निरीक्षण के उपरांत कनेक्शन देने की प्रकिया दस्तावेज लेकर पूरी की जाती है। Source link

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‘कट्टरता और नफरत अपने पास रखो’, अंदरूनी मसले पर अनाप-शनाप बोल रहे...

भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर राजनयिक तल्खी बढ़ गई है. पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा भारत के आंतरिक मामलों और धार्मिक स्थलों को लेकर दिए गए बयान पर भारत सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति की टिप्पणियों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह से अनुचित, हास्यास्पद और दुर्भावना से प्रेरित करार दिया है. भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने या टिप्पणी करने का कोई कानूनी या नैतिक अधिकार नहीं है. वाराणसी की मस्जिद का जिक्र कर जरदारी ने दिया था बयानदरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारत में ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों को कथित रूप से ढहाए जाने और उन्हें लेकर दी जा रही धमकियों का मुद्दा उठाया. अपने बयान में जरदारी ने विशेष रूप से वाराणसी की मस्जिद गंज शहीदा का जिक्र किया जिसे उन्होंने लगभग 1,000 वर्ष पुरानी मस्जिद बताया. जरदारी ने भारत सरकार से ऐसी कार्रवाइयों को तुरंत रोकने का आग्रह करते हुए दावा किया था कि ये कदम भारत में सामाजिक विघटन और स्थायी अराजकता की स्थिति पैदा कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की अपील भी की थी. पहले अपना काला इतिहास देखे पाकिस्तानपाकिस्तानी राष्ट्रपति के इस राजनीतिक दांव पर भारत ने बिना देर किए बेहद सख्त और तीखा जवाब दिया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान का अपना मानवाधिकार रिकॉर्ड बेहद दयनीय और अंधकारमय रहा है, जो खुद वैश्विक स्तर पर हमेशा आलोचना का विषय बना रहता है. भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में विभिन्न धर्मों के अल्पसंख्यकों (हिंदू, सिख, ईसाई आदि) को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाने और उनका उत्पीड़न करने का एक लंबा और बदनाम इतिहास रहा है. कट्टरता और नफरत की राजनीति का हिस्साभारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि ऐसी जमीनी हकीकत के बीच पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी का यह बयान केवल एक जानबूझकर किया गया राजनीतिक हमला है. भारत के अनुसार, यह पूरी तरह से पाकिस्तान की राष्ट्रीय नीतियों का हिस्सा है जो कट्टरता, पूर्वाग्रह और नफरत पर आधारित हैं. भारत ने पाकिस्तान को नसीहत दी है कि वह दूसरों के मामलों में झांकने के बजाय पहले अपने देश के भीतर अल्पसंख्यकों की बदहाल स्थिति और मानवाधिकारों के रिकॉर्ड को सुधारने पर ध्यान दे. पाकिस्‍तान को भारत के जवाब से जुड़ी 5 मुख्य बातें • MEA द्वारा बयान खारिज: भारत ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बयान को पूरी तरह अनुचित, हास्यास्पद और बेतुका बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया. • आंतरिक मामलों में दखल: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का पाकिस्तान को कोई अधिकार (Locus Standi) नहीं है. • वाराणसी की मस्जिद का मुद्दा: पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने वाराणसी की करीब 1,000 साल पुरानी ‘मस्जिद गंज शहीदा’ का जिक्र कर भारत में अराजकता फैलने की बात कही थी. • पाकिस्तान के मानवाधिकारों पर सवाल: भारत ने पलटवार करते हुए पाकिस्तान के खुद के बेहद खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली उसकी किरकिरी को याद दिलाया. • अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का आरोप: भारत ने कहा कि पाकिस्तान का इतिहास अपने ही देश में विभिन्न धर्मों के अल्पसंख्यकों को व्यवस्थित रूप से प्रताड़ित और निशाना बनाने का रहा है. सवाल-जवाब भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति की टिप्पणियों पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया दी? विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति के बयानों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें ‘अनुचित’, ‘हास्यास्पद’ और ‘राजनीतिक हमला’ करार दिया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में बोलने का कोई अधिकार नहीं है. पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारत के किस ऐतिहासिक स्थल का विशेष रूप से उल्लेख किया था? आसिफ अली जरदारी ने अपने बयान में विशेष रूप से वाराणसी की ‘मस्जिद गंज शहीदा’ का उल्लेख किया था, जिसे उन्होंने लगभग 1,000 साल पुरानी मस्जिद बताया और उसके ढहाए जाने की आशंका पर चिंता जताई थी. भारत ने पाकिस्तान को उसके किस रिकॉर्ड की याद दिलाते हुए घेरा? भारत ने पाकिस्तान को उसके खुद के बेहद खराब और दयनीय मानवाधिकार रिकॉर्ड की याद दिलाई. भारत ने कहा कि पाकिस्तान में विभिन्न धर्मों के अल्पसंख्यकों को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाने और उनका उत्पीड़न करने का एक लंबा और बदनाम इतिहास रहा है. भारत के अनुसार, पाकिस्तान के राष्ट्रपति का यह बयान किस नीति से प्रेरित है? भारत के अनुसार, राष्ट्रपति जरदारी का यह बयान किसी वास्तविक चिंता से नहीं बल्कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय नीतियों में शामिल कट्टरता, पूर्वाग्रह और भारत के प्रति नफरत फैलाने की राजनीति से प्रेरित है. Source link

झारखंड

रांची में चाहिए सस्ता होटल, तो यहां महज ₹200 में मिलेगा कमरा,...

Last Updated:June 20, 2026, 12:17 IST रांची के अपर बाजार में माहेश्वरी, अग्रसेन और अग्रवाल भवन सस्ते ठहरने के बेहतरीन विकल्प हैं. यहां ₹200 में रूम और ₹20 में एक्स्ट्रा बेड मिलता है. मात्र ₹20-30 में भरपेट भोजन की सुविधा भी है. बारात के लिए ₹2000 में बड़ा हॉल और कैटरिंग की व्यवस्था है. कम बजट वालों के लिए यह जगह बिल्कुल बेस्ट है. आगामी लग्न के सीजन में अगर आपका बजट टाइट है और आप रांची में सस्ते ठहरने की जगह ढूंढ रहे हैं, तो अपर बाजार स्थित माहेश्वरी भवन एक बेहतरीन विकल्प है. यहां महज ₹200 के हिसाब से रूम मिल जाता है. इसके ठीक सामने अग्रसेन भवन और अग्रवाल भवन भी मौजूद हैं. इन तीनों जगहों पर बजट में अच्छी सुविधाओं के साथ आसानी से रूम मिल जाते हैं. इसके लिए आपको रांची के अपर बाजार स्थित सेवा सदन अस्पताल के पास आना होगा. अस्पताल के पास ही लाइन से तीन-चार धर्मशालाएं हैं. इनमें सबसे प्रमुख माहेश्वरी भवन है. यहां की खास बात यह है कि लोग बारात ठहराने और पार्टी के लिए इसकी सुविधाओं को बहुत पसंद करते हैं. यहां एकदम टाइट बजट में आपके सारे काम बेहद आसानी से हो जाएंगे. यदि आप रूम के साथ अतिरिक्त बेड चाहते हैं, तो यहां महज ₹20 के हिसाब से एक्स्ट्रा बेड मिल जाता है. इसके अलावा, यहाँ बेहतरीन कैंटीन फैसिलिटी भी उपलब्ध है. जहां मात्र ₹20-30 में भरपेट स्वादिष्ट भोजन मिलता है. कम खर्च में शानदार सुविधाओं और किफायती खाने के कारण ही यह जगह मिडिल क्लास (मध्यमवर्गीय) परिवारों की पहली पसंद बनी हुई है. Add News18 as Preferred Source on Google अग्रसेन भवन के संचालक संदीप के अनुसार, कम बजट में बारात ठहराने के लिए यह धर्मशाला सबसे बेस्ट है. यदि आपका बजट और भी कम है, तो आप महज ₹2000 में पूरा हॉल बुक कर सकते हैं. इस हॉल में 20 से 25 बेड, कंबल, कूलर और पीने के लिए आरओ (RO) पानी जैसी सभी जरूरी सुविधाएं दी जाती हैं. कम खर्च में यह एक बेहतरीन और आरामदायक विकल्प है. यहां वॉशरूम की फैसिलिटी भी काफी जबरदस्त है और साफ-सफाई एकदम चकाचक रहती है. जिससे शिकायत का कोई मौका नहीं मिलता. शादी के सीजन में सस्ते धर्मशाला की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह बिल्कुल सही जगह है. इसके अलावा यदि आप सिर्फ रांची घूमने आते हैं और कम बजट में ठहरने का बेहतरीन बंदोबस्त देख रहे हैं, तो आपको यहां एक बार ज़रूर आना चाहिए. अग्रवाल भवन के बारे में संचालक सत्येंद्र बताते हैं कि यहां भी बहुत सस्ते में रूम मिल जाते हैं. हर रूम में अटैच वॉशरूम की सुविधा है. यहां एक रूम में तीन से चार बेड लगे होते हैं और साफ-सफाई एकदम बढ़िया रहती है. इस भवन में नीचे कैंटीन की फैसिलिटी भी उपलब्ध है. जहां मात्र ₹20 में बढ़िया खाना मिलता है. यही कारण है कि शादी के सीजन में यहां बुकिंग के लिए लोगों की होड़ मची रहती है. यहां का मैरिज हॉल भी काफी बड़ा है. जहां एक साथ कम से कम 500 लोग आसानी से पार्टी कर सकते हैं. यहां कैटरिंग और सजावट (डेकोरेशन) जैसी सभी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध हैं. जिनकी बुकिंग आप यहाँ आकर कर सकते हैं. सब कुछ एक ही छत के नीचे मिल जाने के कारण यह जगह लोगों की पसंदीदा बनी हुई है. Source link

झारखंड

जल जीवन मिशन में गड़बड़ी : पिंडाटांड़ में 60 जलमीनारें, पर 11...

भास्कर न्यूज|गिरिडीह सदर प्रखंड की पिंडाटांड़ पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत हर घर शुद्ध पेयजल देने की योजना में भारी गड़बड़ी सामने आई है। वर्ष 2023-24 में हर घर नल-जल योजना के तहत पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल-2 ग्रामीण क्षेत्र ने पंचायत के 9 गांवों में सोलर पैनल वाली 60 जलमीनारें लगाई। इनमें 18 जलमीनारें ऐसे स्थानों पर लगाई गईं, जहां इलाका पूरी तरह ड्राई जोन था। बोरिंग में पानी ही नहीं निकला। इसके बाद भी सोलर पैनल और टंकी लगा दी गई। लोगों को आज तक एक बूंद पानी नहीं मिला। बाकी 40 जलमीनारों में प्राक्कलन के मुताबिक बोरिंग नहीं कराई गई। नतीजा यह हुआ कि छह माह के भीतर 19 जलमीनारों ने काम करना बंद कर दिया। एक साल के भीतर 37 जलमीनार मृत हो चुकी हैं। कुछ जलमीनार मामूली खराबी के कारण बंद पड़ी हैं। अभी स्थिति यह है कि पूरी पंचायत में सिर्फ 11 जलमीनारों से लोगों को पानी मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि न विभाग गंभीर है, न एजेंसी। योजना के एवज में एजेंसी को 75 फीसदी से अधिक भुगतान हो चुका है। उद्देश्य नियमित और सुरक्षित पेयजल देना था, जमीनी हालात उलट हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई जगह डीप बोरिंग में पानी नहीं मिलने के बाद भी जलमीनार का ढांचा खड़ा कर दिया गया। कुछ जगह निजी बोरिंग के सहारे जलमीनार लगा दी गई। इससे आम लोगों को लाभ नहीं मिल रहा। पंचायत के अधिकतर जलमीनार असरदार तरीके से काम नहीं कर रही। कुछ जलमीनारों में 50 लीटर पानी भी जमा नहीं हो पाता। कई पूरी तरह सूखी पड़ी हैं। आरोप है कि कुछ जगह पर ठेकेदार ने प्रभावशाली लोगों से मिलीभगत कर निजी परिसर या बाउंड्री के अंदर बोरिंग कर जलमीनार लगा दी। इससे लोगों की पहुंच सीमित हो गई। कई जलमीनारों पर गिने-चुने लोगों का कब्जा है। वे दूसरों को पानी नहीं लेने देते। लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। कई बार विभाग और अधिकारियों से शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ। जल्द होगी मामले की जांच,गड़बड़ी सुधारी जाएगी : अंबाला पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अविक अंबाला ने कहा कि उनके योगदान के पूर्व की यह योजना है। उनके कार्यकाल में एजेंसी को कोई भुगतान नहीं हुआ है। कहा कि पहले के अभियंता ने यदि गलत भुगतान किया है तो उसकी जांच होगी​। सबसे पहले पिंडाटांड़ का दौरा जल्द कर पूरी जांच की जाएगी। जहां गड़बड़ी है उसमें सुधार किया जाएगा। तकनीकी खराबी, जलस्रोत की समस्या या अतिक्रमण मिलेगा, वहां सुधारात्मक कार्रवाई होगी। धांधली पुष्टि होने पर एजेंसी पर भी कार्रवाई की जाएगी। गड़बड़ी को दुरुस्त करना होगा : मुखिया मुखिया पुष्पा देवी ने कहा कि पंचायत में पेयजल किल्लत की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। कुछ स्थानांे पर तकनीकी गड़बड़ी या संचालन में दिक्कत है, उसकी जानकारी विभाग को दे दी गई है। सभी ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल देना प्राथमिकता है। इसलिए गड़बड़ी को दुरुस्त करना होगा। Source link

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